Vichar Manthan

Mere vicharon ka sangrah

219 Posts

2960 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 15986 postid : 1297493

संसद के दोनों सदन ठप करना क्या उचित है ?

  • SocialTwist Tell-a-Friend

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही ठप करना क्या देश हित में है ?

संसद फिर से ठप करने की पुरानी कवायद जारी है अबकी बार नोट बंदी के मुद्दे को लेकर है सदन में पक्ष और विपक्ष बहस के लिए एक दूसरे को ललकार रहे हैं |विपक्ष बहस भी अपनी शर्तों पर अर्थात किस धारा के तहत बहस होगी विपक्ष सत्ता पक्ष के तर्क सुनेगा या केवल शोर मचायेगा, बहस के बाद वोटिग होगी, जब तक बहस होगी प्रधान मंत्री उपस्थित रहेंगे उनके हर प्रश्न का उत्तर देंगे लोकसभा में 2 जी घोटाले पर विपक्ष ने बहस के दौरान दो दिन तक पूर्व प्रधानमन्त्री डॉ मनमोहन सिंह को बैठाये रखा था वैसे ही मोदी जी की उपस्थिति अनिवार्य है | लोकसभा में एनडीए का अपना अच्छा खासा बहुमत है वोटिंग में सरकार जाने वाली नहीं है फिर भी सत्ता पक्ष के कुछ लोग यदि नोट बंदी पर मोदी जी से  नाराज हैं शायद क्रास वोटिंग हो जाये| राज्यसभा में कांग्रेस विपक्ष के नेता डॉ मन मोहन सिंह सरकार पर आक्षेप लगा रहे थे हैरानी, उनके काल में होने वाले सभी घोटालों के वह जिम्मेदार रहे हैं | प्रधान मंत्री जी प्रश्नोत्तर काल में बैठे थे उन्होंने राज्यसभा के कई वक्ताओं के आक्षेप सुने लेकिन लंच ब्रेक के बाद मोदी जी नहीं आये सत्ता पक्ष के आश्वासन के बाद भी सदन की कार्यवाही हंगामें की भेंट चढ़ गयी , रोज ही चढ़ रही है समझ में आने लगा है विपक्ष सीरियस बहस के मूड में क्यों नहीं है ? उसे केवल जन हित के नाम पर हंगामा करना है |

आय कर(IT) संशोधन विधेयक मनी बिल लोकसभा में वित्त मंत्री ने पेश किया सदन शोर मचाता रहा वित्त मंत्री अरुण जेटली बिल को बिस्तार से पढ़ते रहे प्रथम वाचन हुआ बिना बहस के विधेयक ध्वनि मत से पास हो गया राज्यसभा के मनी बिल पर सीमित अधिकार हैं राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से कानून बन जाएगा | विधेयक पास हो जाने पर एतराज करने लगे बहस क्यों नहीं हुई हैरानी की बात है विश्व का सबसे बड़ा परिपक्व प्रजातंत्र सदन का यह हाल ?कितने दिन बीत गये गये टैक्स पेयर के धन की बर्बादी सब देख रहे हैं |पार्लियामेंट की अध्यक्षा सुमित्रा महाजन अपनी कुर्सी पर बैठती हैं सदन की कार्यवाही शुरू होती है | सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी कुर्सियों पर कुछ देर टेक लगाते हैं प्रश्नोत्तर काल शुरू होता है परन्तु जल्दी ही विपक्ष को याद आ जाता है सदन नहीं चलने देना |शोर गुल हंगामें के बीच सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक रोक दी जाती है | भोजन के वाद सांसद जुटते हैं फिर यही हाल ,सदन पर खर्च होने वाले धन की बर्बादी कर सब अपने ठिकाने पर चले जाते हैं | शीत कालीन सत्र बिना किसी बहस के समाप्त हो जाएगा अंत में यदि जरूरत समझी गयी जल्दी-जल्दी कुछ बिल पास हो जायेंगे यही परम्परा बनती जा रही है |

