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"भारत पाकिस्तान सीमा और फायरिंग "अब सब शांत कैसे

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पाकिस्तान में पढ़े लिखों का एक ऐसा वर्ग है जो भारत पकिस्तान बटवारे पर ही सवाल उठाता है उनके अनुसार इतना बड़ा बाजार था आज पूरा विश्व इस बाजार की और ललायित नजरो से देख रहा है दोनों देश एक होते कितना बड़ा बाजार होता यदि बटवारा न होता संख्या बल में भी वह बहुमत से कुछ ही पीछे होते | कुछ के अनुसार बटवारा ही ठीक नहीं हुआ | पाकिस्तान के पठान लोग साफ़ कहते है यह अन्तर्राष्ट्रीय बार्डर क्या होता है ? यह नार्थवेस्ट फ्रंटियर के लोग हैं यहाँ जम कर अफीम की खेती होती हैं उन्हें अपने यहाँ विकास भी पसंद नहीं है | विश्व के बाजार में नशे का व्यपार करते हैं लेकिन यदि उनका अपना कोई नशे का सेवन करे उसे जान से मार देने की धमकी देते हैं |पाकिस्तान का ‘पंजाब ‘ सच पूछा जाए वही अपने को सर्वश्रेष्ठ समझता है उनमें पंजाबियत कूट कूट कर भरी है रावी नदी के पुल के पार वह सिवाय हम जुबान के अलावा किसी को भी आने नही देना चाहते| पंजाबी पहले पंजाबी है फिर कोई और पाकिस्तान में आज भी जागीर दारी सिस्टम है सेना के बड़े –बड़े अफसरों के खेत हैं नहरों का पानी भी वह अपने खेतों में खीँच लेते है पंजाब में ऐसा चावल पैदा होता है जो पकने के बाद बारीक़ सेवइयों जैसा होता है परन्तु सब अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बिकने चला जाता है पाकिस्तानियों की तकदीर में बस उसके टुकड़े रह जाते है| जब वह चावल पकता है उसकी खुशनुमा खुशबू दूर-दूर तक फैल जाती है| ऐसी उपजाऊ जमीन पाकिस्तान के हिस्से में आई थी | पंजाब के लोग पंजाबी बोलते हैं परन्तु हमारे देश के पंजाब की तरह पंजाबी लिपि में नहीं लिखते उसे उर्दू लिपि में लिखते है | पकिस्तान में किसी भी जुबान में बोले परन्तु लिपि उर्दू होगी |
अब रहा सिंध उसी ने मुहाजरों ( आज भी भारत से गये मुस्लिम को मुहाजिर कहते है मतलब रिफ्यूजी )को अपने यहाँ पनाह दी थी ज्यादातर यह लोग कराची में बसे हुए हैं |उनहें याद है वह Aहिन्दुस्तान के किस हिस्से में रहते थे |
१९४७ में भारत से कब्जाया हुआ कश्मीर (POK) यहाँ आतंकवादियों को ट्रेनिग देने के कैम्प चल रहे है वैसे तो इन आतंकवादियों को भारत में आतंक फैलाने के लिए सीमा में प्रवेश कराने की कोशिश हर समय की जाती है लेकिन सितम्बर के आखिर और अक्तूबर के माह में जब सीमा पर फसलें तैयार खड़ी होती है और कश्मीर में बर्फ गिरने से पहले पकिस्तान के रेंजरों की गोला बारी शुरू हो जाती है इसी गोला बारी की आड़ में आतंकवादियों को भारतीय सीमा में प्रवेश कराया जाता है |यह कार्यक्रम हर वर्ष चलता है भारत भी जबाबी कार्यवाही करता है | आतंकवादी घाटी में प्रवेश कर देश में आतंकवाद की कार्यवाही की योजनाये बनाते हैं कश्मीर में भी सुरक्षा बलों से मुठभेड़ करते हैं |
