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पाकिस्तानी कलाकारों के काम पर हिंदी सिनेमा और छोटे पर्दे पर बैन क्यों नहीं ?

Posted On: 21 Oct, 2016 Junction Forum,Entertainment,Social Issues में

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आजकल पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन का मुद्दा गरमाया हुआ है|अनेक पाकिस्तानी कलाकार भारत में आकर चैनलों  (जिन्दगी ) और फिल्मों में काम करने की ख्वाहिश रखते हैं और कर भी रहे हैं | बालीबुड में बनी फिल्मों का विश्व में बहुत बड़ा बाजार है| केवल भारतीय मूल के लोग ही नहीं दूसरे लोग भी हिंदी फिल्में देखने के शौकीन है| मिडिल ईस्ट के मुस्लिम देश भारतीय फिल्मों के बड़े बाजार हैं इसी लिए फिल्मों में अरबी धुनों का इस्तेमाल किया जाता है | हमारे फिल्म निर्माता चाहते है उनकी फिल्में पाकिस्तान में जम कर व्यापार करें वहाँ के थियेटर मालिकों के लिए भारतीय फिल्म लगाना लाभ का सौदा है लेकिन जरा सा भारत पाक सम्बन्धों में तनाव आता है फिल्मों पर बैन लग जाता है|भारतीय क्रिकेट कप्तान धूनी पर बनी फिल्म पर बैन लगाने में जरा भी संकोच नहीं किया | हिंदी सीरियलों की बहुत क्रेज है जिन पर बैन लगाने की दलीलें देते हैं हमारे लोग उर्दू की जगह हिंदी सीख रहे हैं |यही नहीं पायरेसी से अक्सर हिंदी फिल्में थियेटर में लगने से पहले ही पाकिस्तान में देख ली जाती है | दाऊद खान भारत की हिंदी फिल्मों पर पैसा लगाने का उत्सुक रहा है और लगाता भी है| पाकिस्तान में बहुत कम फिल्में बनती है फिल्म मेकिंग लाभ का सौदा भी नहीं हैं| बालीवुड में पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर फिल्म बनाने का मतलब पाकिस्तान में और मुनाफ़ा कमाना भर है | पाकिस्तानी कलाकार अपने देश में फिल्म उद्योग से निराश हो चुके हैं भारत में काम चाहिए उन्हें भारत से प्यार नहीं है यहाँ जम कर पैसा मिलता है समझ लीजिये फारेन करंसी |

