Vichar Manthan

Mere vicharon ka sangrah

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Shobha


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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

आदरणीया सरिता सिन्हा जी ! सादर अभिनन्दन ! आपकी बात सौ प्रतिशत सही है ! एक सज्जन पन्द्रह अगस्त को मुझसे मिलने आये थे ! तिरंगे की बात चली तो वो बताने लगे कि आज वो एक वर्ग विशेष के क्षेत्र से गुजर रहे थे तो एक बच्चे की बात सुन सन्न रह गए ! एक जगह पर बच्चे तिरंगा झंडा खरीद रहे थे ! एक छोटा बच्चा झंडा खरीदना चाह रहा था, किन्तु उसका बड़ा भाई उसे मना करते हुए समझा रहा था कि झंडा मत खरीदो, हम लोंगो का तो चौदह अगस्त को होता है न ! वो सज्जन छोटे बच्चे के मुंह से ये सुन सन्न रह गए ! वो बच्चे से पूछे, 'क्यों बेटा, तुम भारत में नहीं रहते हो क्या ?' लड़का बोला, 'हम भारत में नहीं अपने घर में रहते हैं !' बताइये धर्म के नाम पर कितना जहर मासूमों के दिल में घोला जा रहा है ! उन्हें हमारे देश से जोड़ने की बजाय धर्म और पाकिस्तान से जोड़ा जा रहा है ! हिन्दू धर्म की बजाय देश को सर्वोपरि मानते हैं, यही भारत जैसे देश में हिन्दू-मुस्लिम मतभेद का मूल कारण है ! धार्मिक नेता और बुद्धिजीवी इसका कोई सर्वमान्य हल ढूंढें ! सादर आभार !

के द्वारा: sadguruji sadguruji

प्रिय SINSERA जी आपने लेख पढ़ा बहुत धन्यवाद मुझे वर्षों मुस्लिम समाज में रहने का मौका मिला भारतीय के अलावा ईरानी अरब पाकिस्तानी और बंगला देशी ईरानी बहुर अच्छे थे भारतियों की बेहद इज्जत करते थे अरब हिन्दुओं को पसंद करते थे लेकिन पाकिस्तानी बंगला देशी बाबा आदम के जमाने की बातें करते थे ऐसे सिद्ध करते उनके सारे दुखों का कारण हम हैं शाहरुख़ खान ने आउट लुक मैगजीन में लिखा भारत में मुस्लिमों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं होता में भी इसका शिकार हूँ हर बुद्धिजीवी को दुःख हुआ था हिन्दू मुस्लिम भारत में प्रेम से रहते हैं अपने दुःख सुख बांटते हैं पर मुस्लिम कट्टरता जब उभरती है अजीब लगता है |

के द्वारा: Shobha Shobha

डॉक्टर शोभाजी नमस्कार ! आपने जनसंख्या पर लिखकर अपना प्रयास जारी रखा, चीन अपनी हट पर डटा रहा और अपनी जनसंख्या पर नियंत्र करने पर, उसने घटते हुए वोट बैन की चिंता नहीं की तो रिजल्ट तो निकाला है !आने वाले समय में जो भारत कभी सोना की चिड़िया नंबर वन था वह आने वाले दिनों में जनसंख्या के हार को गले में डाल कर नम्बर वन कहलाएगा !जहां भारतीय बड़ा बड़ा वेतन भत्ता लेकर ऐश कर रहे हैं वहां भी अर्थ व्यवस्था की समस्याएँ खड़ी हो रही हैं, और वहां से देशवासियों को मजबूरन भारत लौटना पडेगा, बेकारी बेकाबू हो सकती है, लेकिन डाक्टर साहेब ! ये देव भूमि भारत है, यहां समस्याएं इंसान खड़ी करता है और निदान भगवान् ! फिर चिंता किस बात की ! दुःख सूखे समे कृत्वा लाभा लाभो जया जयो ! हरेंद्र

के द्वारा: harirawat harirawat

श्री आदरणीय रमेश जी विश्व में तिन कूटनीति के दर्शन शास्त्री हुए हैं चाणक्य , सिकन्दर के गुरु अरस्तु और 15 विन शताब्दी में मेक्यावली इनके आधार पर आगे जा क्र योरप नें तानाशाही को समझा इटली में मुसौलिनी आया उसने हिटलर के साथ मिल क्र वर्ड वार लड़ी बहुत खतरनाक दार्शनिक था इसे सभी पढ़े लिख्र राजनेता जानते हैं और आजकल केजरी वाल उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे हैं देख लीजिये अपने कामों का खुद ही गुण गाते हैं मोदी जी के समकक्ष अपने आप को सिद्ध करते हैं हर वक्त चिल्लाते हैं वःह विक्टिम हैं आगे में चाणक्य की कूटनीति पर लिखूंगी विश्व दार्शनिक दोनों को समान बताते है लेकिन चाणक्य ने साध्य को भी उत्तम माना है

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीय शोभाजी प्रणाम I पुरे प्रदेश में दलित महिला को लेकर अपशब्द , बच्ची को लेकर कहे गए अपशब्दों पर पूरे प्रदेश में होहल्ला हो रहा है I मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि यदि सर्वे किया जाये तो नारे लगाने वाले व् हो हल्ला मचाने वाले लोग स्वयम हर दिन अपनी पत्नी , माँ व् बेटी के साथ अपशब्दों का प्रयोग करते होंगे I शारीरिक व् मानसिक प्रताड़ना भी देते होंगे I क्या नारी का सम्मान केवल किसी राजनेता के साथ जुड़े होने के बाद या विशेष वर्ग से जुड़े होने पर ही है I इस सबसे जुड़ी महिला कार्यकर्ताओं से भी सवाल है कि वो अपने नित्य के जीवन में अमर्यादित शब्दों का कितना और किस तरह विरोध करती हैं I राजनीती के नाम पर बोया जा रहा द्वेष समाज के लिए घातक है I

के द्वारा: atul61 atul61

के द्वारा: JITENDRA HANUMAN PRASAD AGARWAL JITENDRA HANUMAN PRASAD AGARWAL

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: Ashish Kumar Trivedi Ashish Kumar Trivedi

श्री हरीश जी आपने सही लिखा है लेकिन जिस तरह जनसंख्या बढ़ रही है देश पूरा रिजर्व बैंक भरण पोषण में लगा दें इन्हें पाला नही जा सकता फिर देश की प्रगति क्यों रोके सकते गरीबी से स्वयम ही निकला जा सकता है मेरी काम वाली जब मेरे पास काम करने आई उसके दो बच्चे थे घर-घर बर्तन रगड़ कर उसने उनको अच्छे स्कुल मे पढाया आज एक इंजीनियरिंग कर रहा है उसकी फ़ीस माफ़ है दूसरा डाक्टरी की तैयारी कर रहा है हमारे मातापिता या दादा दादी नीचे से उठ क्र ऊपर आएं हैं ऐसे ही देश जब आजाद हुए थे देश खाली था राजस्व भी कुछ समय बाद आया था देश ने तरक्की की आज हम कहाँ पहुंचे हैं हमारे पढ़े नौजवान विदेशों में डालर ला रहे हैंनासा में भारतीय वैज्ञानिक ऊचे स्तर तक पहुंचे हैं |में दिल्ली को जानती हूँ तनखा बढने से पहले लेबर अपनी मजदूरी बढ़ा देता है|और आज की जेनरेशन एक तरफ जान मार क्र तकदीर बनाने वाली एक तरफ मौज मजा | नरसिंहा राव जी ने ग्लोब्लाईजेष्ण की तरफ देश को ले गये नोकरी के की रास्ते खुले आपने लेख पढ़ा धन्यवाद

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीय शोभा जी ,बहूत सुन्दर ,किंतु कुछ उल्टा भी ,। जो बीते समय भारतीय जनता पार्टी की धारणाएं थी वाही विचार मैं आ रही हैं | जनसंघ या भ जा प ९० प्रतिशत क्षुद्र आम आदमी के पक्ष को ही सदैव कहता रहा था | उसने कलर टी वी ,कप्यूटर ,हैवी एअर्थ मूवर और सेटेलाईट ,जैसे खर्चीले मुहीम का सदैव इस लिए विरोध किया की इससे आम गरीब आदमी की मांग घटेगी | गरीबी और बढ़ेगी | बेरोजगारी बढ़ेगी | यह गांधी दर्शन के भी विरुद्ध था | किन्तु आज ९० प्रतिशत आम गरीब क्षुद्रों को नकारते विकास मार्ग पर किसी भी हालत मैं बढ़ती जा रही है | अस्थिर ९० प्रतिशत जनता और भी टैक्स भार से दबती जा रही है | जब मार्ग विश्व गुरु ,अध्यात्म योग का चुना है तो क्यों इस प्रलयंकारी आपदई मार्ग के लिए लालायित है | मुझे लगता है मोदी जी दिग्भ्रमित होते जा रहे हैं | विकास के लिए वे आम जनता को दबाते जा रहे हैं | नित नए दिन टैक्स बढ़ते जा रहे हैं | सातवां बेतन आयोग केवल उच्च वर्ण का ही भला करेगा अन्य ९० प्रतिशत और भी दबते जायेंगे | कैसे आएंगे सबके अच्छे दिन कैसे होगी ओम शांति शांति

