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' 'पाकिस्तान की विदेशी नीति हम तो बर्बाद हैं तुम कैसे विकास करोगे ?

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( उरी में आतंकवादीयों का कृत्य असहनीय है |)सैनिक आमने सामने की लड़ाई लड़ने से गर्वित होता है पौरुष लड़ता है मैं तुम्हें मार दूंगा दम है तो मुझे मार| शत्रु को मार कर मातृभूमि की रक्षा करना सैनिक अपना पावन कर्त्तव्य समझते हैं शहादत पर गर्व करते हैं | युद्ध में लड़ना या आतंकवादियों के साथ सीधी मुठभेड़ में लड़ कर मारना सम्मान बढ़ाता है सीने पर तमगे बढ़ते हैं लेकिन रात के अँधेरे में रेंग कर पाकिस्तान से भेजे आतंकी आये बकायदा योजना बद्ध तरीके से सोते जवानों पर साढ़े पांच बजे हमला किया |उनको ,प्रशासनिक ब्लाक के मेडिकल ऐड यूनिट में घुस कर मारकाट मचाना था फिर आफिसर्स मेस में घुस कर खुद को उड़ा कर अधिक से अधिक संहार करना था | स्पेशल फ़ोर्स नें इन चारों आतंकवादियों को प्रशासनिक ब्लॉग में ही मार गिराया लेकिन आतंकियों ने फ्यूल डिपो पर अनेक ग्रेनेड फेक कर आग लगा दी |14 जवान जल कर शहीद हुए | हमला जैश ऐ मुहम्मद द्वारा किया गया था | उरी क्षेत्र तीन तरफ से लाइन आफ कंट्रोल से घिरा हुआ है यहाँ झेलम नदी का किनारा हैं पास ही अमन सेतु हैं ,शांत एरिया है आज भी कश्मीरी पंडितों के 200 परिवार बिना भय के रहते हैं | हमले में 18 जवान शहीद हुए कुछ घायल हुये पूरे देश में हमले पर रोष है हर जगह चर्चा हो रही है | पाकिस्तान रेंजर उरी पर मोर्टार बरसा कर  इसकी आड़ में आतंकियों की खेप भेज रहे है जिनमें दस आतंकी मार गिराए गये | बर्फबारी के बाद दर्रे और घाटी बर्फ से ढक जाती है आतंकियों का प्रवेश मुश्किल हो जाता है अत :साफ़ मौसम में उन्हें कश्मीर में आतंक फैलाने, इंसानों को काफिर कह कर मारने के लिए धकेला जा रहा है पाकिस्तान अपने नौजवानों को यही रोजगार देता है पहले उनमें जहर भरा जाता है मार काट मचाओ जन्नत पाने के अधिकारी बनों अर्थात मुआवजे में जन्नत मिलेगी |

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान रशिया ही नहीं चीन कई मिडिल ईस्ट के मुस्लिम देशों बंगलादेश और अफगानिस्तान ने हमले की निंदा की | रशिया ने आतंकवाद में सीधा पाकिस्तान का नाम लिया |फ्रांस ने तीन आतंकवादी संगठन सदैव भारत विरुद्ध गतिविधियों में शामिल रहते हैं का नाम लेकर निंदा कर भारत के साथ सहानुभूति दिखाई |बाकी ने केवल आतंकवाद की निंदा की |अमेरिका के प्रसिद्ध समाचार पत्रों में इसे विद्रोहियों की कार्यवाही करार दिया यद्यपि अमेरिकन विदेश मंत्री जान कैरी ने नवाज शरीफ को स्पष्ट शब्दों में आगाह किया पाकिस्तान अपनी धरती को आतंकवाद के लिए इस्तेमाल होने से बचायें |ओबामा ने भी अभी नवाज से दूरी बनाई है|अपने भाषण में पाकिस्तान द्वारा छुप कर वार करने की निंदा की है | राष्ट्रपति पद के चुनाव हैं मजबूत उम्मीदवार ट्रम्प आतंकवाद पर सख्त हैं |अभी अमेरिका में होने वाले आतंकवादी घटना को अंजाम देने वाला भी अफगानिस्तान और पाकिस्तान में रहा है| चीन को अपने ग्वादर बन्दरगाह पर लगायें पैसे की चिंता हैं यहाँ वह 46 बिलियन डालर लगा चुका है पाकिस्तान कब्जे वाले गिलगित में सड़क बनाई गयी हैं रेल मार्ग की भी तैयारी है| ग्वादर में काम चल रहा है काम करने वालों की सुरक्षा की जिम्मेदारी चीन ने ली है उसके 14000 सैनिक भी मौजूद हैं| चीन एक ऐसे गुंडे के रूप में उभरा है उसे ‘पाकिस्तान की  विदेशी नीति का प्रमुख उद्देश्य भारत से वैर’ को भुनाना आता है | वह चाहता है दोनों देश मिल कर परेशानी का हल बातचीत से निकालें जिससे उसका आर्थिक हित बचा रहे | रूस पाकिस्तान का संयुक्त सैनिक अभ्यास होना था अब खटाई में पड़ सकता है|

