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डोनाल्ड ट्रम्प की अमेरिकन गृहनीति का विश्लेषण पार्ट -1

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डोनाल्ड ट्रम्प ने हिलेरी क्लिंटन जैसी सीनेटर, विदेश सचिव और प्रथम महिला रही विख्यात महिला को चुनाव में हरा कर अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता, विश्व हैरान है अमेरिकन मीडिया ने हिलेरी का जम कर समर्थन किया था ट्रम्प के विरोध में हिलेरी पर लगे आरोपों को अनदेखा कर ट्रम्प की एक –एक कमजोरी को उजागर किया | चुनाव सर्वे हिलेरी के पक्ष में थे| ट्रम्प उन्हें क्रुकुड हिलेरी के नाम से सम्बोधित करते थे , उनकी फाईटर स्पिरिट के भी प्रशंसक थे | हिलेरी और ट्रम्प की टक्कर में सभी को विश्वास था हिलेरी की जीत सुनिश्चित है | दुनिया का सबसे प्राचीन लोकतंत्र ,विश्व शक्ति लिबरलाइजेशन ,समानता और मानवाधिकारों की दुहाई देने वाले अमेरिका में आज तक महिला राष्ट्रपति नही बनी है लग रहा था पहली बार हिलेरी पद को शुशोभित करेंगी लेकिन उलटा हुआ ट्रम्प की जीत आश्चर्यजनक थी उन्हें 279 वोट प्राप्त हुए जबकि हिलेरी को 228 | हिलेरी सफल राजनेता थी जबकि ट्रम्प एक सफल बिजनेस मैन हैं उन्होंने राजनीति में कभी सकारात्मक भूमिका नहीं निभायी थी वह नये खिलाड़ी हैं | राजनीति में कूटनीति का बसती है विश्व में अमेरिका अपनी कूटनीतिक चालों के लिए मशहूर है लेकिन जीता कौन ?मैनेजमेंट गुरु उन्होंने स्थानीय मुद्दों को प्रमुख स्थान दिया उन्हीं को अमेरिकन जनता के सामने रखा  | अमेरिकन वित्त विभाग कितना भी छुपाये 2008 से देश आर्थिक मंदी की मार झेल रहा है| जनता ने विकास और नौकरियों की सम्भावना बढ़ेगी इसको वोट दिया है जबकि ट्रम्प के विरोधी ट्रम्प की जीत के विरोध में मार्च निकाल रहे हैं | बड़ी कम्पनियों के सीओ परेशान हैं राजनीति में अनुभवहीन व्यक्ति अमेरिका के सम्मान को बरकरार रख सकेगा | लगता है जनता राजनीतिज्ञों की कूटनीतिक चालों से तंग आ चुकी है |

ट्रम्प ऐसे समय में राष्ट्रपति पद के लिए चुने गये हैं जब कांग्रेस के दोनों सदनों हाउस आफ रिपब्लिक और सीनेट में रिपब्लिकन का बहुमत है चुनाव से पहले जो रिपब्लिकन नेता उनका विरोध कर रहे थे वह भी उनकी तरफ झुक रहे हैं अब उनकी बाजू पकड़ने वाला कोई नहीं है जबकि सीनेटर अपने नेता का भी विरोध करने में मशहूर रहे हैं | सुप्रीम कोर्ट में एक जज की नियुक्ति और होनी है वह भी रिपब्लिकन पार्टी के फेवर हुआ तो सब कुछ ट्रम्प के पक्ष में होगा | अमेरिका में कार्यपालिका विधायिका और न्याय पालिका चैक एंड बैलेंस अर्थात शक्ति संतुलन के सिद्धांत पर आधारित है |समय ट्रम्प की शक्ति को बढाने वाला है उन्हें केवल समय का सदुपयोग करना है|  ट्रम्प के भाषणों का सार रहा है वह अवैध रूप से रहने वाले विदेशियों को अमेरिका से निकाल देंगें| ओबामा भी अपने आठ वर्ष के कार्यकाल में 2 मिलियन क्रिमिनल रिकार्ड वाले इमिग्रेंट को निकाल चुके हैं लेकिन उसका कोई जिक्र नहीं है | रोजगार देने का दावा करने वाले उम्मीदवार की तरफ वोटर का रुझान होना स्वाभाविक था | अमेरिका जाना रोजगार पाना अधिकांशतया नौजवानों की चाहत रही है खतरों से खेल कर भी वह अमेरिका जाना चाहते हैं वहाँ लगभग अवैध रूप से अमेरिका में आये 1.1 मिलियन लोग काम करते हैं उनको नौकरी देने वाले उनका पासपोर्ट और जरूरी कागजात अपने पास रख कर कम वेतन में काम करवाते हैं यह लेबर फ़ोर्स छोटा काम करते हैं | अमेरिकन बाशिंदों को काम नहीं मिल पता क्योंकि वह लेबर रूल के अनुसार वेतन और काम के घंटों में काम करते हैं | ट्रम्प अवैध रूप से रहने वालों को निकालने की बात करते थे जबकि केवल 6% अमेरिकन ही मिनीयल कामों को करने के इच्छुक रहेंगे | अवैध रूप से बसे इमिग्रेंट के पास न वीजा है न ही वर्क परमिट कहा जाता है उनमें कईयों का अपराधिक रिकार्ड है| अमेरिका में काम करने वाले हैं कई ऐसे हैं जो 25 साल यहाँ रहते हैं |उनको अपना भविष्य खतरे में नजर आता है |ट्रम्प साफ़ तौर पर कहते हैं वह क्रिमिनल्स जिनका अपराधी गतिविधयों में लिप्त रहने का रिकार्ड है गैंग सरगना ,गैंग मेंबर और ड्रग डीलर हैं या तो निकाले जायेंगे या जेल जायेंगे| कुछ लोग कालों के प्रति वायलेंट हैं वह उनको क्रिमिनल समझते हैं ट्रम्प के निर्वाचित होने से उनके  सपोर्टर सोचते हैं उन्हें कालों को मारने का लायसेंस मिल गया काले भयभीत हैं उन पर ट्रम्प समर्थक प्रहार करेंगे| जबकि अमेरिका में कानून सख्त है ऐसी सम्भावना कम है |ट्रम्प समर्थक ,चुनाव प्रचार में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने वाला रूडी जूलियानी रेसिस्ट है|