के द्वारा: PAPI HARISHCHANDRA PAPI HARISHCHANDRA

के द्वारा: Ashish Kumar Trivedi Ashish Kumar Trivedi

के द्वारा: Ashish Kumar Trivedi Ashish Kumar Trivedi

श्री डाक्टर साहब अपने ब्लॉग में विचार रखने के लिए धन्यवाद सही लिखा है आपने अमेरिका का दोहरा चरित्र भारत के प्रति रहा है अमेरिका की शक्ति भी अब वैसी नहीं रही है जैसा अनुमान लगाया जा रहा था मंदी से ग्रस्त है अब सम्भला है रशियन शक्ति के कमजोर पड़ने के बाद लगता था अमेरिका एक मात्र दादा बन कर उभरेगा नहीं हुआ अफगानिस्तान को मंझधार में छोड़ दिया यही इराक के साथ किया आज चीन की बढती शक्ति पर अंकुश लगाने के लिए भारत की जरूरत है भारत भी चीन के बढ़ते प्रभाव से आशंकित है |सर आपकी मेरे लेख पर लिखी प्रतिक्रिया को में अपने लेख के अंत में नोट- लिख कर आपके नाम से डालना चाहती थी कई बार कोशिश की सफल नहीं हो सकी आपके नये विचारों से पढने वाले अवगत हो सके पहले में ऐसा करती रही हूँ शायद मेरा लेख लम्बा हो गया था|इस लिए सम्भव नहीं हो सका अपने विचारों से अवगत कराने के लिए धन्यवाद |

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीया, सादर नमस्कार. न्यूक्लियर ऊर्जा पर अपने क्रमबद्ध रूप से एक अत्यन्त प्रभावशाली लेख लिखा है. वैज्ञानिक समुदाय के बाहर इतना गहरा अद्ययन बहुत काम लोगों ने किया होगा. मैं कुछ अपनी और से जोड़ना चाहूंगा. पाकिस्तान को न्यूक्लियर शक्ति बनाने में . विकसित पश्चिमी देशों का हाथ रहा है. पाकिस्तान जब यूरोप के देशों से न्यूक्लियर तकनिकी चोरी कर रहा था तब अमेरिका आँख मूँद कर. सोने का नाटक कर रहा था. पाकिस्तान को न्यूक्लियर शक्ति बनाने में पाश्चात्य विकसित देशों का हाथ है. ये वे लोग हैं जो ' चोर से कहते हैं चोरी करो और साहूकार से कहते हैं जागते रहो.' भारत को सामान्य नागरिक उपयोग के लिए भी न्यूक्लियर ऊर्जा का विकास करने में तरह की बाधाएं उत्पन्न की गईं. तरह तरह के sanctions लगाए गए. भारत को NSG की सदस्यता से बाहर रखने में में यही मनोवृत्ति काम कर रही है. दुर्भागयवश हमारे यहां युरेनियम की कमी है लेकिन थोरियम पर्याप्त मात्रा में है.Fast Breeder Reactor technology द्द्वारा थोरियम का ईंधन के रूप में इस्तेमाल करके हम ऊर्जा पैदा कर लेंगे.

के द्वारा: Dr S Shankar Singh Dr S Shankar Singh

जय श्री राम शोभाजी बहुत भावपूर्ण लेख लिखा विदेशो में भी ज्यादातर लोग अपनी संस्कृति संस्कार और धर्म को मानते है हमारी एक लडकी अमेरिका में है उसके दोनों बच्चे बहुर संस्कारित है हमेशा जय श्री कृष्णा कहते और बहुत आदर करते.हमारी लडकी ने घर में ही एक मंदिर बना किया.फादर्स डे  ह्हर्तिया संन्स्कृत नहीं लेकिन आजकल आधुनिकता में संयुक्त परिवार ख़तम होते जा रहे आज देश में भी लड्के अपनी संस्कृत भूलते जा रहे माँ बाप के पास समाया नहीं वातावरण ख़राब शिक्षा दूषित ऐसे में संस्कार कहा आये तब भी ऐसे दिन व्यप्पर के लिए प्रचलित है बहुत भावुक लेख पढ़ कर अच्छा लगा हमारी दोनों लडकियां बहुत अच्छी बड़ा ख्याल रखती हमारा ८० व जन्मदिन मानाने अमेरिका से खास कर आई लेकिन हम अच्छे पिता नहीं बन सके.कल से प्रतिक्रिया डालने की कोशिश कर रहे नहीं जा रही थी.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम शोभाजी बहुत सही कहा केजरीवाल भ्रष्टाचार के नाम पर और लोगो को मुफ्त बिजली पानी देने के नाम पर कुर्सी पर आ गया और आते ही प्रधानमंत्री बन्ने का सपना देखने लगा.लगता है रात में भी मोदीजी को देखकर चिल्लाने लगता है ये समझता सब बुरे वही ईमानदार और सही राष्ट्रपति तक पर तो उंगली उठा दी.इसने लोकतंत्र को आराजकता की राह पर ला दिया शर्म भी नहीं आती हर एक पर गलत आरोप लगा देता.इसने तो योग का भी बहिस्कार किया लगता है फोर्ड फाउंडेशन के इशारे पर काम कर रहा.लेख के लिए साधुवाद लेकिन केजरीवाल सुधरने वाला नहीं जबतक चुनाव न हार जाए.इसके दोस्त है नितीश,लालू ममता.कल से प्रतिक्रिया डालने की कोशिश कर रहे सफल नहीं हो रहे.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

सत्ता के गलियारों में कुछ कुर्सियाँ खाली होंगी ये भाँप गये थे केजरीवाल तभी अन्ना हज़ारे नामक सीढ़ी का सहारा लेकर सत्ता के भूखों के बीच एक और सत्ता लोलुप ने अपनी जगह बनाने में देर नहीं की फ़ौरन मौके का फ़ायदा उठाया| दिल्ली की जनता ने अंगुली क्या पकड़ाई पहुंचा थामने में ज़रा भी देर न की इसने पॉलिटीशियन और भारत की जानता, दर्द की इंतेहा और इसे सहन करने के रिश्ते के सिवा कुछ और भी है क्या? | गीता में लिखा है “अपरिहार्ये अर्थे न त्वम शोचितुमर्हसि”|| २-२७ अर्थात what can't be cured must be endured" हालाँकि आज के दिन आईना दिखाना मुसीबत मोल लेने के जैसा है पर क्या करें आप जैसे कुछ लोगों की फ़ितरत ही ऐसी है की जाती ही नहीं| धन्यवाद|

के द्वारा: bhagwandassmendiratta bhagwandassmendiratta

के द्वारा: harirawat harirawat

आदरणीया, सादर नमस्कार. आपका लेख हमेशा की तरह अति सुन्दर, और यथार्थ परक है. इससे हटकर मैं सोचता हूँ कि केजरीवाल साहब का दिन मोदी कि आलोचना करने से प्रारम्भ और ख़त्म होता है. उनका मुख्य कार्य है दिन भर मोदी जी के कार्यों में खोट निकालना. कोई जन कल्याण का कार्य उनकी प्राथमिकताओं में नहीं है. अपने इस व्यवहार से वह अपने को मोदी के समकक्ष दिखना चाहते हैं. उनका प्रयत्न है कि वह लोगों की निगाह में मोदी के विकल्प के रूप में चढ़ जांय और अवसर मिलने पर प्रधानमंत्री के लिए अपना दावा ठोंक दें. उनकी रणनीति ठीक हो सकती है लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए की बिना किसी सामाजिक कार्य की पृष्ठभूमि क्र कोई प्रधानमंत्री बन सकता है. जनता इन सब ट्रिक्स को समझती है. उन्हें कुछ वर्षों तक जन कल्याण के सामाजिक कार्य कर अपनी विश्वसनीयता कायम करना चाहिए.

