Vichar Manthan

Mere vicharon ka sangrah

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Shobha


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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

शोभाजी नमस्कार, विपक्ष द्वारा संसद में हंगामा करना, हर बात का तिल का पहाड़ बनाना, केवल जनता के विकास कार्यों को रोकना मात्र है, कारण मोदी जी का तेज रफ़्तार से चलता हुआ विकास रथ है, काले धनपतियों की काली कमाई मिट्टी में मिलाने का आक्रोश है ! इन विपक्षियों को तो गूंगा, बहरा और अंधा प्रधान मंत्री चाहिए, जो सरकारी खाजाने पर पड़ने वाले डाके को देखकर आँख, कान और मुंह बंद कर दे ! लेकिन मोदीजी तो विकास पुरुष है उन्हें अपने देश की चिंता है, वे संयम सच्चे ईमानदार, गुणवान, सदाचारी संत वफादार, जन सेवक हैं, वे काला धनपतियों के काले कारनामों से पर्दा हटा रहे हैं और विपक्ष उसे ढकने का अथक प्रयासद कर रहा जनता के पैसों को बर्वाद करके ! विस्तृत और स्पष्ट लेख के लिए बधाई !

के द्वारा: harirawat harirawat

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

के द्वारा: achyutamkeshvam achyutamkeshvam

शोभाजी नमस्कार ! जेएनयू में प्रधान मंत्री का पुतला फूंकना, पाकिस्तान के जैकारा का नारा लगाना, ये उन कांग्रेसी और वामपंथी शक्तियों का काम है जिन्होंने अपने शासनकाल में देश को पीछे धकेला, भ्रष्टाचार रिश्वत खोरी फैलाया, जनता के पैसों को विकास की जगह अपने परिवार, नाते-रिश्तेदारों का विकास करवाने में खर्च किया! कालाधन का विस्तार किया, विदेशी बैंकों में तो जमा करवाया ही साथ ही अपने डब्बल ब्याड के अंदर भी सुरक्षित समझ कर रखा, गरीबों को और गरीब बनाया ! अब इनके ये रास्ते बंद होगये हैं ! सोने चांदी ड्रैग की तस्करी पर रोक लग गयी, ऊपर की इनकम बंद होगयी,नशिडी को नशा न मिले वह तिलमिलाने लगता है, वैसे ही इनकी हालात है ! इनमें कुछ वे गद्दार भी हैं जो देश की सुरक्षा की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान-चीन को पहुंचाते थे और भारी भरकम इनकम बदले में लेते थे, अब सारे रास्ते बंद होगये ! इन कमीनों को विश्व विद्यालय से ही निष्कासित कर जेल में बंद कर देना चाहिए !

के द्वारा: harirawat harirawat

शोभाजी नमस्कार ! ये सारे घटनाचक्र ये दिखाते है की कांग्रेसी मोदी की दिनों दिन बढ़ती हुई लोक प्रियता से इतना घबरा गए हैं की इन्हें कुछ सूझ ही नहीं रहा है की क्या करें, जिसे हमने अपने लंबे शासन के दिनों में सोचा भी नहीं था वह मोदी जी प्रत्यक्ष करके दिखा रहे हैं जनता में उनके विकास के कार्यों की प्रशंसा हो रही है, पाकिस्तान के अंदर जाकर सर्जिकल स्ट्राइक सैनिकों से कराकर एक नया इतिहास रच दिया, अरे आतंकी सरगनाओं की कमर ही तोड़ के रखदी ! ये कमीने जो प्रूफ मांग रहे हैं ये सारे दैशतगर्दी में जी रहे हैं, बड़े बड़े घोटाले किये हैं उसके बोझ तले दब रहे हैं, मरता क्या न करता, घोटाला के बोझ के तले पड़े हैं मोदी जी को जिम्मेदार बता रहे हैं ! अब इनके पास क्या रह गया बकवास करने के, ताकी कम से कम मीडिया में तो जीवित रहें !

के द्वारा: harirawat harirawat

शोभाजी नमस्कार ! मोदीजी के प्रधान मंत्री बनने पर सबसे बड़ी चोट सोनिया और राहुल को लगी ! वे तो अभी तक इस भरोसे से जी रहे थे की भारत में केंद्र के शासक केवल नेहरू गांधी के वंशज ही हैं ! अरे भाई, सबसे पहले राहुल से पूछो की दादा तो फिरोजखान फिर तुम गांधी कैसे होगये ? दूसरे और डरने वाली बात जो सोनिया और राहुल को हर वक्त परेशान कर रही है इस परिवार का बोफर्स, रक्षा संबंधी खरीद फरोख्त में घोटाला, नॅशनल हैराल्ड में करोड़ों का घोटाला, ! क्या ये लोग ईमानदार, विकास पुरुष को अपशब्द कह कर उनके देश के प्रति किये गए सुधारों पर नकारात्मक टिप्पणी करके,वे इन अफराधों से मुक्त हो जाएंगे ! मोदी जी का पुतला जाने की वकालात करने वाले ये सारे देश के गद्दार हैं और इन्हें क़ानून के दायरे में शक्त से शक्त सजा मिलनी चाहे ! विस्तरी लेख के लिए साधुवाद ! शोभा जी मैं कुछ ही दिन पहले स्वदेश आया हूँ !

के द्वारा: harirawat harirawat

जय श्री राम शोभा जी मोदीजी की बढती लोकप्रियता से कांग्रेस इतनी घबराई की इस नीच हरकत पर उतर आई.न्सुई कांग्रेस का संगठन है बिना सोनिया राहुल के ये हरकत नहीं हो सकती ऊपर से कांग्रेस के नेता इसे सही साबित कर रहे.देश के विरोधी राजनेता कुर्सी के लिए देश बेच सकते है.प्रधान मंत्री देश का होता है न की दल का !मोदीजी ने पकिस्तान को अलगथलग कर बहुत बड़ी कूटनीतिक सफलता प्राप्त की और सर्जीलाल स्ट्राइक कर उसकी बोलती बंद कर दी.जे एन यू देश द्रोही कार्यवाही के लिए ज्यादा प्रसिद्द है और अदालते बहुत जल्दी जमानत दे देती है.ऐसी हरकते अमेरिका पच्छिमी देशो में नहीं होती इनके खिलफ राष्ट्र द्रोह का मुकदमा चलना चाइये.सुन्दर लेख के लिए आभार.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम शोभा जी सुन्दर विवरण के लिए बधाई.जब खर दूषण त्रिशरा मारे गए और सूचना सूपनखा ने रावण को दी तो उसने विचार किया खर दूषण मोई सम बलवंता तिन्ही को मारे  बिन भगवंता,तब रावन ने सोचा के होहई भजन न तामस  देहा इससे अच्छा भगवान् के हाथ मर  कर मुक्ति पाऊ इसीलिये वह युद्ध बंद नहीं कर रहा था जबकि मंदोदरी,कुम्भकरण,हनुमानजी,अंगद जी माल्यवंत  आदि ने बहुत  समझाया ,उसकी सोच यदि साधारण मनुष्य तो जीत  लेंगे और भगवान् हुए तो मुक्ति मिल  जायेगी.भगवान् राम को जीतने में बहुत मेहनत  और बहुत योजनाये बनानी पडी.मरते वक़्त उसने लक्ष्मण जी को जो उपदेश दिए वे बहुत ही व्यावारिक थे.१.अच्छे  काम  को फ़ौरन करे बुरे को ताल दे फिर कहता हमने सीताजी का अपहरण कर लिया लेकिन स्वर्ग तक सीडी बनवाना और समुद्रजल को मीठा बनाने का काम ताल गया.रामायण जितनी पढी जाए उतनी ज्ञान बढ़ता खास कर कथावाचको द्वारा.आपकी सुन्दर लेखन कला के लिए शब्द नहीं.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