पाकिस्तान एंग्लो अमेरिकन ब्लॉग का मेम्बर था जिसे वार्सा के मैम्बर कम्युनिस्ट रशिया और चीन के खिलाफ बनाया गया था, पाकिस्तान को अत्याधुनिक हथियार दिए गये थे ,उसने अपने सैनिकों को चीन से गुरिल्ला युद्ध की दो वर्ष तक ट्रेनिग दिलवाई | उस समय के विदेश मंत्री भुट्टो एक –एक कदम युद्ध की और बढ़ा रहे थे अमेरिकन हथियारों ने पकिस्तान का मनोबल इतना बढ़ा दिया ५ अगस्त १९६५ से धीरे धीरे पाकिस्तानी घुसपेठियों जम्मू कश्मीर में प्रवेश करने लगे १ सितम्बर को पाकिस्तानी सेना ने छम्ब सेक्टर और अमृतसर के बाघा बार्डर से हम पर हमला कर दिया लेकिन भारत ने लाहौर का बार्डर खोल दिया लाहौर शहर से हमारी सेनाओं ने केवल सोलह किलोमीटर पर पडाव डाले थी पूरा लाहौर शहर काँप रहा था | आखिर में युध विराम हुआ रूस की मध्यस्तता से ताशकंद समझौता हुआ |
१९७१ का युद्ध पाकिस्तान कभो नहीं भूलेगा उसके दो टुकड़े हो गये पूर्वी पाकिस्तान भारत की मदद से एक नया देश बना “ बंगलादेश’ यह पाकिस्तान के सीने में ऐसी गड़ी फांस है जो सदा गड़ी रहेगी| देश की प्रधान मंत्री इंदिरा जी की शहादत के बाद राजीव गांधी की बहुमत की सरकार के बाद, हमारे देश में बहुमत की सरकार ही नहीं बनी इसी बीच करगिल का युद्ध हुआ | लगभग ३० वर्षों के बाद २०१४ में मोदी जी की बहुमत की सरकार बनी है, भारत में निवेश करने के लिए विश्व के कई देश आतुर हैं चीन जापान और अमेरिका ने अपना निवेश बढ़ाया है |पकिस्तान हमारे देश की बढती प्रतिष्ठा कैसे सह सकता है |
पाकिस्तान का अपना हाल बेहाल है सेना अपना वर्चस्व सत्ता पर बढाना चाहती है परन्तु देश की आर्थिक स्थिति खराब है ISI का अपना कार्यक्रम है वह भारत में आतंकवादी गतिविधियों को ढीला नहीं पड़ने देना चाहते | नवाज शरीफ की सरकार जनता की चुनी हुई सरकार है लेकिन उनकी अपनी हालत खराब है पिछले दिनों पकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के चेयरमैन इमरान खान और कनाडा में बसे मौलाना ताहिरुल कादरी अपने दल बल के साथ इस्लामाबाद की और कूच कर गये अब राजधानी में धरना दे कर बैठे हैं और नवाज शरीफ से इस्तीफा मांग रहे थे | बड़ी मुश्किल से नवाज साहब ने सेना के सामने घुटने टेक कर अपनी गद्दी बचाई हैं | इधर हाफिज सईद अपने भुट्टे सेक रहा है उसे जेहाद करना है | मंत्री गण भारत को याद करा रहे हैं दोनों देश न्यूक्लियर पावर है ,यदि युद्ध हुआ उसका परिणाम बहुत भयानक होगा | भारत ने बहुत शांति से काम लिया जब पाकिस्तानी मोर्टार लगातार सीमा के नागरिक ठिकानों पर गिर रहे थे नागरिक पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे थे | हमारी सेना ने जबाबी कार्यवाही की ,अब पाकिस्तान फ्लैग मीटिग को तैयार है |नवाज साहब के भी दर्शन हो गए |मोदी जी ने कहा सीमा पर हमारे जवान जबाबी कार्यवाही को तैयार है उन्हें जबाबी कार्यवाही करने का पूरा अधिकार है | पहले की तरह प्रधान मंत्री आफिस की फाइलें अब किसी और की टेबल पर स्वीकृति के लिए नहीं जाती | पाकिस्तान और घुटनों पर आ जायेगा हमारी सेनाओं का मनोबल बहुत ऊचाँ है |अभी तो केवल ८० मोर्टार के हजारों गोले दागे हैं जिससे पाकिस्तानी रेंजरों का मनोबल टूट गया |हर सीमा पर हमारे BSF के जवान तैयार हैं |