के द्वारा: Dr S Shankar Singh Dr S Shankar Singh

शोभाजी, नमस्कार ! आपका लेख पढ़ा ! आपने लेख को विस्तार तो दिया ही साथ ही आम आदमी पार्टी के मुखिया की पोल भी खोल कर रख दी ! केजरीवाल अपने विधायकों को पढ़ा लिखा बता कर बाकी सारे पार्टियों के सांसदों तथा विधायकों को नकारा और अनपढ़ गंवार की उपाधी से अलंकृत कर रहा है ! उसके खुद के अभी तक के कामों से पता लग गया की केजरीवाल जितना अनपढ़ और गंवार दसह में अभी तक न हुआ है न आगे होगा ! उसने अपने को राजनीति की अँधेरी गलियों में ज़िंदा रहने के लिए मोदीजी के नाम का आक्सीजन का सलेंडर गले में बांध रखा है ! कहता है की मोदी से मुझ से डरता है, कितना नीचे गिर गया है केजरीवाल, दिल्ली की जनता अपने वोट गंवाने की गलती के पछता रही है ! मोदी जी तो महान है वे उसकी बिचकाने वाली हरकतों पर ध्यान भी नहीं देते हैं !

के द्वारा: harirawat harirawat

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

श्री जवाहर जी सही लिखा है आपने बिहार् से महान नेता आयें हैं उनका देश के विकास में योगदान है परन्तु कुछ समय से बिहार के युवा बिगड़ रहे हैं पढने में अरुचि है इसीलिए मातापिता बिहार से निकाल कर दिल्ली या बड़े शहरों में अपने बच्चों को भेजते हैं यहाँ वह बहुत मेहनत लग्न से अपना भविष्य बनाते हैं|दिल्ली में एक कमरे में पूरा परिवार रहता है कम में गुजारा करते हैं बाकि तो लेबर या कारखानों में काम करते हैं थोड़े पैसे पर बड़ी दयनीय जिन्दगी जीते हैं | नितीश जी से पहले लालू जी के राज में लोग पटना आते डरते थे नितीश जी की जब भाजपा के साथ सरकार बनी बिहार के दिन सुधर गुए |दिल्ली की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है यह यूपी और हरियाणा से घिरा है क्राईम करते हैं भाग जाते हैं कई गाड़ियाँ दिल्ली में काम करने वाले डेली पैसेंजर से भरी रहती है फिर भू माफिया कहीं भी झुग्गी बनवाते हैं यह क्रिमिनल के गढ़ हैं क्रिमिनल क्राईम करते हैं अपने एरिया में भाग जाते हैं पुलिस यदि सख्ती करने की कोशिश करती है चैनल वाले पहुंच जाते हैं | दिल्ली पुलिस का जबाब नहीं है परन्तु मजबूर है

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीया शोभा जी, सादर अभिवादन! आपका उद्देश्य सही है, विचार सही है. हर जगह कुछ न कुछ ऐसे लोग होते हैं, पर बिहार की बात आती है तो मीडिया जगत कैमरे पर एक्सपोज़ करता ही है. बिहार बहुत सारे चीजों में आगे है. मिहनत में भी और कामचोरी में भी. मेधाविता में भी और गुंडागर्दी में भी. अधिकांश नेता आपको बिहार के मिल जायेंगे. आपको डॉ. राजेंद्र प्रसाद के बारे में पता ही है. डॉ. सच्चिदानंद, दिनकर, नागार्जुन, रेणु, और भी बहुत नाम हैं ... नीतीश उस विद्यालय की परीक्षा कैंसिल कराकर फिर से करवा रहे हैं. काला दाग को मिटाना होगा. पत्रकार हत्या बिहार में होती है तो कई दिन तक सुर्खियां बनती है, वहीं झाड़खंड की घटना मामूली हो जाती है. उत्तर प्रदेश के मथुरा में जो अभी हुआ अगर बिहार में हुआ रहता तो नीतीश सरकार तो गयी थी.. उत्तर प्रदेश में कितने दंगे हुए हैं ...पर राष्ट्रपति शासन की मांग भी नहीं होती. दिल्ली अपराध की राजधानी बनती जा रही है, वहां की पुलिस किसके अधीन है? मैं गलत का समर्थन नहीं कर रहा. एक पक्ष रखने की कोशिश कर रहा हूँ. शिक्षा बहुत जरूरी है और उससे भी ज्यादा जरूरी है संस्कार जो माँ बाप और परिवेश से ही आता है. सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

श्री हरीश जी सही लिखा है आपने प्रबल ब्रहस्पति शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करता है राहू बिघ्न डालता है परन्तु कुछ ऐसे लगनी होते है ग्रहों की चाल भी बदल देते हैं | मेरा घर सड़क पर है आस पास 16 स्कुल हैं जिनमें पब्लिक स्कुल अधिक हैं मैं सबका हाल देखती हूँ स्कुल से भाग कर हमारे घर की सीढियों पर बच्चे बैठ जाते हैं मेरा काम है उनको लेक्चर देना इतना मेरी समझ में आ गया है जब यह किसी सब्जेक्ट में पिछड़ते हैं क्लास से बंक मारते हैं | जब स्कुल की छुट्टी होती है लडकों की भीड़ लडकियों को छेड़ने आ जाती हैं कई तो इतने मरियल हैं हवा से उड़ जाएँ मेरे पति का काम है उनका कान पकड़ना कहना बेटा जा पहले कुछ खा पी ले|आज की जेनरेशन अलग ही है |

के द्वारा: Shobha Shobha

जय श्री राम शोभा जी बहुत सही फ़रमाया नक़ल देश की समस्या है इसपर लगाम लगानी पड़ेगी उत्तर प्रदेश बिहार में बहुत नक़ल होती हाई बार सामूहिक नक़ल की तस्बीरे टीवी में देखी बिहार नहीं सुद्रेगा नितीश जानते लेकिन सस्ती लोकप्रियता की वजह से कुछ नहीं करते टप्पर के अलावा बाकी का क्या होगा कायेदेसे पुरी परीक्षा निरस्त कर फिर से करनी चाइये जब तक नितीश नहीं चाहेगे कुछ नहीं हो सकता महगे पुब्लिक स्कूल की जगह सैकरी सहायता प्राप्त स्कूलों को पुनर्जीवित अही किया जाएगा कुछ नहीं हो सकता ऊंची फीस के चलते माँ बाप घूस लेते फब WATTSAPP ने बहुत बर्बाद कर दिया जबतक मूल्यों पर आधारित शिक्षा नहीं शुरू होगी कुछ नहीं होगा ९८% मार्क्स मिलना कहीं न कहीं कुछ गलत है.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम शोभा जी आजकल ठगने के बहुत से हथकंडे वाले कार्य हो रहे हमने एक लेख में पढ़ा की मुम्बई में किसी के पास मोबाइल पर कॉल आती की हम आपके मोबाइल कंपनी से बोल रहे अपना मोबाइल फ़ोन स्विच ऑफ करदे आधे घंटे के लिए जिससे ३g अपडेट हो सके उसने करदिया आधे घंटे बाद उसे शक हुआ तो उसने फ़ोन आन करके देखा की कई मिस कॉल आई जिसमे २ घर से थी उसने फ़ौरन घर फ़ोन किया तो सब लोग बहुत तनाव में थे फ़ौरन पूंछा की तुम टीक हो क्योंकि एक फ़ोन आई थी की तुम हमरी क़ैद में हो और इतना पैसा दो पिताजी बैंक में कॉल का इंतज़ार कर रहे थे फिर पुलिस में रिपोर्ट लिख्वाही गयी जहां पता चला की ऐसे बहुत से मामले रिपोर्ट हुए है.अपराधी ने उसकी आवाज़ भी पिता जी की सुनाई थी.पता नहीं कब क्या हो जाए बहुत होसियारी की ज़रुरत है.अच्छे पोस्ट के लिए आभार.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

आदरणीया शोभा जी, सादर अभिवादन! आजकल समयाभाव के कारण फिल्मों में बहुत ज्यादा रूचि नहीं दिखा पाता हूँ, आपने अपनी ख़ुशी का इजहार मेरे ब्लॉग पर आकर किया था, पर आज ही आपका यह ब्लॉग पढ़ सका. मुझे बहुत दुःख है कि मैंने आपकी खुशी में अपनी खुशी शामिल करने में बहुत देर कर दी. आजकल फेसबुक पर बहुत ज्यादा समय देने लगा हूँ. आप मेरी फेसबुक फ्रेंड होती तो इस खुशी को जल्द साझा कर पाटा और अपने अन्य मित्रों को भी बता पाता. हमारा सौभाग्य है कि आप जैसी विदुषी हमलोगों के बीच हैं. आपका पूरा परिवार संस्कारित और शिक्षित है ...हम सबको आपसे प्रेरणा लेने की जरूरत है. बहुित बहुत बधाई आपको साथ ही सरवजीत फिल्म जो मैं अब तक नहीं देख सका हूँ देखने का हर सम्भव प्रयास करूंगा. सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