श्री आदरणीय रमेश जी यदि मैं पढ़ती नहीं कथावाचक होती | में अपनी नानी और दादी को रामायण और भागवत सुनाया करती थी उस उम्र में अधिक समझ नहीं आता था अब तो हर प्रसंग का मर्म समझ में आता है | आपके लेखों से संस्कृति का महत्व समझ में आता है स्टूडेंट लाईफ में वैसा ही सोचती थी जैसा सभी सोचते हैं आपको एक प्रसंग लिख रही हूँ मेरा बेटा इंजीनियर है चंडी गढ़ में पढ़ा है मेरा मन था वह आगे एमबीए करे उसे शौर्ट कट चाहिए था अच्छी नौकरी मिल गयी अब क्या पढना हमारी जानकारी में एक महानुभाव थे उनके घर सुंदर काण्ड का पाठ था लेकिन जिन्होंने पाठ करना था वह आ नहीं सके शायद कोइ नाराजगी होगी उन्होंने मेरी बहनों को कहा मिल कर पाठ कर लेते हैं उन्होंने मुझे भी बुलावा भेजा में उनका साथ दे दूँ | मैं अपने बेटे से बातें कर रही मन में कहींसोच था लडका आगे और पढ़ लेता कितना अच्छा होता|विशवास करना मुश्किल हो गया घर आई वह ही अपनी मेज पर आगे पढ़ाई की तैयारी के लिए किताब खोल कर नोट्स बना रहा था सिलेक्ट भी हो गया सेक्शन में फर्स्ट आया घर मैं नास्तिक मानी जाती थी |

के द्वारा: Shobha Shobha

जय श्री राम शोभा जी बहुत ही सुन्दर पूर्ण तथ्यों के साथ लिखा लेख जिसकी जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है.ये देश का दुर्भाग्य है की देश के कुछ नेता जो मोदी विरोध में इतने पागल हो गए की उन्हें सेना और देश की प्रतिष्ठा की भी परवाह नहीं कर रहे.किसी भी देश ने भारत की आलोचना की यूरोपियन यूरोप,रूस,अफ़ग़ानिस्तान,बंगलादेश संयुक्त राज इमिरत (UAE) ने समर्थन किया देश में एक कानून है जिससे ऐसे नेतो के ऊपर राष्ट्र द्रोह का मुकदमा चल सकता है.केजरीवाल कांग्रेस निम्न स्तर की राजनीती कर रहे इसीलिए पाकिस्तान मीडिया में छाए है.इनकी देशवाशियो को निंदा करनी चाइये.ये काम यदि कांग्रेस व्यान से सहमत नहीं तो क्यों नहीं इन नेताओ को निकलती .देशवाशियो को हर उपाय से इनकी निंदा करनी चाइये.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

के द्वारा: sangeetasinghbhavna sangeetasinghbhavna

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: Megha Megha

जय श्री राम शोभाजी  आपका विस्तृत  लेख पढ़ा आप बहुत आची तरह अपनी बात रखती है अब समय आ गया जब पकिस्तान को सबक सिखाना है.कल सुष्माजी का संयुक्त राष्ट्र संघ में भाषण बहुत अच्छा था खूब कवाब दियायुद्ध के पहले नदियो का पानी बंद कर दे,सभी तरह के सम्बन्ध तोड़ दे,अपने स्पेस से पाकिस्तानी हवाई जहाज़ प्रतिबंधित कर दे,बस रेल सेवा बंद कर विशिष राष्ट्र दर्ज़ा रद्द कर दे संसद से पाकिस्तानी को आतंकवादी राष्ट्र घोषित कर फिर दुसरे राष्ट्र को भी ऐसा करने के लिए परित करे.महिला ब्रिगेड तो हमारी सेना ने शुरू की है कश्मीर में भी लोग आ रहे है.जब पूरा देश आक्रोशित है अब भी कांग्रेस,जद(यू) शिव सेना राजनीती कर रहे है.कुछ लोग अभी भी बातचीत की बात करते ऐसे लोगो की निंदा करनी चाइये.सुन्दर लेख के लिए बधाई.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

प्रिय सरिता जी आपकी प्रतिक्रिया ने मुझे मचान पर चढा दिया यह सही बात है मुझे अनेक भाषाओं को जानने का मौका मिला दूसरा कई देशों में जाने का अवसर भी मिला आपकी बेटी की तरह मुझे भी भगवान ने बेटी रत्न दिया है वह विदेश में है परन्तु योरोप में अपने काम के सिलसिले में जाती है वह मेरे हर लेख की क्रिटिक है |मैं सबमें बहुत जल्दी घुल मिल जाती हूँ लेकिन जैसी परिष्कृत भाषा आप लिखती हैं मैं नहीं लिख सकती मुझे अनेक भाषाओं के शब्द तंग करते हैं ग्रामर में भी मुश्किल पडती है मेरे पिता की मृत्यु जल्दी हो गयी थी वह लिखते थे अचानक मैने और मेरी दो बहनों ने भी लिखना शुरू कर दिया एक वहन अंग्रेजी में लिखती है एक जानी मानी व्यंगकार है में आपके सामने हूँ मेरे पिता छोटी सी बात को नाटकीय बना देते थे लेख पढने पसंद करने के लिए धन्यवाद अकूत शायद उर्दू का शव्द है |

के द्वारा: Shobha Shobha

श्री जवाहर जी हमारी विदेश नीति सदैव पाकिस्तान और सभी पड़ोसियों से मित्रता की रही है पाकिस्तान भारत की कूटनीति में चारो तरफ घिरा हुआ है उरी पर आतंकवादी हमला उसके पाले आतंकियों के सरताजों ने करवाया इस लिए आज का पूरा दिन नवाज पर सख्त गुजरा युद्ध कोई हल नहीं है फिर भी सख्त कार्यवाही की चेतावनी देना ही बड़ी बात रही है | आज कश्मीर में भर्ती हो रही थी अलगाववादियों की धमकी और अपील के बाद भी कश्मीरी युवक भीड़ लगा कर नौकरी की इच्छा से पुलिस कार्यालयों में आये |शिकारे खाली खड़े रहे सैलानियों का इंतजार करते रहे |आगे सर्दी आ रही है |जो हाल पाकिस्तान ने पीओके का किया है व्ही हमारे कश्मीर का होगा सब समझते हैं परन्तु जब दीन जेहाद की बात की जाती है मुस्लिम की जुबान बंद हो जाती है अमेरिका में ट्रम्प आतंकवाद का विरोधी है वह आगे जा रहा है यदि रिपब्लिकन जीत गये त ब पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा वह लाडला बच्चा नहीं रहा |