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डॉ शोभा भारद्वाज

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20 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
October 10, 2014

पाकिस्तान का अपना हाल बेहाल है सेना अपना वर्चस्व सत्ता पर बढाना चाहती है परन्तु देश की आर्थिक स्थिति खराब है ISI का अपना कार्यक्रम है वह भारत में आतंकवादी गतिविधियों को ढीला नहीं पड़ने देना चाहते | नवाज शरीफ की जनता की चुनी सरकार है लेकिन उनकी अपनी हालत खराब है पिछले दिनों इरफान खान और मौलाना कादरी अपने दल बल के साथ इस्लामाबाद की और कूच कर अब राजधानी में धरना दे कर बैठे हैं बड़ी मुश्किल से नवाज साहब ने अपनी गद्दी बचाई हैं | इधर हाफिज सईद अपने भुट्टे सेक रहा है भारत को याद कराया जा रहा है दोनों देश न्यूक्लियर पावर है | भारत ने बहुत शांति से काम लिया जब पाकिस्तानी मोर्टार लगातार सीमा के नागरिक ठिकानों पर गिर रहे थे नागरिक पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे थे | हमारी सेना ने जबाबी कार्यवाही की अब पाकिस्तान फ्लैग मीटिग को तैयार है | आदरणीया डॉ शोभा भारद्वाज जी ! ऐतिहासिक तथ्यों से परिपूर्ण जानकारी भरा लेख ! बहुत बहुत बधाई ! एक त्रुटि है इरफान खान नहीं बल्कि इमरान खान होना चाहिए !

ranjanagupta के द्वारा
October 10, 2014

आदरणीय शोभा जी ! आपके लेख बेहद जानकारी भरे और पुष्ट प्रमाण सहित होते है !अत: पठनीय बेहद होते है !सादर साभार !!

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
October 10, 2014

शोभा जी अच्छा सामयिक, जानकारीपूर्ण लेख है । बधाई ।

Shobha के द्वारा
October 11, 2014

आदरणीय बिष्ट जी लेख पढने का बहुत धन्यवाद आपको अच्छा लगा धन्यवाद डॉ शोभा

Shobha के द्वारा
October 11, 2014

प्रिय रंजना जी आपको मेरा लेख अच्छा लगा बहुत धन्यवाद मैं जब लिखती हूं कोशिश करती हूं आप सब को अच्छा लगे और रोचक बन जाए धन्यवाद शीत शोभा

Shobha के द्वारा
October 11, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी मेरी बहुत बड़ी भूल को आपने मुझे बताया मैने भूल सुधर ली है इमरान खान लिख कर ठीक कर दिया है बहुत धन्यवाद सद्गुरु जी आपने मेरा लेख अच्छी तरह पढ़ा है आपने भी इस विषय पर लिखा था और सीमा विवाद के कई कारण दिए थे वह सम्पूर्ण लेख था |फिर भी आपको मेरा लेख अच्छा लगा यह आपकी महानता है मैं काफी समय तक पाकिस्तानी परिवारों में घुल मिल कर रही हूँ पाकिस्तानी जब विदेश में होते हैं उनकी नार्थ इंडियन के साथ बहुत मधुर सम्बन्ध होते हैं | पंजाब की धरती मै पैदा हुआ चावल मैने ईरान के होटल में खाया क्या चावल था मैं उनके किचन में गई उनके बावर्ची से पूछा यह कहाँ का चावल है उसने मुझे बोरी पर लगा लेबल दिखाया उस पर पाकिस्तान लिखा था में भारत का चावल समझ रही थी इस होटल में किचन कांच का बना था जो पकता था सामने दिखता था पाकिस्तानी परिवारों ने बताया हम तो जानते ही नहीं है हमारा चावल कैसा है हम तो इसका तीन फाड़ खाते हैं सोचिये कैसी सोने सी जमीन यह ले गये आज भी हमसे दुश्मनी रखते हैं शोभा