शोभाजी आपने सर्वजीत की फिल्म देखी और पूरी दास्ताँ हकीकत बयान करदी, साधुवाद ! सर्वजीत के साथ कितना दुर्दांत, अमानुय, दुर्व्यवहार किया गया पाकिस्तानी जेल में ! क्या विश्व का मानव अधिकार संगठन केवल भारत पर ही फोकस करने के लिए बनाया गया है ? यहां एक आतंकी पकड़ा जाता है, या इनकाउंटर में मारा जाता है देश के ही अपने को धर्मनिरपेक्ष कहने वाले नेता केजरीवाल, नितीशकुमार, राहुल गांधी, लालू प्रसाद जैसे लोग उनके मददगार बनकर आगे आजाते हैं ! ज़रा पूछिए, नितीशकुमार से, केजरीवाल से, जेएनयू के कन्हैयासे, क्या आज एक निर्दोष सर्वजीत की पाकिस्तानी हुक्मरानों द्वारा उसे गुनाहगार बनाने के लिए किये गए दुर्दांत जुल्मों पर अपनी प्रतिक्रया दे पाएंगे, नहीं ! उस पर जघन्य से जघन त्रास दिया गया, क्योंकि वह एक सच्चा देश भक्त हिन्दुस्तानी था ! जो देश के नेता आतंकियों की हिमायत करते नजर आते हैं आज उनकी जवान बंद क्यों होगई ? देश की जनता उनसे पूछ रही है !

के द्वारा: harirawat harirawat

पकिस्तान हिन्दुस्तान एक ही संस्कृति से बंधे लोग थे लेकिन वहाँ के हुक्मरानों ने ऐसे फाड़ डाले हैं जो कभी नही जुड़ने वाले हमारे पाकिस्तानी मित्र का नन्हा सा बेटा मेरे पति की गोद में बैठा था मेरे पति उसे खीर खिला रहे थे वह इनसे बहुत बातें करता था उसने कहा ताया जी में बड़ा होकर बम्बर पायलट बनूँगा और दिल्ली को बूम करुगा इन्होने डरने की एक्टिंग करते हुए कहा पर वहाँ तेरे ताया जी रहते हैं उसने कहा दिल्ली को बूम नही करूंगा पर हिन्दोस्तान पर बम मारूंगा बच्चे के पिता ने कहा यह अभी नर्सरी में पढ़ता है यह हमारे यहाँ हो रहा है | नस्लों में जहर डाला जा रहा है पाकिस्तान का बिलोचिस्तान प्रांत, पाकिस्तान से अलग होना चाहता है वहाँ के लोग इसके जुल्म से परेशान हैं यही हाल पीओके का है पाकिस्तान भारत में आतंकवादी भेजता रहता है वह दुनिया को दिखाना चाहता है भारत उसके क्षेत्र में बदमनी फैलाना चाहता है जब कि हम शांति का संदेश देने वाले शांतिप्रिय लोग हैं फिर भी ऐसे हथकंडे अपनाता है उसने भारत के विरोध में अपने को बर्बाद कर लिया

के द्वारा: Shobha Shobha

आज के युग में बगदादी के इस्लामिक स्टेट के जेहादियों द्वारा घेर कर पकड़ी गयी यजीदी हर उम्र की लड़कियाँ नारकीय जीवन भोगती है उनके ऊपर होने वाले जुल्मों की दास्तान समाचार पत्रों में पढ़ कर आज के सभ्य समाज की आँखों में पानी आ जाता है | बगदादी के इस्लामिक स्टेट के जेहादियों के खिलाफ खुर्द महिलाओं की ब्रिगेड तैयार की गयी हैं यह जांबाज जेहादियों को बहादुरी का असली मतलब समझा रहीं हैं जिनका मानना है औरतों के हाथों मरने से दोजख मिलता है बहिश्त नसीब नहीं होता जैसे ही इनसे लड़ने आती है यह जेहादी इनको अपनी तरफ हथियार लेकर आते देखते ही डर कर भागते हैं आदरणीया शोभा जी, आपने रानी पद्मावती और लक्ष्मीबाई का उदहारण देकर और खुर्द महिलाओं के बारे में बताकर बहुत ही सही सन्देश देने का काम किया है. हमारी हर माताओं बहनों को अपनी इज्जत की रक्षा आप करनी होगी तभी अन्याय कम होंगे. सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

जवाहर जी जम्मू कश्मीर की धारा 370 के अंतर्गत विशेष अधिकार दिए गये हैं जैसे भारत के अन्य राज्यों के लोग जम्मू कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते हैं। - वित्तीय आपातकाल लगाने वाली धारा 360 भी जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होती। - जम्मू-कश्मीर का अलग झंडा है।लेकिन सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सरकारी कार्यालयों में भारत का झंडा फहराया जाएगा - भारत की संसद जम्मू-कश्मीर में रक्षा, विदेश मामले और संचार के अलावा कोई अन्य कानून नहीं बना सकती। - धारा 356 लागू नहीं, राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं। - कश्मीर की कोई लड़की किसी बाहरी से शादी करती है तो उसकी कश्मीर की नागरिकता छिन जाती है।लेकिन संविधान में संशोधन का प्रावधान है

के द्वारा: Shobha Shobha

श्री जवाहर जी बाबा साहेब बहुत महान थे जब मैं स्टुडेंट थी दिमाग की सोच खुली नहीं थी तब ऐसा लगा देश की आजादी में अड़ंगा डाल रहे हैं बाद में समझ में आया उनकी आजादी की परिभाषा सबकी आजादी थी समाज का बहुत बड़ा वर्ग अपने से कितना दूर क्र लिया उनके प्रयत्न हैं आज जो हमारे समाज की कमियां थीं वःह काफी हद तक दूर हो गयीं अब तो उनके विचारों को कई महापुरुषों ने आगे बढाया |जवाहर जी हिन्दू समाज ने अपने ही लोगों को इतना दूर क्र लिया शुक्रगुजार हैं बाबा साहेब के उन्होंने बोद्ध धर्म स्वीकार किया यदि किसी भारत में प्रचलित दुसरे किसी धर्म को अपना लेते जैसे हैदराबाद का निजाम उन्हें प्रलोभन दे रहा था क्या होता विश्व का सबसे बड़ा धर्म परिवर्तन था जब उन्होंने बोद्ध धर्म स्वीकार किया |

के द्वारा: Shobha Shobha

श्री आदरणीय डॉ शंकर सिंह जी आपने कश्मीर पर लिखा लेख पढ़ाआप तो पाकिस्तान की विदेश नीति के स्पेशलिस्ट हैं आपने धारा 370के टेक्निकल स्वरूप पर प्रकाश डाला राजनीतिक दल कुछ भी कहें धारा 370 हटाना आसान नहीं हैं हमारे संविधान की यही विशेषता उसे बदलना इतना आसान नहीं है लचीला नहीं है आराम से बदल लिया जाए | पाकिसान कमजोर पड़ता जाएगा वहाँ की हालत खराब होती जा रहीं है केवल बुद्धिजीवी की वजह से हाफिज सईद सत्ता को पकड़ नहीं पा रहे हैं हमारी सरकार को पीओके के बारे में और भी बताना चाहिए तथा बिलोचिस्तान के हाल बेहाल हैं जब कश्मीरी समझेंगे होश में आयेंगे भारतीय सरकार कश्मीरी युवकों को कैरियर और विकास की तरफ ले जाएँ बाकी कुर्बानियां हम दे ही रहें हैं| आपने लेख पढ़ कर अपने विचार दिये आप जैसे विद्वान का लेख पढना मेरे लिए सम्मान की बात है |

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: jlsingh jlsingh

आदरणीया,सादर नमस्कार, आपने कश्मीर समस्या को एकदम सही परिपेक्ष्य में प्रस्तुत किया है. एक समाधान तो यह था कि आर्टिकल 370 को समाप्त कर दिया जाय और कश्मीर को पूरी तरह से भारत में मिला लिया जाय. इसमें भी बहुत पेंच हैं. कुछ कानूनविदों का कहना है कि भारत में कश्मीर का विलय आर्टिकल 370 लागू करने की शर्त पर ही हुआ था. अब इससे वापस जाना सम्भव नहीं है. यह बात यूनाइटेड नेशन्स के भी संज्ञान में है. इन लोगों का कहना है कि आर्टिकल 370 एक ऐसा धागा है जो कश्मीर को भारत से बांधता है. इस धागे को तोड़ दीजिये और कश्मीर और भारत अलग अलग हो जायेंगे. अफ़सोस यह है कि यह धागा बहुत ही कमजोर है. प्रश्न यह उठता है कि इस धागे को कैसे मजबूत किया जाय यानि कि किस प्रकार कश्मीरियों का दिल जीता जाय आपके क्या विचार हैं.