के द्वारा: Shobha Shobha

श्री जवाहर जी जिनको आशुतोष ने धार पर लिया वह भारतीय राजनीति को दिशा देने वाले महान लोग थे | जैसा अभियोग लगा है राशन कार्ड देने के नाम पर गरीब महिला को घर नहीं बुलाते थे आजादी मिलने के बाद देश समस्याओं से घिरा था आज जैसे हालत नहीं थे उस समय के लोगों को आज भी याद है राशन की दुकानों पर कैसा गेंहूँ मिलता था इंदिरा जी के समय में हरित क्रान्ति हुई थी तब देश की हालत सुधरी कालेज में कई वर्ष पढाया है इस लिए लिखने में आसानी रहती है | मेरे गुरु श्री राम शर्मा कहते थे भाषा ऐसी होनी चाहिए जिसमें ऐसा लगे जैसे आप बिना श्रम के तैर रहे हों मैं लिखती हूँ परन्तु ऐसी भाषा अभी लिख नहीं सकती फिर भी कोशिश करती हूँ

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीया डॉ. शोभा जी, सादर अभिवादन! आप तो धाराप्रवाह हैं, साथ ही आपको सबकुछ याद भी रहता है. आपने विषय जरूर 'आआप' का उठाया पर महात्मा गाँधी, सुभाष चन्द्र बोस, नेहरू, लोहिया से लेकर जॉर्ज फर्नाडिश तक के गुणगान कर दिए. जबकि ज्यादातर चैनेल सी डी को ही भुना रहे हैं. मेरा आम आदमी पार्टी के साथ थोड़ी हमदर्दी रही है, पर जब से मैंने सी डी कांड को देखा-सुना है, तब से मेरी कलम ही रुक गयी है. आम आदमी पार्टी नया 'फंडा' लेकर आयी थी. पर शुरू से विवादों में रही. प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव आदि को पार्टी से निकाल कर पहली गलती किया. फिर जीतेन्द्र सिंह तोमर का भी बचाव बहुत दिनों तक करते रहे. ...बार बार मोदी पर हमला और जंग से जंग ... उधर पंजाब में भी हालात खस्ता ही होने वाली है. वैसे भी अन्य दल आआप पर हमला करने का कोई भी मौका गंवाना नहीं चाहते. वर्तमान राजनीति की दिशा किधर जाकर थमेगी पता नहीं. दिल्ली में जल जमाव पर अमरीकी विदेश मंत्री की टिप्पणी भी दिल्ली प्रशासन को आइना दिखलाने के लिए काफी है. बस देखते जाना है 'जिओ के साथ जीने' की आदत डालनी होगी. सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

श्री नकवी जी मुझे विदेश में पाकिस्तान के बुद्धिजीवी समाज के साथ रहने का अवसर मिला वह अक्सर कहते थे नार्थ वेस्ट फ्रंटियर पठान बार्डर को नहीं मानता बलूचों ने कभी पाकिस्तान से अपने को नहीं जोड़ा उनका प्रदेश समृद्ध है पर उनको उसका कोई लाभ नहीं मिलता आर्मी में भी बहुत कम बुलोच हैं सिंध ने मुहाजरों को बसाया है लेकिन पंजाबी पहले पंजाबी है रावी के पार किसी को जाने नहीं देते वही अपने आप को असली पाकिस्तान का हक दार समझते हैं हमारा देश पंचशील के सिद्धांत पर तटस्थता की नीति पर चलता रहा है बंगला देश भी इस लिए बना वहाँ के लोगों का सहयोग था फिर रशिया के साथ इंदिरा सरकार ने संधि की थी अब पाकिस्तान आतंकवाद की और इतना बढ़ चुका है वहाँ तीन सत्ताएं चल रही हैं जो आतंकवाद में विशवास करते हैं अब नहीं तो कभी नहीं कश्मीर ऐसे ही सुलगता रहेगा |मोदी जी ने कुटनीतिक चाल चली है हाँ पीओके में इसका असर होगा सिंध भी सिर उठाएगा बलूच तो पहले ही दबाए हुए हैं वह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पीड़ित के रूप में जाने जायेंगे |वहाँ का पढ़ा लिखा ही अभी तक इस्लामियों (हाफिज सईद इस्लाम ) से बचाए हैं प्रश्न भी करते हैं भारत इतना तरक्की कर गया हम क्यों पिछड़ रहे हैं आप पत्र कार हैं इसलिए आपको अपना अनुभव लिख रही हूँ देश ऐसे ही चलते हैं

के द्वारा: Shobha Shobha

लेकिन अब हालात बदल गये हैं |पकिस्तान घाटी में धन और बल दोनों का जम कर प्रयोग कर रहा है |15 अगस्त को मोदी जी ने दुनिया का ध्यान पीओके गिलगित ,बाल्टिस्तान और बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना अपने लोगों पर जुल्म कर रही है | कैसे यह प्रदेश तरक्की से मरहूम हैं | इन प्रदेशों में शिया भी निवास करते हैं मस्जिदों में इबादत करते समय अक्सर सुन्नी मौलवियों के आदेश पर बम फाड़ते हैं |यहाँ के बाशिंदे मोदी जी की तरफ आशा भरी नजरों से देखने लगे हैं| परेशान नवाज शरीफ ने कश्मीर का राग अलाप कर उस पर अपना हक जताया । शोभा मैम क्या आपको नही लगता कि ये कदम नई दिल्ली की तरफ से बहुत पहले उठायाजाना चाहिये था।शायद अब तक नापाक पाकिस्तान मजबूर हो जाता । अच्छा लेख ।

के द्वारा: Shahid Naqvi Shahid Naqvi

शोभाजी नमस्कार, उच्चकोटि के लेखक के अलावा, धार्मिक ग्रंथो पर भी आपकी मजबूत पकड़ है ! साधुवाद ! कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू होने से पहले दोनों पक्षों में एक समझौता हुआ था की, पैदल पैदल, हाथी घोड़े वाले के साथ हाथी घोड़े वाला, तलवार वाले के साथ, तलवार और धनुषवाण वाले के साथ केवल धनुषवाण वाला ही लड़ेगा ! निहत्थे पर वार नहीं किया जाएगा, न अकेले पर दो तीन मिलकर आक्रमण करेंगे ! जब तक भीष्म पिता रहे तब तक सब नियमों का पालन होता रहा, लेकिन उनके बाणों की शैया पर लेटते ही पासा पलट गया, १६ साल के अभिमन्यु को निशस्त्र करके सात महारथियों ने, कर्ण, दर्योधन, दुशासन, द्रोणाचार्य, अश्वस्थामा, कृपाचार्य, जयदर्थ ने मिलकर बड़ी निर्दयता से मारा अभिमन्यु के मुंह से निकले, मैथिलि शरणगुप्त की कविता "मामा तथा निज तात इस समय तुम हो कहीं, अभिमन्यु का इस भांति मरना भूल मत जाना कहीं" ! इसके बाद सारे नियम धूलधूश्रित होगये ! जैसे जिसने दुष्कर्म किये उन्हें उनका फल दिया गया श्री कृष्ण भगवान् की इच्छा से !