पाकिस्तान से सम्बन्ध इतने खराब हो चुके है आये दिन सीमा पार से आतंकवादी भारत में घुसने की फिराक में रहते हैं | सीमा पर मोर्टार और गोले दागे जाते हैं गोलाबारी की आड़ में आतंकी भेजे जाते हैं | हमारे सैनिक दिन रात चौकस | सुरक्षा बलों पर आये दिन हमला होना आम बात हैं पठानकोट  हमले का घाव अभी ताजा था उरी में तो हद ही हो गयी |हमारे 19 जवानों को धोखे से घुस कर शहीद कर दिया | चौकस सुरक्षा तन्त्र ने चारो आतंकियों को मार दिया नहीं तो कितना नुक्सान सहना पड़ता | सैनिक सेना में भर्ती होता है दुश्मन से जंग करने के लिए न कि चोरी छिपे देश घुस कर घात लगायें बैठे आतंकी से |सैनिक आमने सामने की लड़ाई लड़ना चाहते हैं | आतंकी फिदायीन समझते है काफिर को मारना जेहाद है स्वर्ग का पक्का परमिट | देश छोटे-छोटे बच्चों को अपने पिता को मुखाग्नि देते देखता है मन भर आता है | पाकिस्तान कलाकारों ने एक शब्द भी आतंक के खिलाफ नहीं बोला |अनेक भारतीय विदेशों में वर्क परमिट पर काम करते हैं उस देश के प्रति संवेदना शील होते हैं अमेरिका में टावर पर हमला हुआ आज भी उसकी बरसी पर अमेरिकन ही नहीं अमेरिका में काम करने वाले लोग इक्कट्ठे होते हैं यह कैसे कलाकार हैं मोटा पैसा कमाते हैं सम्वेदनशीलता? सिनेमा जगत से जुड़े लोग कुछ विरोध में हैं कुछ पाकिस्तानी कलाकारों के समर्थन में उतरे हैं |आपके आर्थिक लाभ पाकिस्तान से जुड़े हैं चुप रहो पक्ष लेकर जख्मों पर नमक तो मत मलो |  सलमान खान ने प्रश्न उठाया पाकिस्तानी  कलाकार आतंकवादी नहीं है कलाकार हैं |प्रश्न उठाते हैं आप वीजा क्यों देते हैं ?यह कलाकार ज्यादातर टूरिस्ट वीजा पर आते है वर्क परमिट पर नहीं |आज सलमान इसलिए प्रसिद्ध हैं 130 करोड़ का देश हैं मसाला फिल्में देखने में दर्शक रूचि रखते हैं फिल्म जगत में सिक्का चलता है नाम चलता है इसी लिए पाकिस्तान में फिल्में चलती हैं| यदि भारतीय इनका बायकाट कर दें देश में कोई इन पर पैसा नहीं लगाएगा पाकिस्तान में इनको पसंद करने वाले कुछ दिनों बाद  भूल जायेंगे | कई सिनेमा जगत से जुड़ी हस्तियों ने कहा कला को राजनीती से दूर रखना चाहिए कलाकारों पर बैन करने से स्थित नहीं बदलेगी | ओमपुरी ने बढ़ चढ़ कर कहा पाकिस्तान में वह छह बार गये वहाँ के लोग प्रेम से  मिलते हैं शायद उन्हें नही पता वह ख़ास लोगों से ही मिलते हैं |कई नामी गिरामी लोगों ने सलमान का विरोध किया सुहेल सेठ ने ट्वीट कर लिखा कई आतंकवादी भी वीजा लेकर आते हैं |नाना पाटेकर नें कहा मेरे लिए पाकिस्तानी कलाकार और बाकी सब बाद में हैं सबसे पहले मेरा देश है देश के अलावा में किसी को नहीं जानता कलाकार की देश के सामने कोई कीमत नहीं है | देश के नागरिकों की नजर में पाकिस्तान दुश्मन है क्योकि आये दिन हाफिज सईद ,लखवी और मसूद भारत की बर्बादी इंशा अल्लाह ,एटम बम किस लिए हैं धमकाते हैं |क्या पाकिस्तान की सरकार और नागरिकों या वहाँ के कलाकरों ने ब्यान के खिलाफ कभी वक्तव्य दिया है? आतंकवादी सरगनाओं के खिलाफ जलूस निकालें है? हाँ भारत की बर्बादी के नारे वाले जलूसों में भीड़ की कमी नहीं थी |

भारत को कमाई का साधन समझा है ?दुश्मन देश के बाशिंदों को हीरो, हिरोईन और आदर्श बना कर पेश किया जायेगा, एक्टर फिल्म में मोहब्बत के डायलोग बोलेंगे दर्शक तालियाँ बजायेंगे उन डायलोगों को याद रखेंगे यही न | समझ नहीं आता क्या हमारे देश में कलाकारों की कमी है?एक से एक बढ़ कर कलाकार हैं |गजब के मुस्लिम कलाकार है |कईयों के पास काम भी नहीं हैं| क्या पाकिस्तान में बिजनेस पाकिस्तानी कलाकारों से बढ़ेगा? हमारे अपने कलाकारों को पसंद नहीं किया जाएगा ?आतंकी सरगनाओं के इशारे के बिना पत्ता भी नहीं चटकता है | अपनी कमाई का एक हिस्सा जकात में दिया जाता है क्या यह कलाकार भारत में जकात देते हैं? या पाकिस्तान जाकर जकात देते हैं अब आतंकी सरगना ही जकात के रूप में पैसा बसूलते हैं | कश्मीर की बर्बादी के लिए आये दिन चंदा मांगते हैं इनकी दी गयी जकात भारत की बर्बादी करने आये फिदायीन पर भी खर्च हो सकती है |

