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राजधानी में बिमारी का बढ़ता प्रकोप उदासीन दिल्ली सरकार "जागरण जंगशन फोरम"

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दिल्ली चुनाव के समय आम आदमी पार्टी के आक्रामक तेवर थे उन्हें दिल्ली की सत्तारूढ़ कांग्रेस का विरोध करना और साथ ही केंद्र सरकार और प्रधान मंत्री  मोदी जी को लपेटना था | जनता ने भी वोटों से उनकी झोलियाँ भर दी ऐसा बहुमत जिसकी ‘आप’ को भी उम्मीद नहीं थी | सरकार बनाने के बाद भी सरकार के तेवर जैसे चुनाव से पहले थे वैसे ही अब हैं | नजीब जंग को कटघरे में खड़े करना मोदी जी की तो पूछिए ही नहीं उन पर ऐसे आरोप लगाये जाते हैं एक बार ऐसा लगा जैसे क्या देश में कानून का शासन खत्म हो गया ताना शाही आ गयी है ?दिल्ली सरकार को केंद्र के स्वास्थ्य विभाग से साल के शुरू में ही आदेश आ रहे थे डेंगू फैले इससे पहले ही मच्छर पनपने से रोकने के इंतजाम किये जायें |यह  दिल्ली सरकार और नगर निगम के सहयोग से सम्भव है |जुलाई माह के अंतिम दिनों में डिप्टी सीएम मनीष शिशोदिया ने कहा था सभी लोग ताल-मेल बनाकर काम करेंगे तभी आने वाले समय में डेंगू  से दिल्ली वालों को बचाया जा सकता है अत: खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार डेंगू क्लीनिक शुरू करेगी जरूरत पड़ी तो अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ायी जायेगी जबकि मुहल्ला क्लीनिको का प्रचार अधिक हुआ प्रसार देखने में कम ही आया |आज के दिनों में  एनसीआर में चिकनगुनिया जोरों पर है डेंगू ने भी दस्तक दे दी लेकिन पहले केजरीवाल जी और स्वास्थ मंत्री सतेन्द्र जैन गरीबों और मरीजों की सेवा में जीवन खपाने वाली मदर टेरेस को संत की उपाधि देने वाले कार्यक्रम में रोम गये|  संकट काल में कैबिनेट गायब और उदासीन दिखी मुख्यमंत्री जी को आने के बाद पंजाब चुनाव के प्रचार की चिंता थी वहाँ वह अपना खूंटा गाड़ने गये उसके बाद अपना इलाज करवाने बंगलुरु चले गये |सीनियर जर्नलिस्ट शेखर गुप्ता ने ट्विटर पर प्रश्न उठाया दिल्ली में पांच वर्ष में पहली बार मलेरिया तेजी से फैल रहा है चिकनगुनिया भी जोरों पर है लेकिन आम आदमी पार्टी को पंजाब गुजरात और गोवा में चुनाव जीतने की जल्दी है | केजरीवाल को विरोधी स्वर पसंद नहीं हैं उन्होंने जर्नलिस्ट को कांग्रेस और मोदी के दलाल की उपाधि दे दी | यह मीडिया की वही जमात है जिन्होंने आम आदमी पार्टी को सत्ता तक पहुंचाया हर वक्त मीडिया में केजरी वाल के अभियानों की चर्चा होती रहती थी| दिल्ली गोपाल दास छत्तीसगढ़ गढ़ विराजे हैं, उप मुख्यमंत्री मनीष शिशोदिया एजुकेशनल टूर पर सीखने या सिखाने फिनलैंड गये हैं, एक मंत्री हज पर गये थे आखिरात का भी ध्यान रखना है|एनडीएमसी के मेयर संजीव नैयर विदेश दौरे पर गये हैं और एलजी साहब अमेरिका गये हैं | सबसे बड़ी बात स्वास्थ मंत्री गोवा में चुनाव प्रचार पर गये थे अब  लौटे हैं| रह गये तेज तरार कपिल मिश्रा उनके डायलोग सुन कर ऐसा लगा जैसे किसी फिल्म के किरदार हैं डायलोग बोल रहे हैं जबाब देने के बजाय उन्होंने कडकती आवाज में पूछा,पूछो दिल्ली के एलजी कहाँ हैं दिल्ली के मेयर कहाँ हैं पार्षद कहाँ हैं सातों सांसद कहाँ हैं? एक बार लगा कि क्या दिल्ली के चुनाव होने वाले हैं ?