के द्वारा: harirawat harirawat

आदरणीया सरिता सिन्हा जी ! सादर अभिनन्दन ! आपकी बात सौ प्रतिशत सही है ! एक सज्जन पन्द्रह अगस्त को मुझसे मिलने आये थे ! तिरंगे की बात चली तो वो बताने लगे कि आज वो एक वर्ग विशेष के क्षेत्र से गुजर रहे थे तो एक बच्चे की बात सुन सन्न रह गए ! एक जगह पर बच्चे तिरंगा झंडा खरीद रहे थे ! एक छोटा बच्चा झंडा खरीदना चाह रहा था, किन्तु उसका बड़ा भाई उसे मना करते हुए समझा रहा था कि झंडा मत खरीदो, हम लोंगो का तो चौदह अगस्त को होता है न ! वो सज्जन छोटे बच्चे के मुंह से ये सुन सन्न रह गए ! वो बच्चे से पूछे, 'क्यों बेटा, तुम भारत में नहीं रहते हो क्या ?' लड़का बोला, 'हम भारत में नहीं अपने घर में रहते हैं !' बताइये धर्म के नाम पर कितना जहर मासूमों के दिल में घोला जा रहा है ! उन्हें हमारे देश से जोड़ने की बजाय धर्म और पाकिस्तान से जोड़ा जा रहा है ! हिन्दू धर्म की बजाय देश को सर्वोपरि मानते हैं, यही भारत जैसे देश में हिन्दू-मुस्लिम मतभेद का मूल कारण है ! धार्मिक नेता और बुद्धिजीवी इसका कोई सर्वमान्य हल ढूंढें ! सादर आभार !

के द्वारा: sadguruji sadguruji

प्रिय SINSERA जी आपने लेख पढ़ा बहुत धन्यवाद मुझे वर्षों मुस्लिम समाज में रहने का मौका मिला भारतीय के अलावा ईरानी अरब पाकिस्तानी और बंगला देशी ईरानी बहुर अच्छे थे भारतियों की बेहद इज्जत करते थे अरब हिन्दुओं को पसंद करते थे लेकिन पाकिस्तानी बंगला देशी बाबा आदम के जमाने की बातें करते थे ऐसे सिद्ध करते उनके सारे दुखों का कारण हम हैं शाहरुख़ खान ने आउट लुक मैगजीन में लिखा भारत में मुस्लिमों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं होता में भी इसका शिकार हूँ हर बुद्धिजीवी को दुःख हुआ था हिन्दू मुस्लिम भारत में प्रेम से रहते हैं अपने दुःख सुख बांटते हैं पर मुस्लिम कट्टरता जब उभरती है अजीब लगता है |

के द्वारा: Shobha Shobha

डॉक्टर शोभाजी नमस्कार ! आपने जनसंख्या पर लिखकर अपना प्रयास जारी रखा, चीन अपनी हट पर डटा रहा और अपनी जनसंख्या पर नियंत्र करने पर, उसने घटते हुए वोट बैन की चिंता नहीं की तो रिजल्ट तो निकाला है !आने वाले समय में जो भारत कभी सोना की चिड़िया नंबर वन था वह आने वाले दिनों में जनसंख्या के हार को गले में डाल कर नम्बर वन कहलाएगा !जहां भारतीय बड़ा बड़ा वेतन भत्ता लेकर ऐश कर रहे हैं वहां भी अर्थ व्यवस्था की समस्याएँ खड़ी हो रही हैं, और वहां से देशवासियों को मजबूरन भारत लौटना पडेगा, बेकारी बेकाबू हो सकती है, लेकिन डाक्टर साहेब ! ये देव भूमि भारत है, यहां समस्याएं इंसान खड़ी करता है और निदान भगवान् ! फिर चिंता किस बात की ! दुःख सूखे समे कृत्वा लाभा लाभो जया जयो ! हरेंद्र

के द्वारा: harirawat harirawat

श्री आदरणीय रमेश जी विश्व में तिन कूटनीति के दर्शन शास्त्री हुए हैं चाणक्य , सिकन्दर के गुरु अरस्तु और 15 विन शताब्दी में मेक्यावली इनके आधार पर आगे जा क्र योरप नें तानाशाही को समझा इटली में मुसौलिनी आया उसने हिटलर के साथ मिल क्र वर्ड वार लड़ी बहुत खतरनाक दार्शनिक था इसे सभी पढ़े लिख्र राजनेता जानते हैं और आजकल केजरी वाल उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे हैं देख लीजिये अपने कामों का खुद ही गुण गाते हैं मोदी जी के समकक्ष अपने आप को सिद्ध करते हैं हर वक्त चिल्लाते हैं वःह विक्टिम हैं आगे में चाणक्य की कूटनीति पर लिखूंगी विश्व दार्शनिक दोनों को समान बताते है लेकिन चाणक्य ने साध्य को भी उत्तम माना है

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीय शोभाजी प्रणाम I पुरे प्रदेश में दलित महिला को लेकर अपशब्द , बच्ची को लेकर कहे गए अपशब्दों पर पूरे प्रदेश में होहल्ला हो रहा है I मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि यदि सर्वे किया जाये तो नारे लगाने वाले व् हो हल्ला मचाने वाले लोग स्वयम हर दिन अपनी पत्नी , माँ व् बेटी के साथ अपशब्दों का प्रयोग करते होंगे I शारीरिक व् मानसिक प्रताड़ना भी देते होंगे I क्या नारी का सम्मान केवल किसी राजनेता के साथ जुड़े होने के बाद या विशेष वर्ग से जुड़े होने पर ही है I इस सबसे जुड़ी महिला कार्यकर्ताओं से भी सवाल है कि वो अपने नित्य के जीवन में अमर्यादित शब्दों का कितना और किस तरह विरोध करती हैं I राजनीती के नाम पर बोया जा रहा द्वेष समाज के लिए घातक है I

के द्वारा: atul61 atul61

के द्वारा: JITENDRA HANUMAN PRASAD AGARWAL JITENDRA HANUMAN PRASAD AGARWAL

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: Ashish Kumar Trivedi Ashish Kumar Trivedi

श्री हरीश जी आपने सही लिखा है लेकिन जिस तरह जनसंख्या बढ़ रही है देश पूरा रिजर्व बैंक भरण पोषण में लगा दें इन्हें पाला नही जा सकता फिर देश की प्रगति क्यों रोके सकते गरीबी से स्वयम ही निकला जा सकता है मेरी काम वाली जब मेरे पास काम करने आई उसके दो बच्चे थे घर-घर बर्तन रगड़ कर उसने उनको अच्छे स्कुल मे पढाया आज एक इंजीनियरिंग कर रहा है उसकी फ़ीस माफ़ है दूसरा डाक्टरी की तैयारी कर रहा है हमारे मातापिता या दादा दादी नीचे से उठ क्र ऊपर आएं हैं ऐसे ही देश जब आजाद हुए थे देश खाली था राजस्व भी कुछ समय बाद आया था देश ने तरक्की की आज हम कहाँ पहुंचे हैं हमारे पढ़े नौजवान विदेशों में डालर ला रहे हैंनासा में भारतीय वैज्ञानिक ऊचे स्तर तक पहुंचे हैं |में दिल्ली को जानती हूँ तनखा बढने से पहले लेबर अपनी मजदूरी बढ़ा देता है|और आज की जेनरेशन एक तरफ जान मार क्र तकदीर बनाने वाली एक तरफ मौज मजा | नरसिंहा राव जी ने ग्लोब्लाईजेष्ण की तरफ देश को ले गये नोकरी के की रास्ते खुले आपने लेख पढ़ा धन्यवाद