हमारा मनोरंजन क्या पाकिस्तानी कलाकारों के बिना अधूरा है देश राहत फतेह अली खान को पसंद करता है| उनको भारत में प्रसिद्धि मिलती है जिससे उनको विदेशों में प्रवासी अपने यहाँ कोंसर्ट के लिए बुलाते हैं|  गुलाम अली की गजलों का दीवाना पूरा देश है यह आज से नहीं पहले से आते हैं लेकिन यह क्यों भूल जाते हैं  पाकिस्तानी जनता को कैसे समझायें आयेदिन फिदायीन आतंकी भेजने वाले हमें बर्बाद करने वालों के हम विरुद्ध हैं या कलाकारों को प्रोत्साहित करें | पेशावर में बच्चों पर आतंकी हमला हुआ भारत दहल गया जिसने सुना आँखों में आंसू आ गये कई दिन तक चैनलों में चर्चा रही |अपने देश में कुछ लाख रूपये पर काम करने वालों की कीमत करोड़ों हो गयी चैनलों में एक एपिसोड पर तीन लाख तक मिलने लगे उनके मन में जरा भी अपने देश की करनी का दुःख नहीं |वह कलाकार से पहले पाकिस्तानी है | यह उस देश का बाशिंदा है जहाँ से मृत्यू रोज दस्तक देती है देश का पैसा उत्थान में लगना था वह सुरक्षा में लगता हैं |पाकिस्तान में भारतीय चैनलों पर बैन लगाते समय कोई तर्क नहीं होता जबकि पाकिस्तानी फिल्म का विज्ञापन करते समय  यह भी कहा जाता है अमुक फिल्म में हिंदी फिल्म के गाने भी दिखाये जायेंगे |