जब भी पाकिस्तान की तरफ से आतंकवादी गतिविधियाँ होती हैं भारत में बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला जाता है उसके बाद और भी बड़ी घटना होती है| भारत की विदेश नीति में पंचशील का सिद्धांत पड़ोसियों के साथ प्रेम सम्बन्ध बढाने की नीति व पाकिस्तान से सदैव मधुर सम्बन्ध बनाने की चाह हर सरकार पर हावी रहती है उसकी कीमत भी देते रहे हैं | क्या पड़ोसी कभी समझता? 19 फरवरी 1999 को अटल जी ने दिल्ली से लाहोर की बस सेवा शुरू की वह और कई नामी हस्तियाँ बस की प्रथम यात्री थीं सम्बन्ध सुधारने का एक राजनीति कदम भी था नवाज शरीफ प्रधान मंत्री थे उनकी पाकिस्तान में स्थित कमजोर थी | भारत के प्रधान मंत्री अटल जी की भी मिली जुली सरकार थी लेकिन फिर भी अच्छा प्रयत्न था यात्रा की बहुत चर्चा हुई लेकिन बाद में करगिल युद्ध हुआ ,13 दिसम्बर 2001 में भारतीय संसद पर आतंकवादी हमला हुआ बस सेवा तब बंद की गयी सौहार्द का परिणाम क्या निकला ? अधूरी इच्छा शक्ति से बार्डर पर सेना भी खड़ी की गयी लेकिन बात वहीं की वहीं रही | मोदी जी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी उन्होंने भारत की पुरानी विदेश नीति पर अमल करते हुए पड़ोसी देशों से सम्बन्ध बढाने की कोशिश की शपथ ग्रहण समारोह में नवाज शरीफ को बुलावा भेजा गया  नवाज मेहमान भी बने | पाकिस्तान से वार्ताओं की भी शुरुआत हुई मोदी जी ने अचानक रूस और अफगानिस्तान यात्रा से लौटते समय पाकिस्तान में रुक कर नवाज शरीफ को जन्म दिन की शुभकामनाएं दी| यहाँ भी प्रधानमन्त्री की लाहौर यात्रा का हश्र भी वही पुराना रहा | मोदी जी को सम्बन्ध सुधारने की जल्दबाजी थी कुछ इसे कूटनीतिक पहल कह रहे थे उन्हें भ्रम था शायद हालात बदलेंगे लेकिन इसके बाद आतंकवादी घटनाओं में कमी नहीं आई पठान कोट हमले में भारत की तरफ से पाकिस्तान का हाथ होने के प्रमाण भी दिए गये पाकिस्तान से आई टीम ने पठान कोट का दौरा किया परन्तु क्या पाकिस्तान माना ?अब तो उरी में आर्मी के कैंप पर और बड़ा हमला हुआ |

भारत में तुरंत आपतकालीन बैठकों का दौर चला पाकिस्तान को कैसे सबक सिखाया जाये| अपनी तरफ से मोदी सरकार को सकारात्मक कदम उठाने पड़ेंगे कुछ का विचार है 1.भारत की तरफ से जाने वाली नदियों का पानी रोक दिया जाये 2. कुछ पाकिस्तान में चलने वाले आतंक वादियों के कैम्प को नष्ट करने की बात करते हैं कुछ कहते हैं ऐसा करना पाकिस्तान पर हमले जैसा है |पाकिस्तान परमाणु शक्ति सम्पन्न देश हैं युद्ध भयानक हो सकता है | 3.खुला युद्ध देश चाहता है परिणाम कुछ भी हो एक बार युद्ध से फैसला हो जाये |4. कूटनीतिक उपायों द्वारा पाकिस्तान को घेर कर अलग थलग किया जाये विश्व बिरादरी पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करे इसमें समय लगता है | संयुक्त राष्ट्र जनरल असेम्बली में पाकिस्तान कश्मीर का मसला उठा कर मानवाधिकार का मुद्दा बनाना चाहता है अत :नवाज इसकी तैयारी के साथ अमेरिका गये हैं उनके भाषण के बाद 26 तारीख को सुषमा स्वराज का भाषण होगा| आतंकवादी पाकिस्तान से आये थे उनके पास पाकिस्तानी हथियार और अन्य सामान था पश्तो में सारे निर्देश लिखे थे |भारत द्वारा लगाये आरोपों पर पहले की तरह ही आतंकवादी गतिविधियों में उसका हाथ नहीं है स्टेटमेंट दे कर पाकिस्तान मुकर गया|  चालाकी का सहारा लेते हुए कहा जनरल असेम्बली में वह कश्मीर का मुद्दा उठायेंगे कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन पर विश्व का ध्यान खींचना चाहते हैं| इससे बचने के लिए भारत उन पर इल्जाम लगा रहा है |मोदी जी से देश को बहुत आशाएं थी विश्व में उन्होंने अनेक देशों की यात्राएं की उनकी जय जयकार हुई लेकिन उनकी पाकिस्तान के प्रति नीति अभी तक ढुल मुल ही निकली|