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीय शोभा जी ,बहूत सुन्दर ,किंतु कुछ उल्टा भी ,। जो बीते समय भारतीय जनता पार्टी की धारणाएं थी वाही विचार मैं आ रही हैं | जनसंघ या भ जा प ९० प्रतिशत क्षुद्र आम आदमी के पक्ष को ही सदैव कहता रहा था | उसने कलर टी वी ,कप्यूटर ,हैवी एअर्थ मूवर और सेटेलाईट ,जैसे खर्चीले मुहीम का सदैव इस लिए विरोध किया की इससे आम गरीब आदमी की मांग घटेगी | गरीबी और बढ़ेगी | बेरोजगारी बढ़ेगी | यह गांधी दर्शन के भी विरुद्ध था | किन्तु आज ९० प्रतिशत आम गरीब क्षुद्रों को नकारते विकास मार्ग पर किसी भी हालत मैं बढ़ती जा रही है | अस्थिर ९० प्रतिशत जनता और भी टैक्स भार से दबती जा रही है | जब मार्ग विश्व गुरु ,अध्यात्म योग का चुना है तो क्यों इस प्रलयंकारी आपदई मार्ग के लिए लालायित है | मुझे लगता है मोदी जी दिग्भ्रमित होते जा रहे हैं | विकास के लिए वे आम जनता को दबाते जा रहे हैं | नित नए दिन टैक्स बढ़ते जा रहे हैं | सातवां बेतन आयोग केवल उच्च वर्ण का ही भला करेगा अन्य ९० प्रतिशत और भी दबते जायेंगे | कैसे आएंगे सबके अच्छे दिन कैसे होगी ओम शांति शांति

के द्वारा: PAPI HARISHCHANDRA PAPI HARISHCHANDRA

के द्वारा: Ashish Kumar Trivedi Ashish Kumar Trivedi

के द्वारा: Ashish Kumar Trivedi Ashish Kumar Trivedi

श्री डाक्टर साहब अपने ब्लॉग में विचार रखने के लिए धन्यवाद सही लिखा है आपने अमेरिका का दोहरा चरित्र भारत के प्रति रहा है अमेरिका की शक्ति भी अब वैसी नहीं रही है जैसा अनुमान लगाया जा रहा था मंदी से ग्रस्त है अब सम्भला है रशियन शक्ति के कमजोर पड़ने के बाद लगता था अमेरिका एक मात्र दादा बन कर उभरेगा नहीं हुआ अफगानिस्तान को मंझधार में छोड़ दिया यही इराक के साथ किया आज चीन की बढती शक्ति पर अंकुश लगाने के लिए भारत की जरूरत है भारत भी चीन के बढ़ते प्रभाव से आशंकित है |सर आपकी मेरे लेख पर लिखी प्रतिक्रिया को में अपने लेख के अंत में नोट- लिख कर आपके नाम से डालना चाहती थी कई बार कोशिश की सफल नहीं हो सकी आपके नये विचारों से पढने वाले अवगत हो सके पहले में ऐसा करती रही हूँ शायद मेरा लेख लम्बा हो गया था|इस लिए सम्भव नहीं हो सका अपने विचारों से अवगत कराने के लिए धन्यवाद |

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीया, सादर नमस्कार. न्यूक्लियर ऊर्जा पर अपने क्रमबद्ध रूप से एक अत्यन्त प्रभावशाली लेख लिखा है. वैज्ञानिक समुदाय के बाहर इतना गहरा अद्ययन बहुत काम लोगों ने किया होगा. मैं कुछ अपनी और से जोड़ना चाहूंगा. पाकिस्तान को न्यूक्लियर शक्ति बनाने में . विकसित पश्चिमी देशों का हाथ रहा है. पाकिस्तान जब यूरोप के देशों से न्यूक्लियर तकनिकी चोरी कर रहा था तब अमेरिका आँख मूँद कर. सोने का नाटक कर रहा था. पाकिस्तान को न्यूक्लियर शक्ति बनाने में पाश्चात्य विकसित देशों का हाथ है. ये वे लोग हैं जो ' चोर से कहते हैं चोरी करो और साहूकार से कहते हैं जागते रहो.' भारत को सामान्य नागरिक उपयोग के लिए भी न्यूक्लियर ऊर्जा का विकास करने में तरह की बाधाएं उत्पन्न की गईं. तरह तरह के sanctions लगाए गए. भारत को NSG की सदस्यता से बाहर रखने में में यही मनोवृत्ति काम कर रही है. दुर्भागयवश हमारे यहां युरेनियम की कमी है लेकिन थोरियम पर्याप्त मात्रा में है.Fast Breeder Reactor technology द्द्वारा थोरियम का ईंधन के रूप में इस्तेमाल करके हम ऊर्जा पैदा कर लेंगे.

के द्वारा: Dr S Shankar Singh Dr S Shankar Singh

जय श्री राम शोभाजी बहुत भावपूर्ण लेख लिखा विदेशो में भी ज्यादातर लोग अपनी संस्कृति संस्कार और धर्म को मानते है हमारी एक लडकी अमेरिका में है उसके दोनों बच्चे बहुर संस्कारित है हमेशा जय श्री कृष्णा कहते और बहुत आदर करते.हमारी लडकी ने घर में ही एक मंदिर बना किया.फादर्स डे  ह्हर्तिया संन्स्कृत नहीं लेकिन आजकल आधुनिकता में संयुक्त परिवार ख़तम होते जा रहे आज देश में भी लड्के अपनी संस्कृत भूलते जा रहे माँ बाप के पास समाया नहीं वातावरण ख़राब शिक्षा दूषित ऐसे में संस्कार कहा आये तब भी ऐसे दिन व्यप्पर के लिए प्रचलित है बहुत भावुक लेख पढ़ कर अच्छा लगा हमारी दोनों लडकियां बहुत अच्छी बड़ा ख्याल रखती हमारा ८० व जन्मदिन मानाने अमेरिका से खास कर आई लेकिन हम अच्छे पिता नहीं बन सके.कल से प्रतिक्रिया डालने की कोशिश कर रहे नहीं जा रही थी.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम शोभाजी बहुत सही कहा केजरीवाल भ्रष्टाचार के नाम पर और लोगो को मुफ्त बिजली पानी देने के नाम पर कुर्सी पर आ गया और आते ही प्रधानमंत्री बन्ने का सपना देखने लगा.लगता है रात में भी मोदीजी को देखकर चिल्लाने लगता है ये समझता सब बुरे वही ईमानदार और सही राष्ट्रपति तक पर तो उंगली उठा दी.इसने लोकतंत्र को आराजकता की राह पर ला दिया शर्म भी नहीं आती हर एक पर गलत आरोप लगा देता.इसने तो योग का भी बहिस्कार किया लगता है फोर्ड फाउंडेशन के इशारे पर काम कर रहा.लेख के लिए साधुवाद लेकिन केजरीवाल सुधरने वाला नहीं जबतक चुनाव न हार जाए.इसके दोस्त है नितीश,लालू ममता.कल से प्रतिक्रिया डालने की कोशिश कर रहे सफल नहीं हो रहे.

