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"मेरे पिता को पकिस्तान ने नहीं वार ने मारा है "गुरु मेहर कौर पार्ट -2

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“चूंकार अज हमा हीलते दर गुजशत, हलाले अस्त बुरदन ब समशीर ऐ दस्त।”’श्री गुरु गोविन्द सिंह जी’ का संदेश

“सत्य और न्याय की रक्षा के लिए आखिरी उपाय, हाथ में शमशीर धारण करना ही रह जाता है”

सैनिक आमने सामने की लड़ाई लड़ना चाहता है या तुम मुझे मार दो नहीं तो मैं तुम्हे मार ही दूँगा| देश की रक्षा का जनून जीवन की परवाह नहीं करता बस सामने सीमा को रोंद कर आगे बढ़ता दुश्मन ही नजर आता है| देश ने सदैव शहादत को प्रणाम किया है , पिता की चिता की परिक्रमा करते बच्चे, हाथ में जलती लकड़ी से नन्हे- नन्हे बच्चों को अपने पिता को मुखाग्नि देते देख कर आत्मा रो देती है| हाल में ही कश्मीरी जवान ने अपने बच्चे का पहला जन्म दिन मनाया था आतंकवादियों के हाथों शहीद हो गया उसके जनाजे को सेना के जवान उठा कर चले हजारों कश्मीरियों ने जनाजे में शिरकत की उनकी आँखे नम थीं | कितने पिता अपने बेटों को कंधा देते हैं नोएडा का शहीद विजयंत थापर केवल 21 वर्ष का था और अनेक शहीद उनकी शहादत को प्रणाम है |आज हम आराम से अपने घरों में सोते हैं हमारे सीमा के प्रहरी जवान जागते हैं शहीदों के अनेकों बच्चे माँ के आंचल में मुहं छुपा कर सिसकते हैं|       पूर्वी पाकिस्तान बंगलादेश बना- पाकिस्तान के सीने में शूल सा चुभ गया| सेना को सत्ता का चस्का लग चुका था है भुट्टो के अंत के साथ मिलिट्री जनरल जिया उल हक पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने | वह पाक मिलिट्री की ताकत को समझते युद्ध में भारतीय सेना को चुनौती देना आसान नहीं है अत: आईएसआई को खुला बजट दे कर भारत विरोधी गतिविधियाँ बढ़ाने का आदेश दिया| इस्लाम के नाम पर सत्ता पर पकड़ मजबूत करने के लिए पाकिस्तान का इस्लामीकरण किया| दिसम्बर 1979 के अंतिम सप्ताह में सोवियत रशिया की सेनाओं ने अफगानिस्तान में प्रवेश किया लेकिन अमेरिका ने सीधे लड़ाई में कूदने के बजाय पकिस्तान का सहारा लिया अफगानिस्तान के मुजाहिदीनों की मदद और प्रोक्सी वार के लिए अमरीका द्वारा जम कर आर्थिक सहायता और अत्याधुनिक हथियारों की सप्लाई की गयी जिसमें स्टिंगर मिसाईल भी थी | मुजाहिदीनों के जेहादी, तालिबान और अलकायदा जैसे गुटों से लड़ना असम्भव जान कर मजबूर रशिया को पलायन करना पड़ा| अफगानी अफीम की खेती करते हैं जिससे हिरोईन और अन्य मादक द्रव्य वनाये जाते हैं आज विश्व के देशों में ड्रग की तस्करी का अड्डा पाकिस्तान है वहीं से पंजाब में ड्रग की तस्करी होती है ड्रग लेने का चलन बढ़ता जा रहा है इससे नस्लें तबाह हो रहीं है | अब जेहादी पकिस्तान के लिए सिरदर्द बन गये थे आये दिन आत्मघाती, बम बाँध कर कर अपने को फाड़ देते थे खुद तो मरते थे दूसरों के लिए भी मौत बन जाते है पाकिस्तान ने उनके जनून का लाभ उठने के लिए उन्हें जेहाद और जन्नत समझा कर उनका रुख भारत की तरफ मोड़ दिया |