शोर मचा सतेन्द्र जैन चुनाव प्रचार छोड़ कर दिल्ली वापिस आ गये उन्होंने आते ही प्रेस कांफ्रेंस में प्रश्न किया क्या चिकन गुनिया से कभी किसी की मौत हुई है ?जबकि आज तक छह मौतें हो चुकी हैं| मीडिया को भी आगाह किया वह अफफाहें क्यों फैला रहे हैं ? किसी पत्रकार के सवाल पूछने पर दिल्ली किसके भरोसे है ?जबाब तुरंत मिला मोदी के भरोसे पर है एलजी के भरोसे पर हैं |उन्होंने सफाई भी दी दिल्ली सरकार के आधीन 40% बेड हैं उन पर मरीज भर्ती किये जा रहे हैं |हमारे दिल्ली  के स्वास्थ्य मंत्री के क्रोध में आक्रामक तेवर थे उन्होंने एमसीडी और केंद्र सरकार को धार पर लिया वही अपना पुराना राग अलापा एलजी उन्हें काम नहीं करने दे रहे हैं वह क्या करें ?मुख्यमंत्री जी के पास भी तर्कों की भरमार है जबकि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने पहले अटलजी की कार के अंतर्गत काम किया था कभी ऐसी शिकायते नहीं आयीं बाद में मनमोहन सिंह की सरकार आयी थी |आम आदमी पार्टी एलजी और मोदी जी पर आरोप लगा कर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं ? जब उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा वह सत्ता में क्यों हैं ?

चिकन गुनिया गर्म देशों की बिमारी है इसमें रोगी बेहाल हो जाते हैं पूरा बदन दर्द करता है मरीज झुक कर चलता है जोड़-जोड़ दुखते हैं इसी लिए इसे चिकन गुनिया कहते हैं | लोग घबरा कर भटक रहे हैं हर मरीज भर्ती होना चाहता है सरकारी और प्राईवेट अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लम्बी कतारें हैं बिस्तरों पर दो से तीन मरीज पड़े हैं | |तीमारदार भी उन्हीं बिस्तरों पर बैठे हैं शिकायते ही शिकायतें हैं जबकि बार – बार प्रचार द्वारा डाक्टर बता रहे हैं पहले केवल पेरासिटामोल ले और पेय पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करें अधिकतर आराम करें तीन से चार दिनों में बिमारी के लक्षण दिखाई देने पर जांच और भर्ती की जरूरत है| सबसे अधिक बेहाल बुजुर्ग हैं उन्हें परिवार वालों से शिकायत हैं उनका सही इलाज नहीं हो रहा उन्हें नामी डाक्टर ही जीवन दान दे सकते हैं | डाक्टर भी लम्बी कतारों से परेशान हैं प्राईवेट अस्पतालों का भी  हाल बेहाल है कोई भी बेड खाली नहीं हैं |बिमारी जोरों पर हो सरकार आपस में ब्लेम गेम पर उतारू हो हमें अपना ध्यान स्वयं रखना है जिनके स्वास्थ्य पहले से खराब हैं बिमारी का प्रकोप उन पर अधिक है | नगर निगम की तरफ से कूड़ा भी उठाया जा रहा है नालियाँ भी साफ़ की जा रहीं हैं लेकिन लोग अकसर नालियें में कूड़ा फेक देते हैं जिससे पानी रुक जाता है बाहर बहने लगता है जिसमें मच्छर पनपते है कई घरों में जाली के किवाड़ हैं लेकिन कपाट खुले रहते हैं | पेड़ पौधों लगाना घर की सुन्दरता बढ़ाता है परन्तु आजकल वहाँ भी मच्छर पनपते हैं अत: साफ़ सफाई की जरूरत हैं | अपने घरों में स्वच्छता रखें पास पडोस ठीक रखें मच्छर पनपने न दें मच्छर से डेंगू चिकनगुनिया ही नहीं जीका वायरस फैलने का भी डर है | घर मच्छर प्रूफ कर सकते हैं बाहर जाना पड़ेगा पूरी बाहों के कपड़े पहने पैरों में मोज़े पहनें शरीर को ढकें |हम हर काम के लिए सरकार की तरफ देखते हैं पर दिल्ली की आबादी इतनी बढ़ चुकी है जिसे सम्भालना भी आसान  नहीं है रोजी रोटी की तलाश में लोग राजधानी की तरफ ही रुख करते हैं | कई एरिया में एक-एक कमरे में कई लोग रहते हैं | हम जागरूक रहें गंदगी फैलने न दें |