केकेके (कू क्लक्स कलान ) यह रेसिस्ट समूह है| कलान रोमन कैथोलिक ,यहूदियों और मैक्सिकन के खिलाफ हैं  संगठन गोरों की सुप्रिमेसी( सफेद राष्ट्रवाद ) में विश्वास करते हैं काले उनके गुलाम थे यह मौका देखते ही  कालों के खिलाफ कानून को अपने हाथ में ले लेते थे काले लोगों को रस्सी से फांसी देते थे | 1865 में यह दक्षिण राज्यों शुरू हुआ था 1915 में फिर से विलियम जे सीमन्स के नेतृत्व में जोर पकड़ा  इनकी सदस्य संख्या पाँच लाख  तक पहुंच गयी थी स्थानीय पुलिस भी उनका कुछ  नहीं बिगाड़ सकती थी लेकिन 1928 के बाद इनकी मेंबर संख्या घटती जा रही है |केकेके का हैड ट्रम्प के आने से बहुत खुश है |

कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद से विश्व भयभीत है |अमेरिका भी 9/11 की त्रासदी  झेल चुका है | ट्रम्प ने मुस्लिम के खिलाफ  ब्यान दिए उसने मुस्लिमों के अमेरिका में प्रवेश को प्रतिबंधित करने और प्रवासी मुस्लिमों पर नजर रखने की बात कही थी| ओरलेंडो के गे क्लब पर फायरिंग कर 50 को मारने वाला उमर मतीन अफगानी मूल का नागरिक था उसने अल्ला हो अकबर कह कर निर्दोष लोगों पर गोली चलाई थी ट्रम्प ने कहा था इन हत्यारों को अमेरिका में नहीं होना चाहिए | मुस्लिमों में अधिकाँश ने ट्रम्प को वोट नहीं दिया |हिजाब पहन कर अपनी धर्म के आधार पर अपनी अलग पहचान रखने वाली महिलाओं को भी ट्रम्प के आने से भय है जबकि हिजाब पर ट्रम्प ने कोई  ब्यान नहीं दिया | प्रोग्रेसिव मुस्लिम को ट्रम्प से किसी किस्म का भय नहीं है यह प्रवासी समाज में घुल मिल गये हैं | क्या ट्रम्प मुस्लिम पर प्रतिबन्ध लगाने में सक्षम हो सकेंगे? कांग्रेस ने पहले ही अमेरिका में आने वालों से सम्बन्धित नियमों को बदलने के लिए  राष्ट्रपति को कई  अधिकार दिए हैं | कानून बनाने के लिए कांग्रेस की स्वीकृति अब जरूरी नहीं है लेकिन ऐसा करने से पहले ट्रम्प को दस बार सोचना पड़ेगा अमेरिका विश्व शक्ति है उसकी अपने नागरिकों के लिए प्रतिबद्धता है सबके साथ समान व्यवहार देश की नीति है फिर भी मुस्लिम ट्रम्प की जीतने के बाद अपने भविष्य के बारे में सशंकित हैं लेकिन ट्रम्प ने कहा था वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने में मुस्लिम देशों के साथ हैं उनका तर्क है आतंकवादियों से लड़ने की पहली जिम्मेदारी मुस्लिम देशों की है | जेहादी संगठन बहुत खुश हैं वह मानते हैं यदि अमेरिका में मुस्लिमों को सताया गया उनमें क्षोभ होगा विरोध में जेहादी मिलेंगे | एक दिवा स्वप्न है ।“