कारगिल युद्ध 8 मई 1999– कारगिल जिले में पाक सेना और कश्मीरी आतंकी श्रीनगर को लेह से जोड़ने वाले राजमार्ग पर कब्जा करने के इरादे से आसपास के सामरिक महत्व के ठिकानों पर धीरे-धीरे प्रवेश करने लगे ,कहते हैं यह जनरल मुशर्रफ का प्लान था जो 1998 से चल रहा था |युद्ध की शुरुआत से कुछ हफ्ता पहले उन्होंने नियन्त्रण रेखा पार कर घुसपैठियों का मनोबल बढ़ाने के लिए वहाँ एक रात भी  बिताई थी | पाक की हलचल देख कर स्थिति को भांप कर भारतीय सेना ने तुरंत आतंकियों और पाक सेना के खिलाफ कार्यवाही कर उन्हे खदेड़ने की कोशिश की ऊंचाई वाले इलाके में युद्ध आसान नहीं है सेना को कब्जा कर बैठे घुसपैठियों से लड़ना था |कारगिल युद्ध आठ मई से 14 जुलाई तक चला जल्दी ही वायू सेना ने भी युद्ध में भाग लिया कारगिल युद्ध की जीत में वायु सेना का बहुत बड़ा हाथ रहा है | पाकिस्तान का दावा था यह लड़ाई मुजाहिदीन लड़ रहे हैं जबकि बकायदा ट्रेंड पाकिस्तानी सैनिक लड़ रहे| मुशर्रफ परमाणु हथियार के प्रयोग की भी योजना बना रहे थे दोनों परमाणु शक्ति सम्पन्न देशों के बीच पहला युद्ध था राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दबाब में नवाज शरीफ ने सेनाओं को वापस बुला लिया, पाकिस्तान में तख्ता पलट हुआ परवेज मुशर्रफ राष्ट्रपति बन गये| हैरानी की बात हैं तत्कालीन प्रधान मंत्री अटलबिहारी बाजपेयी ने 19 फरवरी 1999 को भारत पाकिस्तान मैत्री को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा की शुरुआत थी उन्होंने भी लाहौर की यात्रा की थे करगिल की जंग के दौरान भी बस सेवा बंद नहीं की गयी लेकिन 13 दिसम्बर 2001 में पार्लियामेंट अटैक के बाद रोका गया |   पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ट्रेनिंग कैंप है अब स्थान बदल कर राजस्थान सीमा के आसपास ले गये हैं कश्मीरी किशोरों को बंदूके थमा दीं उन्हें ट्रेनिग देकर जेहाद के लिए भड़काया गया धरती का स्वर्ग कश्मीर लहूँ लुहान होने लगा भारत में भी दहशत फैलाने के लिय आतंकियों का इस्तेमाल किया गया छद्म युद्ध भारत नागरिकों की सुरक्षा में व्यस्त रहे विकास रुक जाये| यद्यपि पाकिस्तान में जनता की चुनी हुई सरकार है “विश्व के सामने मुखोटा है” सेना ने सत्ता पर अपना कब्जा कभी ढीला नही किया ,’आईएसआई’ का खुला बजट दिया है , पाकिस्तान को बर्बादी की तरफ ले जाने वाले हाफिज सईद जैसे महानुभाव आतंक की पाठशालायें चला रहे हैं यहाँ आतंकवादी बनाते हैं उन्हें  भारत की बर्बादी में जन्नत का सपना दिखाते हैं | नये नाम धरते लश्कर पाकिस्तान को भी आतंक का दंश मारते हैं | देश की संसद पर हमला किया गया बम्बई में आतंकी हमला हुआ भारत की अर्थ व्यवस्था को खराब करने के लिए नकली करंसी भेजी जा रही है नोट बंदी का एक कारण नकली करंसी को बाजार से हटाना था| सीमा पर लगातार गोले दाग कर भारत में आतंकवादी निर्यात किये जाते हैं| भारत अमन की राह पर ही चला है मोदी जी ने शपथ ग्रहण समारोह में मिया नवाज को आमंत्रित किया वह आये ,यही नहीं नवाज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने प्रधान मंत्री लाहौर गये उन्होंने भारत पाक शांति वार्ता को बढ़ाने की कोशिश की लेकिन पाकिस्तान की रूचि कश्मीरी अलगाव वादियों (जो खाते भारत का हैं हुक्म पाकिस्तान का बजाते हैं) से बात करने में अधिक थी जिन्होंने अपने बच्चों को कश्मीर से बाहर कईयों ने विदेशों में पढ़ने भेज कर उनका भविष्य सुरक्षित कर दिया लेकिन कलम के स्थान पर कश्मीरी बच्चों के हाथों में पत्थर पकड़ा दिये आये दिन सैनिको पर पत्थर बरसाते हैं |

पठान कोट हमले में भारत की तरफ से पाकिस्तान का हाथ होने के प्रमाण भी दिए गये परन्तु क्या पाकिस्तान माना ? उरी में आर्मी के कैंप पर और बड़ा हमला हुआ |देश का मनोबल न टूटे भारतीय जवानों ने सफलतम सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया| इस पर भी विपक्ष ने राजनीति की यहीं नहीं शिक्षण संस्थानों, पहले जे.एन.यू में कश्मीर की आजादी भारत की बर्बादी के नारे लगे दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी छात्रों के एक वर्ग ने अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के नाम पर कश्मीर,बस्तर और मणिपुर पुर की आजादी और भारत की बर्बादी के नारे लगाने वालों के पक्ष में मार्च निकाला जिसमें कुछ प्रोफेसर और बामपंथी नेता भी शामिल थे यह कैसी वोट बैंक बनाने की नीति हैं ? देश में महान गुरु गोविन्द सिंह जी ने वीरों की वीरता का आह्वान करते हुए निराशा में डूबे भारत में ऐसी हुंकार भरी थी हर बाजू फड़क उठा था शहादत को तैयार |