पाकिस्तानी कलाकारों के पक्ष में हम कह सकते हैं उनके यहाँ डिक्टेटर शिप है वह यदि कुछ बोलेंगे उनका जीवन खतरे में पड़ जायेगा| पाकिस्तान में जरा जरा से बच्चों के मन में भारत विरोध भरा गया है क्रिकेट टीम जब दुबई में भारत के साथ खेलती है पाकिस्तानी उसे जेहाद की तरह देखते हैं | भारत से कहीं भी पाकिस्तानी टीम के हार जाने पर लोग रोष से भर जाते हैं अपना टीवी सेट तोड़ देते हैं | जैसे वह बस गाजी हैं| पाकिस्तानी क्रिकेटर का पाकिस्तान में प्रवेश मुश्किल कर देते हैं | लाहौर और कराची के बड़े सिनेमाघरों में हिन्दुस्तानी फिल्मों के प्रसारण सिनेमा मालिकों ने बंद कर दिया |यहाँ तक कहा हम आर्मी का सपोर्ट करते हैं अत : भारतीय फिल्में नहीं दिखायेंगे सरकार से भी मांग की है बालीवुड फिल्मों की डीवीडी भी उनके देश में बिकने न पाये | पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में पूरी सुरक्षा का भरोसा दिया जाये कमाने यह आयेंगे सुरक्षा भारत सरकार करेगी कितना हास्यास्पद है| महाराष्ट्र निर्माण सेना ने पाकिस्तानी कलाकारों ने जिन फिल्मों में काम किया है उनपर बैन लगाने की मांग की है यहीं नहीं जिन सिनेमाघरों में यह फिल्में चलेंगी उनको भी परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है |करण जौहर की फिल्म ‘ऐ दिल रिलीज’ होने वाली है उन्होंने पाकिस्तान का नाम न लेकर कर राजनेताओं की तरह कहा आगे से मैं पड़ोसी देश के कलाकारों को नहीं लूंगा |300 कलाकारों ने फ़िल्म में खून पसीना बहाया है | पहले करण जोहर ने कहा था जब मैने फिल्म शुरू की थी भारत पाकिस्तान के सम्बन्ध खराब नहीं थे| वह नहीं जानते सरकार ने पकिस्तान से सम्बन्ध सुधारने के हर सम्भव प्रयास किये ?क्या करण को सीमा पर लगातार पाकिस्तान की तरफ से चलने वाले गोलों की आवाज नहीं सुनाई देती देश में आतंक मचाने आये आतंकियों को रोकने की कोशिश, सैनिकों की शहादत के समाचार नहीं सुनाई देते | मुम्बई के 26/ 11 अटैक को भूल गये|पैसा कमाना ही सब कुछ नहीं है |कुछ सुझाव दे रहें हैं उनकी फिल्म की कमाई का कुछ हिस्सा उन सैनिक परिवारों को दिया जाये जिन्होंने उरी हमलों में अपने परिवार का सदस्य खोया है| हालीवुड फिल्मों का भी बाजार विस्तृत है इनमें जम कर पैसा लगाया जाता है लेकिन उनके पास अब कहानियों का अभाव होता जा रहा है हर विषयों को वह अजमा चुके हैं | भारत में कहानियों की कमी नहीं हैं पुरानी दंत कथाओं को ही लेकर अनेक फिल्में बनाई जाती हैं अत : फिल्मों का भविष्य उज्ज्वल है लेकिन तभी तक उज्ज्वल है जब तक हमारी सीमा सुरक्षित है |

डॉ शोभा भारद्वाज

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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshagarwal के द्वारा
October 22, 2016

जय श्री राम शोभा जी जब पकिस्तान हमारे सीमा पर आतंकवादियो को भेज रहा २६/११ के बाद हमें किसी तरह के सम्बन्ध संस्कृतिक,खेल और फ़िल्मी नहीं रखने चाइये ऐसे में सीमा पर लड़ने और और शहीदों के परिवारों पर क्या व्यतीत हो रही होगी !बॉलीवुड में महेश भट्ट के न्रेतत्व में एक खेमा मोदी और हिन्दू विरोधी जिन्हें देश से ज्यादा पैसा प्यारा है समय समय पर उनके व्यान उनकी मानसिकता दर्शाते राष्ट्र के स्वाभीमान के लिए पकिस्तान से कोइ सम्बन्ध नहीं होने चाइये.

Shobha के द्वारा
October 22, 2016

श्री रमेश जी पाकिस्तान ने भारतीय चैनलों और फिल्मों पर पूरी तरह बैन लगा दिया है लेकिन हमारे कुछ कलाकारों को बहुत तकलीफ है हमारे सैनिक सीमा पर निरंतर शहीद हो रहे हैं कुछ कलाकरों को पाकिस्तान का बाजार चाहिए | अब तो आमिर खान भी अपनी फिल्म दंगल का प्रमोशन करने गेट अप बदल कर आ रहें हैं लेख पढने के लिए अतिशय धन्यवाद

drashok के द्वारा
October 23, 2016

पाकिस्तानी कलाकारों पर विवाद सही है पाकिस्तान में जब चाहे भारतीय फिल्मों पर बैन लगा दिया जाता है यही नहीं अब तो न्यूज चैनलों पर भी रोक है क्या हमारे यहां कलाकारों की कमी है जो हम पाकिस्तानी कलाकारों को काम दें दाऊद तक का पैसा फिल्मों में लगाया जाता है इनकी नजर केवल पैसे पर रहती है देश भक्ति केवल कहानियों में ही दिखाई देती है |