मैक्सिको निवासी अवैध ढंग से  अमेरिका में आते रहते हैं |अवैध रूप से मादक पदार्थों की तस्करी भी जम कर होती है इससे अमेरिकन नस्लें बर्बाद हो रही है |तस्करों ने अंडर ग्राउंड रेल पटरियां बना कर तस्करी का इंतजाम किया है| ट्रम्प इनसे बहुत  नाराज हैं वह मैक्सिको के आसपास दीवार बनाने की बात भी करते हैं उन्होंने हंस कर कहा आप जानते हैं कंस्ट्रक्शन काम में वह कितने माहिर हैं |अमेरिकन के अनेक कारखाने मैक्सिको में लगे हैं क्योंकि अमेरिकन लेबर बहुत मंहगा है वहाँ काम करने के लिए सस्ता लेबर मिलता है | दीवार बनाना क्या सम्भव होगा ? क्या आनेजाने पर सख्त निगरानी हो सकेगी ? कुछ विचारकों का मानना हैं ट्रम्प सत्ता ग्रहण करने के सौ दिनों में पहला काम यही करेंगे लेकिन मैक्सिको की सीमा पर 1609 मीटर लम्बी दीवार कैसे बनायेंगे मैक्सिको के राष्ट्राध्यक्ष ने कहा है वह दीवार बनाने में आर्थिक सहयोग नहीं करेंगे |ट्रम्प को उनकी मैक्सिको नीति पर अमेरिकन जनता का समर्थन मिला है|

चुनाव के समय कई महिलाओं ने आगे आकर ट्रम्प पर अभियोग लगाये |100 के करीब महिलाओं ने कपड़े उतार कर आईने के साथ विरोध किया लेकिन महिलाओं के एक मुश्त वोट हिलेरी को नहीं मिले | मिलिट्री ट्रम्प से खुश नहीं है वह पांच वर्ष तक आर्मी स्कूल में पढ़े मिलिट्री सर्विस अमेरिका में जरूरी है लेकिन वियतनाम वार के समय यह मिलिट्री सर्विस से पीछे हट गये ऐसा उन्होंने तीन बार किया |ट्रम्प व्यवसायी हैं वह हर नीति को नफा नुक्सान से तौलते हैं उन्होंने समझ लिया अमेरिकन नौजवान जाब और जाब सिक्योरिटी चाहता है कुछ ही लोगों के पास अकूत दौलत है बाकी आम जिन्दगी जीते है, बड़ा हिस्सा केवल मिलने वाली डोल पर गुजारा करता है| ट्रम्प ने उन्हें नौकरी और अच्छे वेतन का आश्वासन दिया है |

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16 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

achyutamkeshvam के द्वारा
November 15, 2016

सारगर्भित आलेख ,महत्वपूर्ण जानकारी ……भारतवंशी समुदाय ने ट्रम्प को जिताया …दुसरे अब लोग विशेषकर आतंक पर सेकुलर मुलायम रवैया पसंद नहीं करते …ट्रम्प ने इसे ..भांप लिया था .

Shobha के द्वारा
November 16, 2016

प्रिय अच्युत जी लेख पढने और पसंद करने के लिए बहुत धन्यवाद |

ashasahay के द्वारा
November 16, 2016

 नमस् कार डॉ शोभा जी।बहुत अच्छा विश्लेषण।पर ट्रम्प की नीतियाँ वक्त के साथ कैसा करवट लेंगी ,कहना कठिन नहीं है क्या?

Shobha के द्वारा
November 16, 2016

प्रिय आदरणीय आशा जी लेख पढने के लिए धन्यवाद प्रजातंत्र में संविधान का उल्लंघन नहीं किया जा सकता न बहुत फेर बदल

shakuntla mishra के द्वारा
November 17, 2016

बहुत अच्छा विश्लेषण

Shobha के द्वारा
November 17, 2016

प्रिय शकुन्तला जी आपने लेख पढ़ा पसंद किया अतिशय धन्यवाद

Anil Bhagi के द्वारा
November 18, 2016

प्रिय शोभा जी अमेरिका में ट्रम्प और हिलेरी के चुनाव की मीडिया में बहुत चर्चा रही ट्रम्प जीते उसके बाद अमेरिका में ट्रम्प के विरोध में कुछ लोग सडकों पर निकले जाना था लेकिन आपके द्वारा ट्रम्प की आगे नीति क्या होगी विस्तार से जाना

Shobha के द्वारा
November 18, 2016

अनिल जी आज भी अमेरिकन मीडिया ट्रम्प पर बहस ही करा रहा है उसके हर चुनाव के भाषण का विश्लेष्ण हो रहा है लेख पढने के लिए अति धन्यवाद