कश्मीर में छद्म युद्ध लगातार चल रहा है |15 अगस्त को लाल किले से मोदी जी ने बलूचिस्तान में बलूचों पर होने वाले जुल्मों का प्रश्न उठाया हम पाकिस्तान को बदनाम कर सकते हैं लेकिन बार्डर न मिलने से बंगला देश जैसी कार्यवाही करना कठिन है |अमेरिका कितना भी आतंकवाद का विरोध करे लेकिन पाकिस्तान को ज़िंदा रखेगा उसकी आर्थिक मदद करता रहेगा बलूचों पर जुल्म होते रहें लेकिन बलूचिस्तान को अलग करने पर सहमत नहीं है| हाँ भारत के प्रति दोस्ती का दम भरते हैं अब सौहार्द का परिणाम देखना है | |भारत सरकार का प्रयत्न होगा विश्व समुदाय पकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित कर अलग थलग करे ऐसा होना क्या सम्भव होगा?पाकिस्तान चाहता है भारत सरकारें आतंकवाद में ही उलझी रहें विकास थम –थम कर चले | पाकिस्तान हमारी इच्छा शक्ति को जानता है यह बोलेंगे अधिक कार्यवाही करने से पहले सौ बार सोचेंगें क्या शठ के साथ शठ जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिये| सच है हमारे सम्बन्ध कभी मधुर नहीं होंगे | उनकी सोच है हम तो बर्बाद हैं तुम्हें भी उभरने नहीं देंगे |

गिलानी कहता है अपने 18 सैनिक मरते हैं दुःख होता है लेकिन कश्मीरी मरता है तो ख़ुशी होती है| इन पत्थर  बाज ब्रिगेड के सरदार अलगाव वादियों को केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाली सुरक्षा और सुविधायें आज भी बंद नहीं हुई | पाकिस्तान ने जेहादियों के शव लेने से इंकार करता है हमारे यहाँ विधिवत मौलवियों द्वारा अंतिम संस्कार करवाया जाता है अपने यहाँ कब्र दी जाती है |कहते हैं महिला के हाथों मरने और जलने से जन्नत नहीं मिलती क्यों न इन शवों की अंतिम क्रिया जला कर की जाये आतंकियों की सोच की जन्नत जाने का ख़्वाब अधर में लटक जायेगा| आतंकी हैं इन्हें अपनी धरती क्यों दें ? यहाँ हमारी संस्कृति आड़े आ जाती है |

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jlsingh के द्वारा
September 22, 2016

आदरणीया डॉ. शोभा भरद्वाज जी, जो विचार आपने व्यक्त किये हैं, पूरा भारत लगभग वही चाहता है. सभी भारतीय दुखी हैं, सरकार भी समझ रही है और अपने साढ़े हुए कदम उठा राई है ..अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह अलग थलग पड़ गया है. घुंसपैठियों को मार गिराया जाने लगा है. हमारी सेना को और ज्यादा चुस्त दुरुस्त किया जा रहा है. युद्ध अंतिम विकल्प हो सकता है इससे दोनों देशों को नुक्सान ही होगा. पकिस्तान को अलग थलग कर उसे पंगु बना देना ज्यादा बेहतर है शायद. रणनीतिकार जरूर सही वक्त पर सही फैसला लेंगे. देश का हर नागरिक आज इन्तजार कर रहा है सरकार के अगले कदम का. सादर!

Shobha के द्वारा
September 22, 2016

श्री जवाहर जी हमारी विदेश नीति सदैव पाकिस्तान और सभी पड़ोसियों से मित्रता की रही है पाकिस्तान भारत की कूटनीति में चारो तरफ घिरा हुआ है उरी पर आतंकवादी हमला उसके पाले आतंकियों के सरताजों ने करवाया इस लिए आज का पूरा दिन नवाज पर सख्त गुजरा युद्ध कोई हल नहीं है फिर भी सख्त कार्यवाही की चेतावनी देना ही बड़ी बात रही है | आज कश्मीर में भर्ती हो रही थी अलगाववादियों की धमकी और अपील के बाद भी कश्मीरी युवक भीड़ लगा कर नौकरी की इच्छा से पुलिस कार्यालयों में आये |शिकारे खाली खड़े रहे सैलानियों का इंतजार करते रहे |आगे सर्दी आ रही है |जो हाल पाकिस्तान ने पीओके का किया है व्ही हमारे कश्मीर का होगा सब समझते हैं परन्तु जब दीन जेहाद की बात की जाती है मुस्लिम की जुबान बंद हो जाती है अमेरिका में ट्रम्प आतंकवाद का विरोधी है वह आगे जा रहा है यदि रिपब्लिकन जीत गये त ब पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा वह लाडला बच्चा नहीं रहा |