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सत्ता के गलियारों में कुछ कुर्सियाँ खाली होंगी ये भाँप गये थे केजरीवाल तभी अन्ना हज़ारे नामक सीढ़ी का सहारा लेकर सत्ता के भूखों के बीच एक और सत्ता लोलुप ने अपनी जगह बनाने में देर नहीं की फ़ौरन मौके का फ़ायदा उठाया| दिल्ली की जनता ने अंगुली क्या पकड़ाई पहुंचा थामने में ज़रा भी देर न की इसने पॉलिटीशियन और भारत की जानता, दर्द की इंतेहा और इसे सहन करने के रिश्ते के सिवा कुछ और भी है क्या? | गीता में लिखा है “अपरिहार्ये अर्थे न त्वम शोचितुमर्हसि”|| २-२७ अर्थात what can't be cured must be endured" हालाँकि आज के दिन आईना दिखाना मुसीबत मोल लेने के जैसा है पर क्या करें आप जैसे कुछ लोगों की फ़ितरत ही ऐसी है की जाती ही नहीं| धन्यवाद|

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आदरणीया, सादर नमस्कार. आपका लेख हमेशा की तरह अति सुन्दर, और यथार्थ परक है. इससे हटकर मैं सोचता हूँ कि केजरीवाल साहब का दिन मोदी कि आलोचना करने से प्रारम्भ और ख़त्म होता है. उनका मुख्य कार्य है दिन भर मोदी जी के कार्यों में खोट निकालना. कोई जन कल्याण का कार्य उनकी प्राथमिकताओं में नहीं है. अपने इस व्यवहार से वह अपने को मोदी के समकक्ष दिखना चाहते हैं. उनका प्रयत्न है कि वह लोगों की निगाह में मोदी के विकल्प के रूप में चढ़ जांय और अवसर मिलने पर प्रधानमंत्री के लिए अपना दावा ठोंक दें. उनकी रणनीति ठीक हो सकती है लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए की बिना किसी सामाजिक कार्य की पृष्ठभूमि क्र कोई प्रधानमंत्री बन सकता है. जनता इन सब ट्रिक्स को समझती है. उन्हें कुछ वर्षों तक जन कल्याण के सामाजिक कार्य कर अपनी विश्वसनीयता कायम करना चाहिए.

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शोभाजी, नमस्कार ! आपका लेख पढ़ा ! आपने लेख को विस्तार तो दिया ही साथ ही आम आदमी पार्टी के मुखिया की पोल भी खोल कर रख दी ! केजरीवाल अपने विधायकों को पढ़ा लिखा बता कर बाकी सारे पार्टियों के सांसदों तथा विधायकों को नकारा और अनपढ़ गंवार की उपाधी से अलंकृत कर रहा है ! उसके खुद के अभी तक के कामों से पता लग गया की केजरीवाल जितना अनपढ़ और गंवार दसह में अभी तक न हुआ है न आगे होगा ! उसने अपने को राजनीति की अँधेरी गलियों में ज़िंदा रहने के लिए मोदीजी के नाम का आक्सीजन का सलेंडर गले में बांध रखा है ! कहता है की मोदी से मुझ से डरता है, कितना नीचे गिर गया है केजरीवाल, दिल्ली की जनता अपने वोट गंवाने की गलती के पछता रही है ! मोदी जी तो महान है वे उसकी बिचकाने वाली हरकतों पर ध्यान भी नहीं देते हैं !

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श्री जवाहर जी सही लिखा है आपने बिहार् से महान नेता आयें हैं उनका देश के विकास में योगदान है परन्तु कुछ समय से बिहार के युवा बिगड़ रहे हैं पढने में अरुचि है इसीलिए मातापिता बिहार से निकाल कर दिल्ली या बड़े शहरों में अपने बच्चों को भेजते हैं यहाँ वह बहुत मेहनत लग्न से अपना भविष्य बनाते हैं|दिल्ली में एक कमरे में पूरा परिवार रहता है कम में गुजारा करते हैं बाकि तो लेबर या कारखानों में काम करते हैं थोड़े पैसे पर बड़ी दयनीय जिन्दगी जीते हैं | नितीश जी से पहले लालू जी के राज में लोग पटना आते डरते थे नितीश जी की जब भाजपा के साथ सरकार बनी बिहार के दिन सुधर गुए |दिल्ली की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है यह यूपी और हरियाणा से घिरा है क्राईम करते हैं भाग जाते हैं कई गाड़ियाँ दिल्ली में काम करने वाले डेली पैसेंजर से भरी रहती है फिर भू माफिया कहीं भी झुग्गी बनवाते हैं यह क्रिमिनल के गढ़ हैं क्रिमिनल क्राईम करते हैं अपने एरिया में भाग जाते हैं पुलिस यदि सख्ती करने की कोशिश करती है चैनल वाले पहुंच जाते हैं | दिल्ली पुलिस का जबाब नहीं है परन्तु मजबूर है

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आदरणीया शोभा जी, सादर अभिवादन! आपका उद्देश्य सही है, विचार सही है. हर जगह कुछ न कुछ ऐसे लोग होते हैं, पर बिहार की बात आती है तो मीडिया जगत कैमरे पर एक्सपोज़ करता ही है. बिहार बहुत सारे चीजों में आगे है. मिहनत में भी और कामचोरी में भी. मेधाविता में भी और गुंडागर्दी में भी. अधिकांश नेता आपको बिहार के मिल जायेंगे. आपको डॉ. राजेंद्र प्रसाद के बारे में पता ही है. डॉ. सच्चिदानंद, दिनकर, नागार्जुन, रेणु, और भी बहुत नाम हैं ... नीतीश उस विद्यालय की परीक्षा कैंसिल कराकर फिर से करवा रहे हैं. काला दाग को मिटाना होगा. पत्रकार हत्या बिहार में होती है तो कई दिन तक सुर्खियां बनती है, वहीं झाड़खंड की घटना मामूली हो जाती है. उत्तर प्रदेश के मथुरा में जो अभी हुआ अगर बिहार में हुआ रहता तो नीतीश सरकार तो गयी थी.. उत्तर प्रदेश में कितने दंगे हुए हैं ...पर राष्ट्रपति शासन की मांग भी नहीं होती. दिल्ली अपराध की राजधानी बनती जा रही है, वहां की पुलिस किसके अधीन है? मैं गलत का समर्थन नहीं कर रहा. एक पक्ष रखने की कोशिश कर रहा हूँ. शिक्षा बहुत जरूरी है और उससे भी ज्यादा जरूरी है संस्कार जो माँ बाप और परिवेश से ही आता है. सादर!