भारत ने ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था को अपनाया था | ब्रिटेन का संविधान अलिखित है वह परम्पराओं   और दस्तावेजों के रूप में है लेकिन हमारा संविधान विस्तृत और लिखित है |संसदीय व्यवस्था के अनुसार सरकार के तीन अंग 1.कार्यपालिका 2. व्यवस्थापिका 3. न्यायपालिका है| विधायिया के दो सदनों में लोकसभा में जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों में बहुमत दल के नेता को कार्यपालिका अध्यक्ष राष्ट्रपति सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं | यदि लोकसभा में किसी दल को पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं होता है मिलीजुली सरकार बनाने का प्रावधान है कामन मिनिमम प्रोग्राम पर स्वीकृति के बाद मिली जुली सरकार बनती है | 1984 में राजीब गाँधी की बहुमत की सरकार बनने के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला मिली जुली सरकारें बनी| संसद के दोनों सदनों में जम कर हंगामा होता रहा अब इसी समस्या से मोदी जी की सरकार को जूझना पड़ता है| 25 नवम्बर 2001 को सर्वदलीय सम्मेलन में सांसदों और राज्य की विधान सभा के विधायकों को मर्यादित करने के लिए बनी आचार्य सहिंता पर सबने स्वीकृति दी थी लेकिन 2010 के बाद अनेक घोटाले सामने आये हर नियम टूटा संसद के सदनों का हाल बेहाल रहा | 2014 के चुनाव में एनडीए को बहुमत मिला | मोदी जी ने चुनाव के समय कई वायदे किये थे उनमें जीएसटी बिल के लिए संविधान में संशोधन की जरूरत थी | किसी विशेष धारा में संशोधन के लिए सदन के दोनों सदनों का दो तिहाई बहुमत और आधे से अधिक राज्य विधान सभा के बहुमत की जरूरत पड़ती है | पिछले सत्र में जीएसटी विधेयक बड़ी बहस के बाद सदन में उपस्थित सबकी सम्मति से बिल पास हुआ जिन सांसदों ने समर्थन नहीं दिया उन्होंने सदन से वाक् आउट किया |

8 नवम्बर को मोदी जी ने 500 और 1000 के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की सांसदों के सामने परेशानी थी वह मोदी जी का समर्थन करें या न करें क्योकि काले धन पर कांग्रेस सरकार भी रोक लगाना चाहती थी| सभी दल साथ आते और सुझाव देंते सभी को श्रेय मिलता लेकिन यहाँ भी विरोध का अवसर सांसद क्यों चूकते उन्होंने नोटबंदी का विरोध नहीं किया हाँ उसमें आने वाली दिक्कतों का जिक्र कर हो हल्ला बिना पूरी तैयारी के सरकार ने नोट बंदी लागू कर दी है | तृणमूल कांग्रेस ने पूरी तरह विरोध किया कुछ दलों ने अवसर की मांग की लेकिन अब समस्या सदन न चलने देंने की है, सदन चलाना सरकार की जिम्मेदारी है सरकार बहस के लिए आमंत्रित कर रही है परन्तु बहस किसे करनी है हैरानी है बिहार के मुख्य मंत्री बड़े नोटों की बंदी का समर्थन कर रहे हैं लेकिन उन्हीं की सरकार के दिग्गज शरद यादव सदन में विरोध कर रहे हैं |