Anjana के द्वारा
October 24, 2016

प्रिय शोभा जी हमारे देश में कलाकारों या गायकों या टेक्नीशियन की कमी है हम पाकिस्तानियों को अपनी फिल्मों में स्थान दे या इनकी कॉन्सर्ट करवाये आज फिर बॉर्डर पर हुए शहीद गुरुनाम को बीएसएफ ने कन्धा दिया |

Shobha के द्वारा
October 24, 2016

सही है सर हमारे फ़िल्मी जगत की नजर बाजार पर रहती है सही है लेकिन अब पाकिस्तान के व्यवहार के बाद हमारे सिनेमा जगत को सोचना चाहिए अब ऐसा नहीं होना चाहिए होनी चाहिए

Shobha के द्वारा
October 24, 2016

प्रिय अंजना जी पाकिस्तान और भारत की सिनमा पर पाकिस्तान रेंजर लगातार गोला बारी करते रहते हैं सही है कलाकार कला कार होते हैं लेकिन कलाकार का पहला गुण समवेदन शीलता होती हैं |

ashasahay के द्वारा
October 25, 2016

आपका आक्रोष और आपके तर्क दोनों ही बहुत सही हैं।नमस्कार डाँ शोभा जी ,और  तथ्यों से भरपूर लेख के लिए बधाई।

Abhijat के द्वारा
October 26, 2016

आदरणीय शोभा जी कितना ही पाकिस्तान के कलाकरों या तकनीशियन के पक्ष में तर्क दें लेकिन प्रश्न उठता है क्या हमारे यहां टेलेंट की कमी है फिर क्यों हम दुश्मन मुल्क के लोगों को अपने यहां काम दें

Anil bhagi के द्वारा
October 26, 2016

प्रिय शोभा जी आपकी बात सही है लेकिन गुलाम अली सबके प्रिय गजल गायक हैं एक बार में उनकी कॉन्सर्ट में गया उन्होंने हम सब की पसन्द की इंशा जी की गजलें सुनाई पब्लिक भी उनको सुन कर इतनी खुश थी क्या लिखूं वह भी लोगों के सम्मान पर उठ कर खड़े हो गए उनके अनुसार कलाकार सबका है |

Shobha के द्वारा
October 26, 2016

आदरणीय प्रिय आशा जी आपको लेख पसंद आया मेरा क्षोभ भी सही लगा धन्यवाद

Shobha के द्वारा
October 26, 2016

प्रिय अभिजात जी पाकिस्तान की आतंकी हरकतों के कारण ही पाकिस्तानी कलाकारों के काम पर ऊँगली उठती है काम करेंगे संवेदनशीलता नहीं हैं

Shobha के द्वारा
October 26, 2016

अनिल जी भावनात्मकता में हम भारत वासियों का जबाब नहीं है हम पाकिस्तानी गायकों को सुंनते हैं जम कर प्रशंसा करते हैं उन्हें पसंद करते हैं गुलाम अली जी का गजल गायन कमाल का है |

sadguruji के द्वारा
November 5, 2016

आदरणीय डॉ शोभा भारद्वाज जी ! एक गम्भीर मुद्दे पर सार्थक और विचारणीय चर्चा करने के लिए बहुत बहुत अभिनन्दन और बधाई ! सरकार अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि अच्छी बनाने के लिए पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन नहीं लगाएगी, किन्तु भारतीय फिल्म इंडस्ट्री तो ये कर ही सकती है ! कोई करेगा नहीं, क्योंकि पैसा पहले देश बाद में ! सादर आभार !

Shobha के द्वारा
November 5, 2016

श्री आदरणीय सद्गुरु जी हमारे फ़िल्मी जगत का एक ही उद्देश्य है पैसा कमाना यह कई बार ऐसे विषयन पर फिल्म बनाते है देख कर हैरानी होती है यह कैसी अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता ?


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