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श्री हरीश जी सही लिखा है आपने प्रबल ब्रहस्पति शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करता है राहू बिघ्न डालता है परन्तु कुछ ऐसे लगनी होते है ग्रहों की चाल भी बदल देते हैं | मेरा घर सड़क पर है आस पास 16 स्कुल हैं जिनमें पब्लिक स्कुल अधिक हैं मैं सबका हाल देखती हूँ स्कुल से भाग कर हमारे घर की सीढियों पर बच्चे बैठ जाते हैं मेरा काम है उनको लेक्चर देना इतना मेरी समझ में आ गया है जब यह किसी सब्जेक्ट में पिछड़ते हैं क्लास से बंक मारते हैं | जब स्कुल की छुट्टी होती है लडकों की भीड़ लडकियों को छेड़ने आ जाती हैं कई तो इतने मरियल हैं हवा से उड़ जाएँ मेरे पति का काम है उनका कान पकड़ना कहना बेटा जा पहले कुछ खा पी ले|आज की जेनरेशन अलग ही है |

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जय श्री राम शोभा जी बहुत सही फ़रमाया नक़ल देश की समस्या है इसपर लगाम लगानी पड़ेगी उत्तर प्रदेश बिहार में बहुत नक़ल होती हाई बार सामूहिक नक़ल की तस्बीरे टीवी में देखी बिहार नहीं सुद्रेगा नितीश जानते लेकिन सस्ती लोकप्रियता की वजह से कुछ नहीं करते टप्पर के अलावा बाकी का क्या होगा कायेदेसे पुरी परीक्षा निरस्त कर फिर से करनी चाइये जब तक नितीश नहीं चाहेगे कुछ नहीं हो सकता महगे पुब्लिक स्कूल की जगह सैकरी सहायता प्राप्त स्कूलों को पुनर्जीवित अही किया जाएगा कुछ नहीं हो सकता ऊंची फीस के चलते माँ बाप घूस लेते फब WATTSAPP ने बहुत बर्बाद कर दिया जबतक मूल्यों पर आधारित शिक्षा नहीं शुरू होगी कुछ नहीं होगा ९८% मार्क्स मिलना कहीं न कहीं कुछ गलत है.

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जय श्री राम शोभा जी आजकल ठगने के बहुत से हथकंडे वाले कार्य हो रहे हमने एक लेख में पढ़ा की मुम्बई में किसी के पास मोबाइल पर कॉल आती की हम आपके मोबाइल कंपनी से बोल रहे अपना मोबाइल फ़ोन स्विच ऑफ करदे आधे घंटे के लिए जिससे ३g अपडेट हो सके उसने करदिया आधे घंटे बाद उसे शक हुआ तो उसने फ़ोन आन करके देखा की कई मिस कॉल आई जिसमे २ घर से थी उसने फ़ौरन घर फ़ोन किया तो सब लोग बहुत तनाव में थे फ़ौरन पूंछा की तुम टीक हो क्योंकि एक फ़ोन आई थी की तुम हमरी क़ैद में हो और इतना पैसा दो पिताजी बैंक में कॉल का इंतज़ार कर रहे थे फिर पुलिस में रिपोर्ट लिख्वाही गयी जहां पता चला की ऐसे बहुत से मामले रिपोर्ट हुए है.अपराधी ने उसकी आवाज़ भी पिता जी की सुनाई थी.पता नहीं कब क्या हो जाए बहुत होसियारी की ज़रुरत है.अच्छे पोस्ट के लिए आभार.

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आदरणीया शोभा जी, सादर अभिवादन! आजकल समयाभाव के कारण फिल्मों में बहुत ज्यादा रूचि नहीं दिखा पाता हूँ, आपने अपनी ख़ुशी का इजहार मेरे ब्लॉग पर आकर किया था, पर आज ही आपका यह ब्लॉग पढ़ सका. मुझे बहुत दुःख है कि मैंने आपकी खुशी में अपनी खुशी शामिल करने में बहुत देर कर दी. आजकल फेसबुक पर बहुत ज्यादा समय देने लगा हूँ. आप मेरी फेसबुक फ्रेंड होती तो इस खुशी को जल्द साझा कर पाटा और अपने अन्य मित्रों को भी बता पाता. हमारा सौभाग्य है कि आप जैसी विदुषी हमलोगों के बीच हैं. आपका पूरा परिवार संस्कारित और शिक्षित है ...हम सबको आपसे प्रेरणा लेने की जरूरत है. बहुित बहुत बधाई आपको साथ ही सरवजीत फिल्म जो मैं अब तक नहीं देख सका हूँ देखने का हर सम्भव प्रयास करूंगा. सादर!

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शोभाजी आपने सर्वजीत की फिल्म देखी और पूरी दास्ताँ हकीकत बयान करदी, साधुवाद ! सर्वजीत के साथ कितना दुर्दांत, अमानुय, दुर्व्यवहार किया गया पाकिस्तानी जेल में ! क्या विश्व का मानव अधिकार संगठन केवल भारत पर ही फोकस करने के लिए बनाया गया है ? यहां एक आतंकी पकड़ा जाता है, या इनकाउंटर में मारा जाता है देश के ही अपने को धर्मनिरपेक्ष कहने वाले नेता केजरीवाल, नितीशकुमार, राहुल गांधी, लालू प्रसाद जैसे लोग उनके मददगार बनकर आगे आजाते हैं ! ज़रा पूछिए, नितीशकुमार से, केजरीवाल से, जेएनयू के कन्हैयासे, क्या आज एक निर्दोष सर्वजीत की पाकिस्तानी हुक्मरानों द्वारा उसे गुनाहगार बनाने के लिए किये गए दुर्दांत जुल्मों पर अपनी प्रतिक्रया दे पाएंगे, नहीं ! उस पर जघन्य से जघन त्रास दिया गया, क्योंकि वह एक सच्चा देश भक्त हिन्दुस्तानी था ! जो देश के नेता आतंकियों की हिमायत करते नजर आते हैं आज उनकी जवान बंद क्यों होगई ? देश की जनता उनसे पूछ रही है !

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पकिस्तान हिन्दुस्तान एक ही संस्कृति से बंधे लोग थे लेकिन वहाँ के हुक्मरानों ने ऐसे फाड़ डाले हैं जो कभी नही जुड़ने वाले हमारे पाकिस्तानी मित्र का नन्हा सा बेटा मेरे पति की गोद में बैठा था मेरे पति उसे खीर खिला रहे थे वह इनसे बहुत बातें करता था उसने कहा ताया जी में बड़ा होकर बम्बर पायलट बनूँगा और दिल्ली को बूम करुगा इन्होने डरने की एक्टिंग करते हुए कहा पर वहाँ तेरे ताया जी रहते हैं उसने कहा दिल्ली को बूम नही करूंगा पर हिन्दोस्तान पर बम मारूंगा बच्चे के पिता ने कहा यह अभी नर्सरी में पढ़ता है यह हमारे यहाँ हो रहा है | नस्लों में जहर डाला जा रहा है पाकिस्तान का बिलोचिस्तान प्रांत, पाकिस्तान से अलग होना चाहता है वहाँ के लोग इसके जुल्म से परेशान हैं यही हाल पीओके का है पाकिस्तान भारत में आतंकवादी भेजता रहता है वह दुनिया को दिखाना चाहता है भारत उसके क्षेत्र में बदमनी फैलाना चाहता है जब कि हम शांति का संदेश देने वाले शांतिप्रिय लोग हैं फिर भी ऐसे हथकंडे अपनाता है उसने भारत के विरोध में अपने को बर्बाद कर लिया