Bhola nath Pal के द्वारा
October 14, 2014

आदरणीय शोभा जी मैं आपके प्रतेयक लेख का गहन अध्यन करता हूँ | एक श्रेष्ट लेख आपने लिखा है | धन्यवाद|

Shobha के द्वारा
October 14, 2014

आदरणीय भोला नाथ जी आपको मेरा लेख पसंद आया धन्यवाद डॉ शोभा

yamunapathak के द्वारा
October 14, 2014

शोभा जी आपका यह ब्लॉग बेहद जान कारी भरा है…यह सच है कि पाकिस्तान जो भी कर रहा है वह भारत देश की वर्त्तमान नेतृत्व को उकसाने और उसे दिग्भ्रमित करने के लिए ही कर रहा है…..देश जागृत है हमारे जवान मुस्तैदी से डटे हैं एक बहुत ही ज्ञान वर्धक ब्लॉग के लिए आभार

Shobha के द्वारा
October 14, 2014

श्री सारस्वत जी जी आपको काफी समय से ब्लॉग पर नहीं देखा आज आपने मेरा लेख पढ़ा बहुत ख़ुशी हुई लेख पढने का धन्यवाद अब राज बदल गया है मोदी जी हैं |मै काफी समय विदेश में रही हु वहां पाकिस्तान की बासमती बिकने आती हैं होटलों में ज्यादातर वहीं परोसते हैं हमने खरीदी बहुत आव्वल दर्जे की नहीं थी उसकी ऐसी खुशबू थी दूर तक फैलती थी गलती से पानी ज्यादा पड़ जाये तब भी चावल खड़े रहते थे पाकिस्तानियों ने दुःख से बताया असली बासमती सऊदी , और अमेरिकन बाजार में डालर में बिकती है हैं हमारे यहाँ की बासमती भी मिडिल ईस्ट बिकने जाती है वह भी यहाँ नहीं बेचते पाकिस्तान के पास विभाजन में बड़ी उपजाऊ जमीन गई है डॉ शोभा

sadguruji के द्वारा
October 15, 2014

आदरणीया शोभा जी ! एक अच्छी सुबह के समय आप सबके लिए आज का दिन मंगलमय होने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ ! आपने पिछले लेख में और इस बार एक कमेंट में पाकिस्तान के खुशबूदार बासमती चावल का जिक्र किया है ! मैंने उसे तो नहीं खाया है,परन्तु कुछ महीने पहले अपने हिंदुस्तान के कटक का एक बेहद खुशबूदार और लाजबाब स्वादवाला बासमती चावल खाया था ! पतले पतले बहुत खुशबु और यादगार लजीला स्वाद देते चावल ! मैं बनिए से बार बार वही चावल मांगता हूँ,परन्तु वो दे ही नहीं पा रहा है ! चावल मुझे ज्यादा पसंद नहीं है,परन्तु वो चावल तो जैसे खाने के लिए आमंत्रित और मजबूयर् सा कर देता है ! कहीं मिले तो एक बार उसका प्रयोग कर देखिये !

Shobha के द्वारा
October 15, 2014

आदरणीय सद्गुरु जी वह चावल पेप्सी वाले हमें पानी पिलाते है और उसके बदले में यहाँ से उठा कर विश्व बाजार में बेचते हैं यह ज्यादातर मिडिल ईस्ट में जाता है अबकी बार वहा झगड़े चल रहें है शायद अब वह बाजार में बिके | ईरान में युद्ध चल रहा था अत :राशनिग सिस्टम था एक बार हमारे यह चावल आया जम बनाया पानी भी कुछ ज्यादा डाल दिया चावल पकते समय एक सोंधी खुशबु आने लगी चावल पक कर एक-एक दाना होगया यह पाकिस्तानी चावल था वह भी अव्वल दर्जे का जो होटलों में परोसा जाता उस क्बालिटी का नहीं था तब भी गजब था मैने पाकिस्तानी जान कारों से पूछा उन्होंने बताया यह सारा चावल विदेश जाता है हमने नहीं खाया सद्गुरु जी एक बार हमने विदेश में हिद की चाय खरीदी golden drop क्या चाय थी ? हम जब तक रहे वही चाय लाते थे यह सब विदेशों में डालर में बिकने जाती है पकिस्तान में आज भी जागीरदारी सिस्टम है आर्मी वालों के बड़े-बड़े पार्म है वहाँ नायाब चावल पैदा करते है | है कभी आपको विदेश जाने का मोका मिला यह एयर लाइन वाले परोसते हैं शोभा