चिड़िया तों मैं बाज लड़ाऊँ,सवा लख से एक लड़ाऊँ, ताँ गोविन्दसिंह नाम कहाऊ”

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jlsingh के द्वारा
March 3, 2017

चिड़िया तों मैं बाज लड़ाऊँ,सवा लख से एक लड़ाऊँ, ताँ गोविन्दसिंह नाम कहाऊ” पर एक लड़की की तस्वीर से डर जाऊं … देश द्रोही तगमा दे जाऊं!… आदरणीया आपने बहुत कुछ लिखा है. लिख भी रही हैं पर पूरा देश, मिलकर एक बच्ची की आवाज को दबाने में लग जाय और दोषियों को सजा न दिल पाए … कन्हैया भी बेदाग निकल गया.. हीरो और नेता अलग से बन गया.. .. गुरमेहर क्या बनेगी नहीं मालूम. पर सभी तथा कथित देश भक्तों के अंदर खलबली क्यों मच गयी. केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार है. मनमाने फैसले ले रही है. फिर इतना हो हंगामा क्यों? सादर! आदरणीया शोभा जी, आप के अंदर बहुत प्रतिभा है आप जैसी विदुषी महिलाएं मिलकर उस लड़की को समझ सकती थीं. पर उसको मिली धमकी पर एक शब्द नहीं कह रहीं नहीं धमकी देनेवाला अभीतक पकड़ा गया… क्या कहूँ.. ज्यादा कुछ नहीं कहूँगा. पर आप विदुषी हैं तार्किक उत्तर देंगी यही उम्मीद करता हूँ. सादर

Shobha के द्वारा
March 3, 2017

श्री जवाहर जी मेने 28 अप्रेल 2016 में गुरु मैहर के सोशल मीडिया पर कही बात की हेडिंग ली है उस सन्दर्भ को लेकर भारत पकिस्तान के सम्बन्धों के इतिहास पर प्रकाश डाला है भारत किसी से लड़ाई नहीं चाहता हम पर लड़ाई थोपी जाती है भारत ने पाकिस्तान को कई बार नो वार पैक्ट भेजे शन्ति संदेश भेजे लेकिन पाकिस्तान ने कभी नहीं सुनी पंजाब यदि बचा है तो गुरु गोविन्द सिंह जी की वजह से गुरु मैहर तो अनगिनत बच्चों में से है जिनके पिता देश की रक्षा में लिए शहीद हुए थे आज हम चेन से उन्हीं की वजह से सोते हैं हैरानी होती है जब कालेज के स्टूडेंट वह भी इम्तहान पास हैं उन्हें बरगलाया जा रहा है उनका कैरियर अधर में लटक जाएगा जिन्दगी कैसे बिगडती है बहुत पास से देखा है कितना भी जवान बच्चों को समझाओ किसी के समझ में नहीं आता कोई भी राजनितिक सन्गठन हो स्टूडेंट्स के बीच में राजनीती चमकाने पहुंच जाते हैं और रही धमकियों की बात पूर्व सैनिकों ने बच्ची को सुरक्षा का वचन दिया है सिख कौम मामूली नहीं है | हर सिख की तरक्की का राज रहा है ‘पहले मरण कबूल कर जीवन दी छड आस’ उन्हें हमारी सहानुभूति की जरूरत नहीं है यह कोई मामूली बच्ची नहीं है आप देखना यह गीदड़ धमकियां हैं जो मेहर को दी जा रही हैं पंजाब मेरा ननिहाल है ऊँगली उठने से पहले ही काट देंगे सभी राजनितिक दल एक से हैं बस फायदा उठाना जानते हैं उन्हें किसी से कोई मतलब नहीं है शहीद की बच्ची तो बहाना है |