बंगाल में टोल पर सेना का रूटीन अभ्यास था पहले भी होता था | इसकी सूचना भी पुलिस को दे दी गयी |पुलिस ने समय मांगा वह भी दिया गया लेकिन ममता बनर्जी ने बखेड़ा खड़ा कर दिया वह रात भर सचिवालय में रहीं उनके अनुसार जैसे सेना बंगाल की सरकार को पदच्युत करना चाहती हैं अर्थात तख्ता पलट सेना ऐसा क्यों करेगी ?देश संविधान के अनुसार चलता है संविधान की रक्षा न्यायपालिका द्वारा की जाती है | इसे संघीय ढांचे पर अटैक की संज्ञा दी गयी गयी हैरानी की बात हैं तृणमूल मूल कांग्रेस के सांसदों ने सदन में हंगामा किया विरोधी दलों ने भी साथ दिया |राज्यसभा में विपक्षी गुलाम नबी आजाद के वक्तव्य पर आश्चर्य हुआ रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने प्रमाण सहित वक्तव्य दिया |यही नहीं पटना से कलकत्ता जाते समय ममता बनर्जी प्लेन को रनवे खाली नहीं था इसलिए कुछ देर प्लेन हवा में रहा उसमें और भी यात्री थे ऐसा हो जाता है इसको भी मोदी जी की साजिश करार देकर सदन में हंगामा हुआ सदन की कार्यवाही फिर ठप रही | सीमा पर पाकिस्तान सेना निरंतर गोला बारी कर रही है आतंकवादी देश की सीमा में घुस कर सुरक्षा दलों पर हमला करते हैं पश्चिमी बंगाल सीमावर्ती क्षेत्र है यह तमाशा! राजनीति के गिरते स्तर पर हैरानी हैं |विपक्ष हर छोटी बात को मुद्दा बना कर संसद ठप कर रहा है जबकि देश में मीडिया सशक्त है जनता जागरूक है सांसदों की सोच पर हैरानी है वह जनता को सम्बोधित कर दिखा रहे हैं हम उनके हित चिंतक | सब जानते है संसद ठप कर समय काटा जा रहा है विरोध बस विरोध करने के लिए है क्या यह संसदीय परम्पराओं का अपमान नहीं हैं ? मोदी जी सांसदों की चुनौतियों का उत्तर संसद के बजाय जनता को दे रहे हैं इससे विपक्ष त्रस्त है

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 4.67 out of 5)
Loading ... Loading ...

16 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

harirawat के द्वारा
December 6, 2016

शोभाजी नमस्कार, विपक्ष द्वारा संसद में हंगामा करना, हर बात का तिल का पहाड़ बनाना, केवल जनता के विकास कार्यों को रोकना मात्र है, कारण मोदी जी का तेज रफ़्तार से चलता हुआ विकास रथ है, काले धनपतियों की काली कमाई मिट्टी में मिलाने का आक्रोश है ! इन विपक्षियों को तो गूंगा, बहरा और अंधा प्रधान मंत्री चाहिए, जो सरकारी खाजाने पर पड़ने वाले डाके को देखकर आँख, कान और मुंह बंद कर दे ! लेकिन मोदीजी तो विकास पुरुष है उन्हें अपने देश की चिंता है, वे संयम सच्चे ईमानदार, गुणवान, सदाचारी संत वफादार, जन सेवक हैं, वे काला धनपतियों के काले कारनामों से पर्दा हटा रहे हैं और विपक्ष उसे ढकने का अथक प्रयासद कर रहा जनता के पैसों को बर्वाद करके ! विस्तृत और स्पष्ट लेख के लिए बधाई !

sadguruji के द्वारा
December 6, 2016

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! विपक्षी दलों की संसद न चलने देने की अशोभनीय कारस्तानी के लिए जितनी भी निंदा की जाए वो कम है ! वो संसद चलने ही नहीं देना चाहते हैं ! इनके भत्ते और तनखाह काटी जानी चाहिए, तभी इनके गैर जिम्मेदाराना व्यवहार में कोई सकारात्मक बदलाव आएगा ! सादर आभार !

Shobha के द्वारा
December 7, 2016

श्री रावत जी विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है क्या करें मजबूर हैं इस लिए शोर मचा कर संसद ठप्प कर अखबार की सुर्खियों में जगह मिल जाती है आपने सही लिखा है इन्हें विकास नहीं बस हंगामा चाहिए

Shobha के द्वारा
December 7, 2016

श्री आदरणीय सद्गुरु जी सही लिखा है आपने संसद न चलने देना कितना निंदनीय है अभी भत्ते व् तनखा बढाने की बात हो देखिये पूरा सदन एक हो जाएगा

sadguruji के द्वारा
December 8, 2016

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! ‘बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक’ चुने जाने पर बहुत बहुत अभिनन्दन और बधाई !