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आज के युग में बगदादी के इस्लामिक स्टेट के जेहादियों द्वारा घेर कर पकड़ी गयी यजीदी हर उम्र की लड़कियाँ नारकीय जीवन भोगती है उनके ऊपर होने वाले जुल्मों की दास्तान समाचार पत्रों में पढ़ कर आज के सभ्य समाज की आँखों में पानी आ जाता है | बगदादी के इस्लामिक स्टेट के जेहादियों के खिलाफ खुर्द महिलाओं की ब्रिगेड तैयार की गयी हैं यह जांबाज जेहादियों को बहादुरी का असली मतलब समझा रहीं हैं जिनका मानना है औरतों के हाथों मरने से दोजख मिलता है बहिश्त नसीब नहीं होता जैसे ही इनसे लड़ने आती है यह जेहादी इनको अपनी तरफ हथियार लेकर आते देखते ही डर कर भागते हैं आदरणीया शोभा जी, आपने रानी पद्मावती और लक्ष्मीबाई का उदहारण देकर और खुर्द महिलाओं के बारे में बताकर बहुत ही सही सन्देश देने का काम किया है. हमारी हर माताओं बहनों को अपनी इज्जत की रक्षा आप करनी होगी तभी अन्याय कम होंगे. सादर!

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जवाहर जी जम्मू कश्मीर की धारा 370 के अंतर्गत विशेष अधिकार दिए गये हैं जैसे भारत के अन्य राज्यों के लोग जम्मू कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते हैं। - वित्तीय आपातकाल लगाने वाली धारा 360 भी जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होती। - जम्मू-कश्मीर का अलग झंडा है।लेकिन सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सरकारी कार्यालयों में भारत का झंडा फहराया जाएगा - भारत की संसद जम्मू-कश्मीर में रक्षा, विदेश मामले और संचार के अलावा कोई अन्य कानून नहीं बना सकती। - धारा 356 लागू नहीं, राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं। - कश्मीर की कोई लड़की किसी बाहरी से शादी करती है तो उसकी कश्मीर की नागरिकता छिन जाती है।लेकिन संविधान में संशोधन का प्रावधान है

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श्री जवाहर जी बाबा साहेब बहुत महान थे जब मैं स्टुडेंट थी दिमाग की सोच खुली नहीं थी तब ऐसा लगा देश की आजादी में अड़ंगा डाल रहे हैं बाद में समझ में आया उनकी आजादी की परिभाषा सबकी आजादी थी समाज का बहुत बड़ा वर्ग अपने से कितना दूर क्र लिया उनके प्रयत्न हैं आज जो हमारे समाज की कमियां थीं वःह काफी हद तक दूर हो गयीं अब तो उनके विचारों को कई महापुरुषों ने आगे बढाया |जवाहर जी हिन्दू समाज ने अपने ही लोगों को इतना दूर क्र लिया शुक्रगुजार हैं बाबा साहेब के उन्होंने बोद्ध धर्म स्वीकार किया यदि किसी भारत में प्रचलित दुसरे किसी धर्म को अपना लेते जैसे हैदराबाद का निजाम उन्हें प्रलोभन दे रहा था क्या होता विश्व का सबसे बड़ा धर्म परिवर्तन था जब उन्होंने बोद्ध धर्म स्वीकार किया |

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श्री आदरणीय डॉ शंकर सिंह जी आपने कश्मीर पर लिखा लेख पढ़ाआप तो पाकिस्तान की विदेश नीति के स्पेशलिस्ट हैं आपने धारा 370के टेक्निकल स्वरूप पर प्रकाश डाला राजनीतिक दल कुछ भी कहें धारा 370 हटाना आसान नहीं हैं हमारे संविधान की यही विशेषता उसे बदलना इतना आसान नहीं है लचीला नहीं है आराम से बदल लिया जाए | पाकिसान कमजोर पड़ता जाएगा वहाँ की हालत खराब होती जा रहीं है केवल बुद्धिजीवी की वजह से हाफिज सईद सत्ता को पकड़ नहीं पा रहे हैं हमारी सरकार को पीओके के बारे में और भी बताना चाहिए तथा बिलोचिस्तान के हाल बेहाल हैं जब कश्मीरी समझेंगे होश में आयेंगे भारतीय सरकार कश्मीरी युवकों को कैरियर और विकास की तरफ ले जाएँ बाकी कुर्बानियां हम दे ही रहें हैं| आपने लेख पढ़ कर अपने विचार दिये आप जैसे विद्वान का लेख पढना मेरे लिए सम्मान की बात है |

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आदरणीया,सादर नमस्कार, आपने कश्मीर समस्या को एकदम सही परिपेक्ष्य में प्रस्तुत किया है. एक समाधान तो यह था कि आर्टिकल 370 को समाप्त कर दिया जाय और कश्मीर को पूरी तरह से भारत में मिला लिया जाय. इसमें भी बहुत पेंच हैं. कुछ कानूनविदों का कहना है कि भारत में कश्मीर का विलय आर्टिकल 370 लागू करने की शर्त पर ही हुआ था. अब इससे वापस जाना सम्भव नहीं है. यह बात यूनाइटेड नेशन्स के भी संज्ञान में है. इन लोगों का कहना है कि आर्टिकल 370 एक ऐसा धागा है जो कश्मीर को भारत से बांधता है. इस धागे को तोड़ दीजिये और कश्मीर और भारत अलग अलग हो जायेंगे. अफ़सोस यह है कि यह धागा बहुत ही कमजोर है. प्रश्न यह उठता है कि इस धागे को कैसे मजबूत किया जाय यानि कि किस प्रकार कश्मीरियों का दिल जीता जाय आपके क्या विचार हैं.

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अंजना जी लेख पढने के लिए बहुत धन्यवाद मैंएंग्लो अमेरिकन इम्पेक्ट ऑन द इंडो पाक रिलेशन विषय पर पीएचडी कर रही थी मुझे संयुक्त भारत के पार्टीशन पर लिखना था मैने एक फुट नोट देखा उसमें बाबा साहब ने लिखा था दो राष्ट्रीयताओं के सिद्धांत अब एन दोनों धर्मावलम्बियों को चैन से रहने नहीं देगा देश झगड़े रहेंगे इस्लामिक कट्टरवाद अब राजनीती पर हावी हो गया है यदि विभाजन हो गया इतनी बड़ी जनसंख्या का स्थानान्तरण आसान नहीं होगा दोनों देश शान्ति से रह नहीं सकेंगे सदा सीमा विवाद बना रहेगा विस्तार से पढ़ावही हुआ यह दूरदर्शिता बाबा साहेब में थी गांधी जी अंत तक कहते रहे पाकिस्तान मेरी लाश पर बनेगा लेकिन 3 जून को जब पार्टिशन प्लान आया चुप हो गये देश की जनता गाँधी जी पर बहुत विशवास करती थी |

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