shakuntla mishra के द्वारा
September 22, 2016

बहुत अच्छा लेख हम हमेशा कूटनीति में पीछे क्यों रह जाते हैं ,कही तो कमी है ,अगर ये सब ऐसे ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब हम बहुत परेशां हो सकतें है

rameshagarwal के द्वारा
September 22, 2016

जय श्री राम शोभा जी बहुत अच्छी भावनाओ सहित सुन्दर लेख के लिए बधाई.अब सरकार की नीतियाँ बदल गयी कूटनीति तेज हो गयी पाकिस्तान की कोइ नहीं सुनता सब निंदा करते असर में पकिस्तान भी डरा है उसके खंड होगे और वह पछतायेगा .युद्ध टीवी बहस से नहीं तय होता दुर्भाग्य के वामपंथी नितीश,लालू और केजरीवाल के दलों को देश से ज्यादा वोटो की परवाह देशवाशियो को इनकी और पकिस्तान समर्थको की निंदा करनी चाइये.सुन्दर लेख के लिए आभार

rameshagarwal के द्वारा
September 22, 2016

जय श्री राम

Shobha के द्वारा
September 23, 2016

प्रिय शकुन्तला जी जब से पाकिस्तान बना है भारत भीतर और बाहर दोनों तरह से प्रशांन है खुला यूद्ध अभी सम्भव नहीं है कुटनीति से पाकिस्तान को घेरा जा रहा है लेख पढने के लिए धन्यवाद

Shobha के द्वारा
September 23, 2016

श्री आदरणीय रमेश जी आज आप सब के प्रयत्नों के प्रणाम स्वरूप आपको जय श्री राम लिख कर भेज रही हूँ नहीं तो प्रतिक्रिया जा ही नहीं रही थी

Shobha के द्वारा
September 23, 2016

श्री रमेश जी सही लिखा है आपने कुटनीतिक रूप से पाकिस्तान घिर गया है आपने सही लिखा है मीडिया नहीं बताएगी कब युद्ध होगा बाकी तो वोट बैंक की नीति चल रही हैं लेख पढने के लिए अतिशय धन्यवाद

Rajeev Varshney के द्वारा
September 25, 2016

आदरणीय शोभा जी पाकिस्तान ने अपने जन्म से ही भारत को अनेकों दंश दिए है. अब भी उसकी भारत विरोध की निति जरी है. किन्तु भारत ने इस कुटाट पड़ोसी से निपटने की सही निति नहीं अपनाई. भारत में तो पाकिस्तान की कुटिल चालों से निपटने के लिए एक अलग मंत्रालय होना चाहिए. छद्म युद्ध का जबाब छद्म युद्ध ही है पूर्ण युद्ध नहीं. सादर राजीव

Shobha के द्वारा
September 26, 2016

श्री राजिव जी पाकिस्तान ऐसा पड़ोसी है न चैन से जीना चाहता है न जीने देता है विश्व में कहीं भी आतंकी घटना होती है अधिकतर में कहीं न कहीं पकिस्तान का हाथ आ जाता है लेख पढने के लिए धन्यवाद

ashasahay के द्वारा
September 27, 2016

पाकिस्तान अपने नौजवानों को यही रोजगार देता है पहले उनमें जहर भरा जाता है मार काट मचाओ जन्नत पाने के अधिकारी बनों अर्थात मुआवजे में जन्नत मिलेगी |अमेरिका कितना भी आतंकवाद का विरोध करे लेकिन पाकिस्तान को ज़िंदा रखेगा उसकी आर्थिक मदद करता रहेगा बलूचों पर जुल्म होते रहें लेकिन बलूचिस्तान को अलग करने पर सहमत नहीं है| हाँ भारत के प्रति दोस्ती का दम भरते हैं अब सौहार्द का परिणाम देखना है | –ये सच्चाइयाँ हैं।बहुत सुन्दर विश्लेषण डॉ शोभा जी- बधाई और नमस्कार।

Shobha के द्वारा
September 28, 2016

प्रिय आदरणीय आशा जी आपने लेख की आत्मा को पकड़ा आप सोचिये अपने जवानों को आतंकवादी बनाने के लिए आतंकवाद के आकाओं को अधिकार दे देना आपने लेख पढ़ा पसंद किया मेरे लिए ख़ुशी की बात है


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