के द्वारा: Dr S Shankar Singh Dr S Shankar Singh

के द्वारा: Shobha Shobha

अंजना जी लेख पढने के लिए बहुत धन्यवाद मैंएंग्लो अमेरिकन इम्पेक्ट ऑन द इंडो पाक रिलेशन विषय पर पीएचडी कर रही थी मुझे संयुक्त भारत के पार्टीशन पर लिखना था मैने एक फुट नोट देखा उसमें बाबा साहब ने लिखा था दो राष्ट्रीयताओं के सिद्धांत अब एन दोनों धर्मावलम्बियों को चैन से रहने नहीं देगा देश झगड़े रहेंगे इस्लामिक कट्टरवाद अब राजनीती पर हावी हो गया है यदि विभाजन हो गया इतनी बड़ी जनसंख्या का स्थानान्तरण आसान नहीं होगा दोनों देश शान्ति से रह नहीं सकेंगे सदा सीमा विवाद बना रहेगा विस्तार से पढ़ावही हुआ यह दूरदर्शिता बाबा साहेब में थी गांधी जी अंत तक कहते रहे पाकिस्तान मेरी लाश पर बनेगा लेकिन 3 जून को जब पार्टिशन प्लान आया चुप हो गये देश की जनता गाँधी जी पर बहुत विशवास करती थी |

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: harirawat harirawat

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

आदरणीय शोभा जी बहुत गहन भावनात्मक चिंतन किया है देखा जाए तो सत्य यही है कि  इटावा , सैफई और लखनऊ के अलावा किसी का विकास अगर हुआ है तो उनकी पार्टी में सिर्फ और सिर्फ अपराधियों का ! नौकरियाँ भी बिक रही हैं !  राज्य की सरकार यहां की 20 फीसदी मुस्लिम आबादी की उपेक्षा करके इन्हें जीवन के हर क्षेत्र पिछड़ा बनाए रखना चाहती है l इस सरकार के कार्यकाल के दौरान सांप्रदायिक शक्तियों के हौसले बुलंद हुए हैं. इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ रहा है.कानून व्यवस्था हमेशा से समाजवादी पार्टी का कमजोर पक्ष रहा है. जानकार कहते हैं कि इसकी एक बड़ी वजह खुद समाजवादी पार्टी है जहां बड़ी संख्या में अपराधियों को संरक्षण दिया जाता है और इसी के चलते जनता में कानून व्यवस्था को लेकर अखिलेश सरकार की नकारात्मक छवि बनती दिख रही है..........

के द्वारा: sunita dohare Management Editor sunita dohare Management Editor

जय श्री राम शोभा जी मुस्लिम समुदाय का भला तब तक नहीं होगा जबतक वे खुद ही न आगे आये और मौलवियों के चंगुल से मुक्त हो शिक्षा के साथ खुद में बदलाव लाये.राजनैतिक दल उन्हें बेफकूफ बना रहे वोट के लिए इस्तेमाल कर रहे टीवी डिबेट में अभी भी मुस्लिम नेता गलत बातो का समर्थन कर रहे किसी ने भी राष्ट्र विरोधी  नारो का विरोध नहीं किया आज़म खान ओवैसी ज़हर उगलते रहते आरक्षण मिल नहीं सकता वे इस्लामिक राज्य की कलपना कर रहे जो मिलेगा नहीं वैसे मुसलमानों ने पुरी दुनिया को कत्लेआम में धकेल दिया नागीरिया ऐसे शांतिपूर्ण देश आज बोलो हरम की वजह से तबाह हो रहा मायावती कुछ भी कहे कुछ नहीं होगा हा हो सकता है वोट मिलजाए.सुन्दर लेख के लिए आभार

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम शोभाजी लेख में आपने सब राष्ट्र प्रेमी देशवाशियो की भावनाओ से अवगत करा दिया.ये देश का दुर्भाग्य की एक राष्ट्र द्रोही कन्हैया को हीरो बना दिया क्योंकि उन्हें मोदीजी के विरोध वाला ही अच्छा लगता इसमें इंग्लिश मीडिया का बहुत बड़ा हात नितीश केजरीवाल ऐसे नेता अभी भी समर्थन कर रहे केरला बंगाल में रोज़ आरएसएस बीजेपी और दुसरे राजनैतिक विरोधी मारे जाते मीडिया चुप रहता ये कैसा देश की देश के टुकड़े करने वालो को देश का सबसे बड़ा नेता बता कर कांग्रेस और वाम दल उसके पोस्टर छपवा कर केरला और बंगाल में चुनाव में प्रचार करवाने का विचार किया यही मीडिया आजाद के आरएसएस पर दिए गए व्यान पर चुप देश को अस्थिर करने की विदेशी साजिस है जिसमे स्थानीय नेता भी शामिल है.लेख के लिए साधुवाद

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

श्री जवाहर जी मेरे पिता जी ने हम सबको बचपन में मेडम क्युरीकी कहानी सुनाई थी | मेरे जीवन की साध थी बच्चों के लिए मैरी क्युरी के बारे में लिखूं मैरी की छोटी बेटी नें माँ और पिता की बायोग्राफी लिखी थी मैने डिक्शनरी की मदद से ट्रांसलेशन कर अपने बच्चों को सुनाई थी बच्चे इतने भावुक हो जाते थे रोने लगते थे और अपने आप को मेडम क्युरी समझते थे तीन बच्चे मेरे और मेरी भांजी सब साथ बड़े हुए पीछे मुड़ कर नहीं देखा भांजी और मेरी बेटी इंजीनियर थी हम उन्हें साइंस में ही ग्रूम करना चाहते थे उन्होंने MBA किया भांजी हालीवुड से कोर्स कर बम्बई में नामी डायरेक्टर की असिस्टेंट है मेरी लड़की हार्वर्ड बी स्कुल में स्कौलर शिप से पढ़ी वहाँ उसका मेरिट में तीसरा नम्बर था आज बड़े ऊचे पद पर काम करती हैलड़के लडकियों से कुछ कम हैं मैने भी इसी लिए कहानी लिखी यदि किसी माता पिता या दादा की नजर चढ़ गयी बच्चो के लिए फायदा उठा सकते हैं |महिला दिवस पर एक संस्थान में मेरा लेक्चर था वहां जब मेने कहानी शुरू की कई लोगों ने सेल पर कहानी भर ली | महिलाओं की आँखों में तो आंसू आ गये यह मेने शौर्ट में लिखी है|बड़े उतार चढाव से भरा जीवन था

के द्वारा: Shobha Shobha

श्री आदरणीय सद्गुरु जी मेरे जीवन की साध थी बच्चों के लिए मैरी क्युरी के बारे में लिखूं मैरी की छोटी बेटी नें माँ और पिता की बायोग्राफी लिखी थी मैने डिक्शनरी की मदद से ट्रांसलेशन कर अपने बच्चों को सुनाई थी बच्चे इतने भावुक हो जाते थे रोने लगते थे और अपने आप को मेडम क्युरी समझते थे तीन बच्चे मेरे और मेरी भांजी सब साथ बड़े हुए पीछे मुड़ कर नहीं देखा भांजी और मेरी बेटी इंजीनियर थी हम उन्हें साइंस में ही ग्रूम करना चाहते थे उन्होंने MBA किया भांजी हालीवुड से कोर्स कर बम्बई में नामी डायरेक्टर की असिस्टेंट है मेरी लड़की हार्वर्ड बी स्कुल में स्कौलर शिप से पढ़ी वहाँ उसका मेरिट में तीसरा नम्बर था आज बड़े ऊचे पद पर काम करती हैलड़के लडकियों से कुछ कम हैं आप अपनी बेटी को बचपन से छोटे डोज में मैरी की कहानी सुनाईयेगा फिर असर देखिएगा मैने भी इसी लिए कहानी लिखी यदि किसी माता पिता या दादा की नजर चढ़ गयी बच्चो के लिए फायदा उठा सकते हैं |