Shobha के द्वारा
December 8, 2016

श्री आदरणीय सद्गुरु जी अतिशय धन्यवाद

drashok के द्वारा
December 8, 2016

संसद की कार्यवाही चलने न देना दुखद है प्रजातांत्रिक व्यवस्था का मिस यूज है विपक्ष का विरोध किसी भी तरह उचित नहीं लगता

Shobha के द्वारा
December 9, 2016

डॉ साहब अब तो राष्ट्रपति प्रणव दा ने भी विपक्ष पर टिप्पणी की है लेकिन सदन फिर भी नहीं चला

rameshagarwal के द्वारा
December 10, 2016

जय श्रीं राम माननीया शोभा जी संसद का टप्प करना दुर्भाग्यवश है जो विरोधियो की हार को दर्शाता है लगता लोक सभा की हार से बौखला कर संसद को वाधित कर देश का समय और जनता का धन बर्बाद कर रहे नोट बंदी में जनता का समर्थन है इन नेताओं को देश की नहीं ओने काले धन की फिक्र है बहुत शर्मनाक व्यवहार है इससे विदेशो में भी प्रतिष्ठा गिर रही है बे=रितिश संसद में एक दिन भी नहीं वाधित होती .सुन्दर लेख के लिए धन्यवाद

Shobha के द्वारा
December 11, 2016

श्री आदरणीय रमेश जी कांग्रेस को राज करने की आदत हैं अबकी बार कई नेता मिली जुली सरकार की कल्पना कर रहे थे अत:प्रधान मंत्री बनने के ख़्वाब देख रहे थे लेकिन मोदी जी बहुमत ले आये अब क्या करें बहुमत दल के नेता ही प्रधान मंत्री बन सकते हैं यही संसदीय परम्परा है क्या करें ईएसआई लिए सदन में तमाशा कर रहे हैं

Bhola nath Pal के द्वारा
December 12, 2016

सीमा पर पाकिस्तान सेना निरंतर गोला बारी कर रही है आतंकवादी देश की सीमा में घुस कर सुरक्षा दलों पर हमला करते हैं पश्चिमी बंगाल सीमावर्ती क्षेत्र है यह तमाशा! राजनीति के गिरते स्तर पर हैरानी हैं………..यह पतन की पराकाष्ठा नहीं तो और क्या है ?….अच्छा लेख आदरणीय डॉ शोभा जी !

Shobha के द्वारा
December 12, 2016

श्री भोला नाथ जी सही लिखा है आपने वडी दुखद बात है संसद की जो हालत है देख कर अफ़सोस होता है यह प्रजातंत्र का कोन सा स्वरूप है ममता जी संसद का वैसा ही तमाशा वनवा रही थी जो हाल बंगाल का है लेख पढने के लिए अतिशय धन्यवाद

ashasahay के द्वारा
December 14, 2016

आदरणीया शोभा जी नमस्कार और बहुत बधाई। आले ख पूर्णतः तथ्यपरक और संसद की सही स्थितियों का बयान कर ता हुआ है।पुनः बधाई।

Shobha के द्वारा
December 14, 2016

आदरणीय प्रिय आशा जी लेख पढने के लिए अतिशय धन्यवाद

Anil bhagi के द्वारा
December 15, 2016

शोभा गई संसद का आज भी यही हाल है बस दो दिन और संसद चलनी है वह भी सम्भव नहीं है अब चलेगी राहुल जी बड़ी बातें कर रहे हैं वह स्वयम भी नहीं जानते वह क्या बोल रहे हैं जनता उनकी बात क्या समझ सकेगी

Shobha के द्वारा
December 16, 2016

प्रिय अनिल जी अबकी बार संसद शौर शराबे में डूब कर रह गयी दुःख होता है जनता का पैसे की तरह बर्बाद किया गया लेख पढने के लिए धन्यवाद


topic of the week



latest from jagran