L.S.Bisht के द्वारा
November 18, 2016

आदरणीय शोभा जी डोनाल्ड ट्र्म्प की नीतियों पर शानदार लेख । जानकारीपूर्ण , सारगर्भित ।

sadguruji के द्वारा
November 18, 2016

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! सादर अभिनन्दन ओर हार्दिक बधाई ! बहुत विस्तार से और बहुत अच्छा लिखा है आपने ! डोनाल्ड ट्रम्प को रोजगार, व्यापार, नस्लवाद, आतंकवाद, विदेशनीति, और सेना आदि हर क्षेत्र में तालमेल बिठा के चलना होगा ! आपने उन सबकी विस्तृत चर्चा की है ! गहन अध्ययन के क्षत्र में आपकी मेहनत हम सबके लिए प्रेरणादायी है और आपका राजनितिक, कूटनीतिक ज्ञान तथा अनुभव काबिले तारीफ़ और अनमोल है ! मंच पर सार्थक और पठनीय प्रस्तुति हेतु सादर आभार !

rameshagarwal के द्वारा
November 18, 2016

जय श्री राम आदरणीय शोभाजी आपने अमेरिका की पुरी राजनीती का विश्लेषण दे दिया इसके लिए धन्यवाद्.हमारी लास्द्की भी अमेरिका में है जो हिलारी की समर्थक थी भारतीयों में दोनों के समर्थक थे कोइ भी देश अपने राष्ट्र हित के लिए कार्य करेगा वैसे अमेरिका में सबको अपने धर्म और रीति रिवाज पालन करने की स्वतंत्रता है.ट्रम्प के साथ मोदीजी के अच्छे रिश्ते रहेंगे ऐसी उम्मीद है.

Shobha के द्वारा
November 19, 2016

श्री बिष्ट जी लेख पढने और पसंद करने के लिए बहुत धन्यवाद अभी तो ट्रम्प ने अमेरिका की जनता से बड़े-बड़ें वादे किये हैं कितने पूरे करते हैं समय ही बताएगा

Shobha के द्वारा
November 19, 2016

श्री आदरणीय सद्गुरु सद्गुरु जी ट्रम्प विशुद्ध रूप से व्यवसायी हैं खर्च कम और लाभ अधिक अमेरिका ने वर्ड पावर बनने के लिए काफी एड दी है पाकिस्तान तो ज़िंदा ही अमेरिकन ऐड पर है समय बताएगा ट्रम्प क्या करते हैं चुनावों में जनता का मूड भांप कर बोलते रहे वादे भी किये मोदी जी की तरह जीतने के लिए उनको कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी मीडिया टोटल उनके खिलाग था

Shobha के द्वारा
November 19, 2016

श्री आदरणीय रमेश जी अंतर्राष्ट्रीय राजनीती मेरा प्रिय विषय हैं भारतीयों के लिए ट्रम्प बहुत मेहरबान है मोदी जी से भी प्रभावित हैं |हाँ भारतीय प्रवासी महिलाये हिलेरी की बहुत समर्थक थी मेरी बेटी लॉस एंजल में पोस्टेड है परन्तु उसका पीटीआई सिंगापुर में रहता है अत; वह अब बीसीजी में कन्सल्टेंट है बड़ी पोस्ट है योरोप , एशिया और अमेरिका में बीसीजी की प्राब्लम सोल्व करती हैं हर वक्त सफर पर रहती है अभी भी शिकागो गयी है और हम डरते रहते हैं लेख पढने पसंद करने के लिए धन्यवाद

harirawat के द्वारा
November 20, 2016

शोभाजी नमस्कार ! टर्म अमेरिका का राष्ट्रपति बनेंगे, चाहे लोग कितना भी विरोध करें ! हमें उम्मीद रखनी चाहिए की पाकिस्तान द्वारा पाले हुए आतंकवादियों पर अब अमेरिका की कड़ी नजर होगी, पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा दी गयी भीख पर अब प्रतिबन्ध लग जाएगा, वह खुद भूखों मरेगा फिर न आतंकवाद पनपेगा न पाकिस्तान परमाणु की धमकी देगा ! विस्तृत लेख के लिए साधुवाद ! हरेन्द्र

Shobha के द्वारा
November 21, 2016

श्री रावत जी लेख पढने के लिए बहुत धन्यवाद ट्रम्प आतंकवाद के खिलाफ है उनकी पाकिस्तान के प्रति विदेश निति भी सख्त ही होगी वह बिना लाभ के ऐड देने के बहुत हिमायती नहीं है पता चलेगा वह क्या करते हैं लेकिन पाकिस्तान की तरफ जा रहा है इसलिए उसका महत्व अमेरिका की नजर में कम नहीं हॉगा


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