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीया डॉ शोभा जी, मुझे दुःख है कि आपके इस पोस्ट तक आते आते मुझे काफी वक्त लग गया. दूसरा भाग मैंने कल ही पढ़ा था पर प्रतिक्रिया नही दे पाया. इस पोस्ट पर भी कोई खास प्रतिक्रिया नहीं है. न तो लोग संघर्ष करना चाहते हैं न ही संघर्ष वाली गाथाएं, जो इतिहास और विज्ञानं की भेंट है, आपको भी शायद दुःख है कि इस आलेख को बहुत कम लोगों ने पढ़ा. मैं तो केवल बिज्ञान के बिषयों में ही मैडम क्यूरी को पढ़ पाया हूँ. उनके संघर्ष की गाथा मेरे लिए कल्पना से परे थी. मैं आपकी इन दोनों आलेखों को अपने पास रक्खूँगा और बार बार पढूंगा और अपने बच्चों को भी पढने को कहूँगा. बिना संघर्ष के कुछ भी प्राप्त नहीं होता … आपका बहुत बहुत अभिनंदन जो आप इस मंच पर हमलोगों का ज्ञान वर्धन करती रहती हैं. सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

आदरणीया डॉ शोभा जी, मुझे दुःख है किआपके इस पोस्ट तक आते आते मुझे काफी वक्त लग गया. दूसरा भाग मैंने कल ही पदह था पर प्रतिक्रिया नही दे पाया. इस पोस्ट पर भी कोई खास प्रतिक्रिया नहीं है. न तो लोग संघर्ष करना चाहते हैं न ही संघर्ष वाली गाथाएं, जो इतिहास और विज्ञानं की भेंट है, आपको भी शायद दुःख है कि इस आलेख को बहुत कम लोगों ने पढ़ा. मैं तो केवल बिज्ञान के बिषयों में ही मैडम क्यूरी को पढ़ पाया हूँ. उनके संघर्ष की गाथा मेरे लिए कल्पना से परे थी. मैं आपकी इन दोनों आलेखों को अपने पास रक्खूँगा और बार बार पढूंगा और अपने बच्चों को भी पढने को कहूँगा. बिना संघर्ष के कुछ भी प्राप्त नहीं होता ... आपका बहुत बहुत अभिनंदन जो आप इस मंच पर हमलोगों का ज्ञान वर्धन करती रहती हैं. सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

शोभा जी नमस्कार ! लेख की जितनी तारीफ़ की जाय कम ही कम है ! एक मिशाल है जब चींटी की मृत्यु आने वाली होती है तो उसके पंख निकल आते हैं ! कन्हैया ने जेएनयू में सरकारी पैसों से पढ़ाई की उदर पूर्ती की, शान से हॉस्टल में रहा और आज उसी सरकार को बुरा भला कह रहा है, उसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता चाहिए, भारत देश के अंदर पाकिस्तान जिन्दावाद कहने की आजादी चाहिए ! आतंकी अफजल, मकबूल भट्ट को देश के अंदर जहां उन्होंने देशवासियों का कत्ले आम करवाया था, उनको फांसी पर चढाने वाले न्यायाधीश को भी उलटा सुल्ता कहने का अधिकार चाहिए ! मीडिया ने केजरीवाल ने, राहुल ने, नीतीश कुमार तथा शत्रुघ्न सिन्हा ने इस गुब्बारे में इतनी हवव भर दी है की ये कभी भी चौराहे में "भटम" होने वाला है ! हम उत्सुकता से इंतज़ार कर रहे हैं ! डिवॉन की पवित्र धरती पर अपवित्र असुर ज्यादा दिन ज़िंदा नहीं रहते !

के द्वारा:

श्री दूबे जी आप द्वारा मेरे लेख को पढ़े जाने और प्रतिक्रिया देने पर में कितनी खुश हूँ आप अनुमान नहीं लगा सकते मैं जब छोटी थी मेरे पिता जी नें मुझे मेडम क्युरी की कहानी सुनाई थी फिर मैने और अधिक पढ़ कर मेरे बच्चों को सुनाई थी उन पर बहुत असर पड़ा था |मैने ऐसे की ऐसे महिला दिवस के कार्यक्रम में सुनाई यह कह कर आज के बच्चे पढाई में शौर्ट कट काट रहे हैं जल्दी पढ़ें वः पढ़ें जिसमे बड़ा पे पैकेज मिलें साइंस की तरफ से विमुख हो रहे है रिसर्च में भी कम रूचि है वहाँ के उपस्थित बहुत लोगों ने सेल पर लिया और kha हम इसे अपने नजदीकी बच्चों को सुनायेंगे लेकिन बुद्धिजीवी वर्ग को इसमें कुछ पढने लायक नहीं मिला में आपका धन्यवाद करती हूँ

के द्वारा: Shobha Shobha

श्री जवाहर जी शिक्षा की जहाँ तक बात है साइंस बच्चे पढना नहीं चाहते सबको ऐसी शिक्षा चहिये जिससे आनन फानन मोटी तनखा मिले |मोदी जी जान चुके हैं नौकरियां जिनकी वह उम्मीद कर रहे थे अब मुश्किल है इसलिए खेती को प्रोत्साहन दे रहे हैं खेती में अब अधिक लाभ नहीं है परन्तु यदि लाभकारी खेती की जाये जैसे जेविक खेती किसान को लाभ होगा उन्होंने सिचाई के पुराने तरीके अपनाने की भी बात की हैं कुए और तालाब मनरेगा के अंतर्गत खुदवाएं जाएँ पानी धरती में समाये बेकार न बहे पशु पालन शहद उत्पादन किसान को गावों की और मुखातब किया जाए |उन्होंने बड़ी डिग्रियों जैसी जे एन यु में ली जा रहीं है के स्थान पर स्किल एजुकेशन पर बल दिया है |साइंस की शिक्षा युवक नौकरियों के स्थान पर नया काम करें दूसरों को रोजगार दें |इसके लिए बैंक लोंन हैं | मेने काफी समय बाहर काटा है विकसित देशों में कम्पलसरी मिलिट्री ट्रेनिग है |आज का जवान कितना बिगड़ रहा है दिल्ली में में रोज देख रहीं हूँ माता पिता संस्कार अब पुरानी बातें हो गयी हैं | जे एन यु की बात अब बाहर आई है वहाँ का शुरू से यही हाल है अब उन्होंने अलगाव वादियों को भी अपने साथ मिला लिया है |कांग्रेस के राज में सब कुछ ढका रहता हैं उसको और ढक देते हैं अत :ऊपर से सब ठीक लगता है |वोट में हमारी वैल्यू कुछ नहीं है में चैनलों में वार्ता के लिए बुलाई जाती हूँ दिल्ली चुनाव के समय गरीब झुग्गी वाला साफ़ कह रहा था हमें शिला अम्मा ने घर दिया खाने के कार्ड दिए केजरी वाल हमें मुफ्त पानी आधे में बिजली देगा अमीररखाते पीते कह रहे थे अबकी बार पुरे घर में ऐसी लगाना है आधे में बिजली मिलेगी अब तो कम्बल साईकिल से काम नहीं चलता लंबे समय के लिए सुविधा चाहिए असहिष्णुता और अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता मोदी जी के विरुद्ध चाल है उनके पास इसकी काट नहीं है क्योकि उनके अपने कुछ नेता जी मोदी आंधी में जीत कर आये हैं मानते ही नहीं हैं अपना राजनीतिक कद बढाने की कोशिश करते हैं लेख पढने के लिए बहुत धन्यवाद

के द्वारा: Shobha Shobha

भारत में प्रजातांत्रिक व्यवस्था है संविधान हैं संविधान में परिवर्तन लाने की व्यवस्था है संसद में कानून पारित होते हैं संविधान की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय है | किसके खिलाफ क्रान्ति और व्यवस्था परिवर्तन का नारा दिया जा रहा है ?- आदरणीया शोभा जी, आपके आलेख में एक प्रवाह होता है.दुनिया की सारी अच्छी बुरी बातों का समायोजन रहता है. आपके सुझाव अच्छे हैं, उम्मीद की जानी चाहिए कि वर्तमान मानव संशाधन विकास मंत्री आपके सुझावों पर गौर करेंगी. उनकी भी योजना है शिक्षा में आमूल चूल परिवर्तन लाने की. उनका संसद में भाषण शानदार था. मोदी जी अपना हर काम बखूबी निभा रहे हैं. ये ४४ सदस्य वाले ही अगर संसद न चलने दें तो दिक्कत तो होती है कानून पास करने में. सबसे पहले तो इनके नेता को सीमा पर जवानों के साथ कुछ दिन के लिए भेज देना चाहिए. जनरल वी के सिंह को बीच बीच में सांसदों को अनुशासन का पाठ पढ़ाना चाहिए. जे एन यु में उठ रहे देश द्रोह की शक्तियों को अभी से ही नियंत्रित करने की शख्त जरूरत है. पर कन्हैया तो हीरे बन गया है टी वी चैनलों का. अनुपम खेर ने कोलकाता में अच्छा भाषण दिया, बरखा दत्त भी बोलीं. बोलने की आजादी तो सबको मिली हुई है वहीं पर सुरजेवाला भी थे और जस्टिस गांगुली भी वक्त भी थे और श्रोता भी. शायद कुछ परिवर्तन देखने को मिले. ...सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