sadguruji के द्वारा
March 4, 2017

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! सादर अभिनन्दन और हार्दिक बधाई ! अच्छा लिखा है आपने ! मुझे उन लोंगों की सोच और बुद्धि पर तरस आता है जो पूरे देशभर में चिल्ला रहे हैं कि गुरमेहर कौर को बोलने नहीं दिया जा रहा है ! अरे भाई किसने रोका है उन्हें ! जो कुछ भी उनको कहना था उन्होंने फ़ेसबुक पर कहा ! यहाँ तक कहा कि मैं भारतीय विद्यार्थी परिषद् से नहीं डरती ! कौन आपको कह रहा है कि आप AVBP से डरें? इस देश में बहुत से लोग रोज दावा करते हैं कि वो भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नहीं डरते और कुछ भी उन्हें उल्टा सीधा बोलते हैं ! पीएम मोदी जितने सहनशील तो ज्यादातर चुप रहने वाले भूतपूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी नहीं थे ! बोलने की ऐसी आजादी तो कांग्रेज राज में कभी नहीं थी ! सोशल मीडिया पर जो भी मन में आया वो सबकुछ कहके गुरमेहर कौर ने ये साबित कर दिया है कि वो किसी से नहीं डरती है ! पूरा प्रकरण मशहूर होने के लिए की गई ड्रामेबाजी के सिवा और कुछ नहीं है ! आश्चर्य होता है कि अपने बच्चों को कभी खुली छूट नहीं देने वाली नामी गिरामी हस्तियां अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता पर भाषण दे रही हैं ! पहले वो ये बताएं कि वो अपने बीबी-बच्चों को कितनी स्वतन्त्रता दिए हुए हैं? ये सब बड़े लोंगो का दोहरा व्यक्तित्व और दिखावटी पाखण्ड भर है ! सच ही कहा गया है कि हाथी के दांत खाने के और.. और दिखाने के और ! सादर आभार !

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
March 4, 2017

अजब तेरी कारीगरी रे करतार …बदले रंग हजार .बस ओम  शांति  आदरणीय शोभा जी इस गीत को यदि स्म्रति मैं आये 

yamunapathak के द्वारा
March 5, 2017

AADARNEEYA SHOBHA JEE saadar नमस्कार आपका यह blog बहुत ही sundar और poree घटना की जानकारी देता है.darasal यह वाक्य की युद्ध ने मार …बहुत चरमक है युद्ध करता कौन है मानव और वे भूखंड पर ही रहते हैं चाहे वह paakistaan ho yaa bharat … .”मेरे पिता को युद्ध ने मारा ” किसी राष्ट्र विशेष का नाम लिए बिना यह कथन परिपक्व असरदार और स्वीकार्य था .जैसा कि नेपोलियन बोनापार्ट के कथन से झलकता है . “एडमिरल,चाहे तुम हारो या मैं हारूँ…इससे कुछ नहीं होगा ..ना तो ब्रिटैन और ना ही फ्रांस बल्कि अंतमें यह युद्ध ही होगा जो हंस रहा होगा .” मुझे कहीं पढ़ा हुआ एक सशक्त कथन याद आता है “युद्ध और शान्ति मस्तिष्क की उपज हैं …हम सब मस्तिष्क को आदर्श विचारों से शाषित करें ” http://yamunapathak.jagranjunction.com/2017/03/05/%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%A4%E0%A4%95/ saabhaar

Shobha के द्वारा
March 6, 2017

श्री आदरणीय सद्गुरु जी एक हवा चल पड़ी हैं अभिव्यक्ति के नाम पर कुछ भी बोलो यदि विरोध हो तो मौलिक अधिकारों की बात करो आज कल की पौध बस अच्छी जिन्दगी चाहते हैं नाचना गाना फिर पोस्ट करना– एक पाकिस्तान का जोक था पाकिस्तान टूट जाएगा फिर बना लेंगें हमें जीने दो पैसा इतना है की आप सोच नहीं सकते | लिख नहीं सकती बड़ा असर अच्छी जिन्दगी का है बस देखते रहिये आपके विचारों ने सोच के विचार खोल दिए लेख पर इतनी अच्छे विचार रखने के लिए धन्यवाद राजेन्द्र जी समाज किधर जा रहा है क्या लिखूँ

Shobha के द्वारा
March 6, 2017

श्री हरीश जी आप जो कहना चाहते हैं आपके गीत के बोलों ने सब कुछ कह दिया लेख पढने के लिए अति धन्यवाद

Shobha के द्वारा
March 6, 2017

प्रिय यमुना जी आपके विचार पढ़े बहुर अच्छे लगे मेने नोट कर डायरी में लिख लिए काम आयेंगे भारत एक प्रजातांत्रिक देश है हम अमन से रहना चाहते हैं हमने शांति की सदैव कीमत दी है परन्तु फिर भी युद्ध हम पर थोपा जाता है लेख पढने के लिए अतिशय धन्यवाद

anjana bhagi के द्वारा
March 15, 2017

शोभा दी मोर्चे पर पाकिस्तान की तरफ से निरन्तर तोपें दागी जाती है क्या करें लड़ने के लिए देश के सैनिक मजबूर हैं अच्छा लेख

Shobha के द्वारा
March 15, 2017

अंजना जी पकिस्तान का जन्म ही दो राष्ट्रीयता के सिद्धांत पर हुआ था अलग हिस्सा होने के बाद भी भारत की तरक्की को सहन नही हीं कर पा रहा लेख पढने के लिए धन्यवाद


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