smtpushpapandey के द्वारा
October 17, 2014

pyaari behan shobha bhardwaj ji aapka bahut bahut dhanyawaad aap mere blog mein aayi aur mujhe kuch nirdesh diye lekin aap yeh nahi jaanti hain ki pak sainik aur bhartiya sainikon mein jamin aasmaan ka antar hai pak ki sena krur aur कत्लेआम मचाने वाली है जबकि हमारी सेना धैर्यवान जनता को चाहने वाली और जनता के लिए सहानुभूति प्रदान करने वाली है देखा नहीं आपने की केदार और कश्मीर में किस तरह अपनी जान पर खेलकर जनता को बचाया सरकारी सहायता तो बाद में गयी और सरकार की तरफ से खाना और दवाइयाँ भी बाद में गयी लेकिन बॉर्डर के जवानों ने अपना भोजन देकर और अपनी दवाइयाँ देकर जनता की सहायता की आजादी के बाद से अबतक लोकतंत्र ही रहा एक बार सेना को मौका देके देखना तो चाहिए आशा करती हूँ आप बुरा नहीं मानेंगी धन्यवाद

Shobha के द्वारा
October 17, 2014

प्रिय पुष्पा जी आपके विचार मुझे बहुत अच्छे लगे लेकिन फिर से अपनी बात रखती हूँ सेना वही करती हैं जैसा उपर से निर्देश होता हैं हममें सहिष्णुता हैं वही पाठ सेना को पढ़ाया गया है परन्तु राज चलाना बड़ी चालानी का काम होता है इसमे AC,DC दोनों चलना पड़ता हैं मैं दस साल डिक्टेटरशिप में रही हूँ मैने देखा जब सत्ता का स्वाद लग जाता है उसे त्यागना कितना मुश्किल हैं यह प्रजातंत्र हैं इंदिरा जी जिन्होंने हारने के बाद सत्ता जनता दल को सोंप दी सेना एक बार सत्ता सुख भोगने के बाद बैरकों में नहीं जाती शुरू में सब कुछ अच्छा लगता हैं काम भी अच्छे होते हाँ फिर पर्सनल महत्वकांक्षाये जग जाती है | फिर से आपको धन्यवाद देती हों डॉ शोभा

Ranjan Bhardwaj के द्वारा
October 20, 2014

Shobha ji apki post main sachchai k sath debhakti v dikhta h Yah ek sach hai ki bharat ek bada bajar hai lekin hame chin jaise desh k sath barabri ka samjhauta karana padega Matalab ki chin jitna nivesh bharat man karega bharat v untna nivesh chin main kare

Shobha के द्वारा
November 5, 2014

Ranjan जी लेख पढने का बहुत शुक्रिया आपने अपने विचार दिए हैं वह वास्तविकता हैं शोभा

brijeshprasad के द्वारा
November 22, 2014

आदरणीय शोभा जी ,प्रणाम। आप जिस भी विषय को लेती है, उसका “नख -शिख ” वर्णन्न बड़ा ही प्रभावशाली होता है। आप के लेख केवल पढ़ने मात्र के लिए ही नहीं वरन संकलन की सामिग्री होते है। इस के लिए बहुत – बहुत आभार।

Shobha के द्वारा
November 23, 2014

श्री ब्रजेश जी आपने मेरा केख पढ़ा आपको पसंद आया बहुत -बहुत धन्यवाद डॉ शोभा

Shobha के द्वारा
January 10, 2015

प्रिय यमुना जी लेख पढने के लिए बहुत धन्यवाद डॉ शोभा


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