जय श्री राम शोभा जी आपने बड़े दुखी मन से देश हित में लेख लिख जिसके के लिए बधाई ,आज मोदी विरोध ही सेकुलर नेताओ का अजेंडा है भ्रष्टाचार भूल गए कुर्सी के लिए केजरीवाल राहुल नितीश देश को भी बेच दे बहुत बड़ी विदेशी साजिस है जिसमे इंग्लिश मीडिया भी शामिल ही.एक तरफ हमारे जवान देश हित में जान दे रहे वही छात्र राष्ट्र विरोधी और देश को तोड़ने वाले नारे लगा रहे और नेता समर्थन दे रहे देख कर सर शर्म से झुक जाता .कन्हैया को उछालने में मीडिया इंग्लिश प्रेस का बहुत हाथ परन्तु कुछ दिन में भूल जायेंगे जिस जज ने फैसले के साथ कुछ निर्देश और सलाह दी उसकी भी निंदा हुई और टीवी में एक डिबेट हाँ लोग कहाँ तक गिर गए .लेख के लिए साधुवाद.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

आदरणीय डॉ. शोभा भरद्वाज जी, आपने विस्तार से बजट पर चर्चा की है. ज्यादा कुछ कहने की गुंजाईश नहीं है. पर आपने मध्यम वर्ग की चर्चा जरूर की है. मध्यम वर्ग का मतलब मिहनती वर्ग. यही लोग अपना पूरा टैक्स देते हैं और यही लोग उपभोक्ता भी हैं, जो बाजार की वस्तुओं को खरीदने में रूचि दिखलाते हैं. वेतनभोगी वर्ग, टैक्स में छूट न मिलने से नाराज है, वहीं पी एफ फण्ड की निकासी पर लगाये जानेवाले टैक्स से भी नाराज है. बजट के दूसरे दिन ही जयंत सिन्हा और वित्त सचिव के अलग अलग बयान आये हैं. सम्भवत: इस पर पुनर्विचार की उम्मीद है. बाकी आपने सबकुछ समझा दिया है. किसानों की हालत सुधरे, इनसे भला कौन इन्कार कर सकता है. यही तो हमारे अन्नदाता है. अभीतक सबसे ज्यादा उपेक्षित किसान और कृषि मजदूर ही रहा है. यही लोग कृषि छोड़ शहरों की तरफ पलायन करने पर मजबूर हुए है. सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

के द्वारा: harirawat harirawat

जय श्री राम शोभा जी बहुत अच्छा लेख जिसकी प्रशंसा में शब्द कण पड़ जाते.देश का दुर्भाग्य की गांधीजी को मानने वाली कांगरेस और दुसरे सेक्युलर दल हिन्दुओ के धर्म और देवी देवताओ का अपमान करने में जरा भी शर्म नहींकरते साल में २ बार नव दुर्गा पूजा शाकी के साथ औरतो के प्रति हमलोगों के उच्च आदर्श दर्शाते है अब ये नेता जब स्मृति के सवालो का जवाब नहीं दे सके तो कहते है की हिन्दू धर्म का अपमान किया और राज्य सभा में उसके खिलाफ विशेष प्रस्ताव लेन वाले है राष्ट्र विरोधियो का जिस तरह सब दल समर्थन कर रहे सोनिया चुप देश के लिए शर्मनाक यही नेता घर में माँ दुर्गा की पूजा करते होंगे परन्तु राज्य सभा में विरोध क्या ओहर चरित्र ? दुनिया हमारी राष्ट्र भक्ति पर हंस रही होगी और पकिस्तान हमारी मूर्खता पर.इस सुन्दर लेख के लिए साधुवाद.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

श्री जवाहर जी जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी की अलग ही दुनिया है वह अपने को बुद्धिजीवी कहते हैं पहले वहाँ माओवादी डिस्कशन होते थे नक्सलाईट के भी सपोर्टर हैं अब तीन चार साल से नई तरक्की हुई है कश्मीरी अलगाव वाद पहले कांग्रेस सरकार इनको हाथ नहीं लगाती थी अब कुछ ज्यादा ही अति हो गयी | विश्वविधालयों में पुलिस के प्रवेश पर रोक रही है उसी का हवाला देते हैं यह यूनिवर्सिटी में सबसे सस्ती पढाई होती है यहाँ की लायब्रेरी अंतर राष्ट्रीय सम्बन्धों के विषय में सर्वोत्तम है जानते हैं यहाँ पहले 25 पैसे की चाय मिलती थी मेरे पति मुझे यहाँ देखने आये थे मैने उनको और उनकी बहन पर 75 पैसे खर्च किये थे अब भी 11रूपये में अच्छा खाना मिलता हैं फ़ीस शायद 250 रु साल भर की हैं देश से बाहर के लोग यहाँ एडमिशन मिलना सौभाग्य समझते हैं भारत में कांग्रेस वर्चस्व की सरकारों या मिली जुली सरकारों का का चलन रहा है बहुमत की सरकार हजम नहीं हो रही है देश को एक दिन बर्बादी में ले जाने की कोशिश की जा रही हैं लेख पढने के लिए बहुत धन्यवाद

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीय शोभा जी, सादर अभिवादन! आपके आलेख से पूरी तरह सहमत हूँ. देशद्रोह हर हाल में गलत है. अब चाहे जिनको राजनीतिक रोटी सेंकना है सेंक रहे हैं.... आज सुबह की खबर थी कि बाकी चार आरोपी भी विश्वविद्यालय परिसर में देखे गए हैं. पुलिस गेट से ही लौट आयी क्योंकि उसे अंदर आने की अनुमति नहीं मिली. समझ में नहीं आता कि विश्वविद्यालय प्रशासन क्यों चुप है. कुछ प्रोफेसर भी कन्हैया की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे. गलत तो गलत होता है. ऊपर से जाट आंदोलन! अब यह सब मोदी सरकार को घेरने की साजिश या उनके क्रिया कलापों पर अंकुश लगाना ही कहा जायेगा. जब देश इतना डिस्टर्बड है तो कोई विदेशी निवेश यहाँ कैसे होगा? प्रश्न चिह्न बड़ा है. समाधान सबको मिलकर ढूंढना चाहिए.अब देखें संसद में क्या होता है. हंगामेदार होने के आसार तो नजर आ रहे हैं. मैं इधर बिहार भ्रमण पर था.इसलिए सामयिक विषयों पर ज्यादा कुछ नहीं लिख सका. प्रतिक्रियाएं भी देर से दे रहा हूँ. सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

के द्वारा: DR. SHIKHA KAUSHIK DR. SHIKHA KAUSHIK

बहुत अच्छा आलेख आदरणीया | अध्यात्म रामायण में वर्णित है,जो भी हुआ ,सब माँ भगवती आदि शक्ति की इच्छा से ही हुआ,कहते हैं -बिना भगवती की इच्छा से राक्षसों का भी वध भी नहीं हो सकता था,माँ को अपने सभी पुत्र प्यारे होते हैं ,चाहे वह जैसे भी हो. अवतार में कुछ कार्य शेष थे-जैसे वाल्मीकि आश्रम निवास ,प्रभु पुत्रो का ऋषिवर्य द्वारा पालन,देश के मथुरा आदि क्षेत्रों में निवास करने वाले राक्षसों का वध,जिसे प्रभु ने पूर्ण किया,अपने भाइयों ,सुग्रीव आदि का मान -मर्दन | मेरे बाबा जी कहते,अपने से सब हार जाते हैं -भगवान ने भी लव-कुश के सामने धनुष -वाण छोड़ दियें | आदि - अंत में ||जानी न जाइ राम प्रभुताई || हरि अनंत हरि कथा अनंता ||