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11 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

abhijat के द्वारा
September 18, 2016

जब हर तरफ हां हां कार मचा दिल्ली सरकार जाग गयी अब स्वास्थ्य मंत्री जी दिल्ली में हर और फैली बिमारी की सुध ले रहे हैं दिल्ली सरकार केंद्र से लड़ने के लिए नहीं काम करने के लिए चुनी गयी थी

drashok के द्वारा
September 19, 2016

दिल्ली में जिस तरह बिमारी का प्रकोप बढ़ रहा है सरकार की जिम्मेदारी बढ़ती है लेकिन हमारी जिम्मेदारी भी कम नहीं है हर नागरिक जागरूक हो कर मच्छरों को खत्म करने के अभियान में जुड़ जाएगा लंका की तरह हम भी मच्छर मुक्त हो जाएंगे सगाई के साथ एक बात और ध्यान में रखनी चाहिए जब मच्छर की दवा डालने वाली गाडी आती है हम बू के भय से खिड़किया और दरवाजे बन्द कर लेते हैं कूलर में पानी भरा रहता है क्यों नहीं जब चेकिंग करने वाले आते हैं क्या हम उनकी बात समझते हैं | अपना आस पड़ोस हमें ही साफ़ रखना हैं |

Shobha के द्वारा
September 19, 2016

घर – भर लोग बीमार हैं सरकारी अस्पतालों का हाल बेहाल है प्राईवेट में भी जगह खाली नहीं है |पहली बार हमारे एरिया में भी फौग वाली गाड़ी दवाई छिडकने आई चलो देर आयत दुरुस्त आयत

Shobha के द्वारा
September 19, 2016

सही है जब सब लोग मिल कर स्वच्छता अभियान चलाएंगे मच्छर मारेंगे पानी जमा नहीं होने देंगे बिमारी अपर काबू पाया जा सकेगा

Anjana Bhagi के द्वारा
September 22, 2016

प्रिय शोभा जी कभी सोचा भी नहीं था छोटा सा मच्छर इतना भयानक होता है जीका वायरस भी इससे आया है और भी खतरनाख है सही लिखा है यदि सभी मिल कर मच्छरों को मारने की कोशिश करें लंका की तरह हमारा देश भी मच्छर मुक्त हो जाएगा

Shobha के द्वारा
September 22, 2016

प्रिय अंजना जी बहुत अच्छे विचार हम सब मिल के इच्छा शक्ति से मच्छरों के खिलाफ अभियान छेड़ेंगे मच्छर खत्म होते जायेंगे

अनिल भागी के द्वारा
September 24, 2016

 शोभा जी बिमारी ने यह हालत कर दी है कई घरों में सभी बीमार हैं तिमारदार भी कोइ नहीं है बूढों पर बिमारी का प्रभाव अधिक है काश सरकार पहले जागरूक होतीं मच्छर मारने में जागरूक होतीं अब भी राजनीती हो रही है जनता के जहाँ तक प्रश्न हो यहाँ तो राजनीति से बाज आयें

Shobha के द्वारा
September 26, 2016

प्रिय अनिल जी हर वर्ष मलेरिया डेंगू अबकी बार चिकन गुनिया जम कर फैला है काश दिल्ली सरकार पहले सचेत हो जाती सत्ता पाना और बात है सत्ता को अच्छी तरह सम्भालना और बात

sadguruji के द्वारा
September 27, 2016

पठनीय और बहुत उपयोगी लेख ! बहुत बहुत अभिनन्दन और बधाई ! सबसे बड़ी बात ये कि जनता जागरूक हो !

Shobha के द्वारा
September 28, 2016

मेरी माँ भी चिकन गुनिया की शिकार हो गयी पहली बार पता चला दिल्ली और एनसीआर में अस्पतालों की कितनी बुरी स्थिति थी श्री आदरणीय सद्गुरु जी दूसरों के दुःख जाने दिल्ली सरकार की उदासीनता देखी अब भी लोग डरे हुए हैं

Shobha के द्वारा
September 29, 2016

हमारे कौंडली क्षेत्र की पार्षद प्रियंका बेहद जागरूक पार्षद है नियमित रूप से हमारे एरिया में कूड़ा उठता है नालियों की सफाई होती है पूरे दिल्ली में चिकन गुनिया डेंगू वायरल का कहर है लेकिन हमारे अडोस पडोस में कम है | यदि राजनीति से हट कर सभी पार्षद अपने दायित्वों के प्रति जागरूक हो जाएँ कितना अच्छा लगेगा हमें भी अपने दायित्व को भूलना नहीं चाहिए सफाई में सहयोग दें


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