के द्वारा: pkdubey pkdubey

के द्वारा: Shobha Shobha

श्री जवाहर जी इसी लिए श्री राम को चौदह कला की श्रेणी में रखा जाता हैं श्री कृष्ण सम्पूर्ण माने जाते हैं | भगवती सीता नारी सशक्तिकरण का उदाहरण थी सीता जी ने एक बार भी अपने पुत्रों के अधिकारों या उनके साथ पिता का नाम लगने की बात नहीं की सम्पूर्ण सभा में उन्होंने हर परिचित चेहरे की तरफ देखा उसके बाद उन्होंने कहा मैं परीक्षा दूंगी श्री राम ने यह नहीं कहा तुम्हे परीक्षा देने की जरूरत नहीं है तब उन्होंने राजाराम जिन्होंने अश्वमेध यज्ञ किया था अपने समय के प्रतापी राजा थे उनके साथ राजसुख भोगने का मोह नहीं किया |धरती से कहा उनको अपने में समेट ले | देखा जाए उन्होंने बिना प्रश्न किये राम का त्याग किया था |धरती को शक्ति शाली राजा अधिकार करने के लिए कितने यत्न करते हैं लेकिन उसी धरती से ज्वालामुखी निकलते हैं जलजले आते हैं सुनामी तो अभी हाल में देखे है ऐसी धरती धरती का आह्वान करना मामूली बात नहीं है | श्री राम का काल कृषि युग था उस समय महिलाओं को अधिक अधिकार नहीं थे | लेकिन रक्ष संस्कृति ( रावण की द्रविड़ ) में वह अधिक अधिकार रखती थी |कुछ श्री राम का समर्थन कर लूँ उनके आदर्श ऐसे बताये गये हैं समाज में कोई गिरते - गिरते भी कितना गिरेगा | रामराज का अर्थ ही आदर्श राज्य है आज जैसा समय नहीं था यदि राजकुल से सम्बन्धित हो राजा की भार्या हैं आपके अधिकार नियमों से बंधे हैं| आज का न्यायाधीश उस युग के विषय पर क्या न्याय करेगा|इसी लिए इस्लाम में धर्म केवल आस्था कोई प्रश्न नही है | मेरी समझ में यही आया है |

के द्वारा: Shobha Shobha

आदरणीया शोभा जी, सादर अभिवादन! हम मान लेते हैं सिरफिरे लोग अपनी प्रसिद्धि पाने के लिए ही इस तह के हथकंडे अपनाते हैं. पर प्रश्न तो वहीं का वहीं है न! भगवती सीता का अपराध क्या था जिसे मर्यदा पुरुषोत्तम ने गर्भावस्था में अपने महल से निकालकर जंगल में छोड़ दिया. आपके आलेख के अनुसार महर्षि बाल्मीकि के कहने पर भी श्रीराम का सीता को अपनी पवित्रता की परीक्षा देने के लिए कहना ...क्या यह उचित था? भगवान राम श्रीविष्णु के अंशावतार थे पर उन्हें मर्यादापुरोषत्तम कहा गया है. यहाँ क्या उनकी मर्यादा और न्याय उचित था? ऐसे प्रश्न इसी मंच से अनेक विदुषियां उठाती रही हैं ... सम्भव हो आपने पढ़ भी होगा. अन्य धर्म अपने धर्मगुरु से प्रश्न करने का इजाजत ही नहीं देते पर हिंदू धर्म तो ऐसा नहीं है. यहाँ प्रश्न उठाते रहे हैं समाधान भी हुआ हैं. जैसे सती प्रथा बंद हुई, विधवा विवाह शुरू हुआ. आदि आदि ...समयनुसार उत्तरोत्तर सुधार जारी है. अगर प्रश्न न उठे तो सुधार की संभावना नहीं रहती. ासः है आप मेरा तात्पर्य समझ रही होंगी. मैं भी भगवान राम में और हिंदू देवी देवताओं में आस्था रखता हूँ. आस्था के सामने प्रश्न या शंका गौण हो जाता है ...पर जिज्ञाषा तो मन में होती है न!... सादर! कमेंट पोस्ट होने में कुछ दिक्कत आ रही है ...तकनीकी समस्या ?

के द्वारा: jlsingh jlsingh

आदरणीया शोभा जी, सादर अभिवादन! हम मान लेते हैं सिरफिरे लोग अपनी प्रसिद्धि पाने के लिए ही इस तह के हथकंडे अपनाते हैं. पर प्रश्न तो वहीं का वहीं है न! भगवती सीता का अपराध क्या था जिसे मर्यदा पुरुषोत्तम ने गर्भावस्था में अपने महल से निकालकर जंगल में छोड़ दिया. आपके आलेख के अनुसार महर्षि बाल्मीकि के कहने पर भी श्रीराम का सीता को अपनी पवित्रता की परीक्षा देने के लिए कहना ...क्या यह उचित था? भगवान राम श्रीविष्णु के अंशावतार थे पर उन्हें मर्यादापुरोषत्तम कहा गया है. यहाँ क्या उनकी मर्यादा और न्याय उचित था? ऐसे प्रश्न इसी मंच से अनेक विदुषियां उठाती रही हैं ... सम्भव हो आपने पढ़ भी होगा. अन्य धर्म अपने धर्मगुरु से प्रश्न करने का इजाजत ही नहीं देते पर हिंदू धर्म तो ऐसा नहीं है. यहाँ प्रश्न उठाते रहे हैं समाधान भी हुआ हैं. जैसे सती प्रथा बंद हुई, विधवा विवाह शुरू हुआ. आदि आदि ...समयनुसार उत्तरोत्तर सुधार जारी है. अगर प्रश्न न उठे तो सुधार की संभावना नहीं रहती. ासः है आप मेरा तात्पर्य समझ रही होंगी. मैं भी भगवान राम में और हिंदू देवी देवताओं में आस्था रखता हूँ. आस्था के सामने प्रश्न या शंका गौण हो जाता है ...पर जिज्ञाषा तो मन में होती है न!... सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

डा. शोभाजी प्रणाम, सही कहा आपने, न जाने लोगों को क्या हो गया है सस्ते में लोकप्रियता पाने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ते| न ही अपने धार्मिक पुराणो, ग्रंथों को जानते हैं न जानने का प्रयास ही करते हैं, लिखी अथवा कही गई बात पर चिंतन मनन तो दूर अध्ययन तक नहीं करते उधर कोर्ट या जज को ही लो असली मुकदमें सुलझाने का तो समय नहीं है इनके पास तब तो तारिख पे तारिख | आरोप यदि ईश्वर पर है तो इनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है और यदि किसी मानव पर है तो भी ऐसे किसी प्राणी पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता जो उस वक्त इस जगत में ही न हो अजीब उपहास का विषय है| ऐसे लोगों को कोर्ट का समय बर्बाद करने की सजा मिलनी चाहिए | रामायण की विशेष रोचक कथा पाठकों तक आपने पहुंचाई बहुत बहुत साधुवाद|

के द्वारा: bhagwandassmendiratta bhagwandassmendiratta

जय श्री राम शोभा जी आपने तो स्वतंत्र संग्राम के इतिहास का  वर्णन बहुत ख़ूबसूरती से किया.गांधी जी ने कहा था की कांग्रेस को भंग कर दो क्योंकि इसके नेता देश को अंग्रेजो से ज्यादा लूटेंगे जो सही साबित हुआ.हम लोगो नेसूझ भूझ से मुसलमानों के मामले में काम नहीं किया  आज भी देश में मुस्लिम दलित की राजनीती हो रही हिन्दू दुसरे दर्जे की तरह है.एडविन माउंटबेटन लन्दन में नेहरूजी और जिन्ना के साथ पढ़ती थी जिसकी वहः से दोनों में एक दुसरे के लिए नफरत थी.एडविन ने ही नेहरु और जिन्ना से अलग अलग दिनों में देश के विभाजन के लिए हस्ताक्षर करवाहे थे.एडविन इसी लिए भेजी गयी थी की नेहरू को पटा ले.गांधी जी के  राम और सिधान्तो को कांग्रेस भूल गयी गांधी जी ने जिन्नाह को उप प्रधानमंत्री के लिए राजी कर लिया था लेकिन नेहरु जी ने कहा की जिन्ना को तो वे चपरासी का पद भी नहीं देंगे जिसके बाद जिन्ना पकिस्तान की मांग करने लगा.अभी तक सही इतिहास पता ही नहीं लेख के लिए साधुवाद

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

के द्वारा: DEEPTI SAXENA DEEPTI SAXENA

जय श्री राम शोभा जी बहुत सही लिखा इस देश में चुनावो के वक़्त ऐसे ही आवाज़े उठेगी क्योंकि इस तसती राजनीती के चलते वोटो का जुगाड़ लगाना चाहते उम्मीद है देश की जनता बिहार की तरह मूर्खता नहीं करेगी.ममता आज़म खान (उत्तर प्रदेश) और कर्णाटक के मुख्यमंत्री के खिलाफ ट्वीट करने में पुलिस पकड़ कर मुकदमा कर देती कोइ असहिष्णुता नहीं दिखती असल में मोदी जी की जीत और उनके अच्छे कार्य पचा नहीं पाए कारन,आमिर या शाहरुख खान बताए किस देश में हमारे यान से ज्यादा सहिष्णुता है हम लोग इसीलिये अपना नुक्सान करवा चुके राहुल केजरीवाल सड़क छाप नेताओ की तरह वर्ताव कर राजनीती का स्तर नीचे गिरा  रहे लेख के लिए साधुवाद

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal