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इस्लाम जगत की महिलायें जागरण जंगशन

Posted On: 25 Mar, 2017 Junction Forum में

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Kurdi3

योरोपियन देशों में औद्योगिक विकास के बाद विकसित देशों जर्मनी फ्रांस ,नीदरलैंड ,बेल्जियम और ब्रिटेन में योरोप के नजदीकी मुस्लिम देशों तुर्की , अल्जीरिया और ट्यूनीशिया से श्रमिक बुलाये गये बाद में पाकिस्तान अफगानिस्तान और फ्रांस में (अधिकतर ईरान से प्रवासी) आकर बसने लगे |2008 तक मुस्लिम महिलाओं में हिजाब में नहीं रहती थीं बाद में मर्दों के नाम के साथ मुहम्मद और महिलाओं में हिजाब के चलन से उनकी अलग पहचान बनती गयी |यही हालात अमेरिका में थे | अमेरिकन समाज में सभी संस्कृतियाँ घुल मिल कर रहती रहीं हैं ओपन सोसाईटी है लेकिन मध्यपूर्व से ( सउदी अरब का बहावीइज्म )र्धार्मिक कट्टरता की ऐसी बयार चली मुस्लिम महिलायें हिजाब करने लगीं यहाँ तक स्कूलों, कालेजों कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों में लड़कियाँ और महिलायें इस्लामी ढंग से  हिजाब पहन कर आने लगीं किसके दबाब में वह ऐसा कर रही थीं ?अपने परिवार वालों का दबाब था ,उलेमाओं के आदेश या अपने को पर्दानशीन सिद्ध कर दूसरी महिलाओं को बेपर्द सिद्ध करना था? स्वीमिंग पूल और समुद्र के किनारे तैरने में महिलाओं को मुश्किल होती थी मुस्लिम फैशन डिजाईनर ने बुर्कनी का फैशन चला दिया | महिलाएं सिर से पैर तक ढकी तैरती दिखाई देने लगीं | फ्रांस में बुर्कनी पहने महिला को नहाते देख कर विरोध हुआ झगड़े भी बढ़ें पहले बुर्कनी पर रोक लगी लेकिन बाद में प्रजातांत्रिक व्यवस्था में अपने मजहब के नाम पर रहने की आजादी के नाम पर रोक हटवा ली| आस्ट्रेलिया ,स्पेन इटली अमेरिका में बुर्कनी पर बैन हैं |

जितना हिजाब का चलन बढ़ा उतना ही खुले विचारों और महिला सशक्तिकरण के हिमायती समाज में आक्रोश जगा| 9/11, वर्ड ट्रेड सेंटर पर हमले ने अमेरिकन समाज को हिला दिया था|   इस्लामिक स्टेट की विचारधारा ने दुनिया को इस्लाम का कट्टर पक्ष दिखाया आतंकवादी घटनाएँ बढ़ने लगीं, जेहाद के लिए दुनिया के नौजवानों को आकर्षित किया गया | अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति ट्रम्प ने आतंकवाद के खिलाफ ब्यान दिए जिससे अमेरिकन नागरिक मुस्लिम के प्रति असहिष्णु हो गये महिलायें हिजाब में अलग नजर आती हैं| न्यूयार्क में एयरलाइन्स में हिजाब पहन कर काम करती महिला पर हमला करते हुए 57 वर्षीय अमेरिकन ने कहा ‘अब ट्रम्प आ गया यहाँ से जाओ हिजाब पहने स्कूल बस से एक लडकी को उतार दिया |कालेजों में जितना हिजाब का चलन बढ़ा उतना ही विरोध हुआ | इस्लामोफोबिया बढ़ने लगा लोग इन्हें आईएसआईएस के नाम से पुकारने लगे |अमेरिका की इब्तिहाज मोहम्मद ने तलवारबाजी की प्रतियोगिता में हिजाब पहन कर हिस्सा ले कर संदेश दिया हिजाब में भी खेला जा सकता है | मुस्लिम महिलायें नौकरी का इंटरव्यू देने जाती हैं उनसे शादी और बच्चों के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं |महिलाएं कहती हैं उनको  नौकरी पाने में दिक्कत आई क्योकि वह हिजाब पहने थीं| विकसित देशों के समाज की समझ में हिजाब नहीं आता | अचानक होने वाले परिवर्तन से वह हैरान हैं |

सउदी अरब में महिलाओं को चुनाव में भाग लेने का अधिकार अब मिला हैं महिलायें गाड़ी नहीं चला सकतीं महिलाओं के सामान बेचने वाले शापिंग माल में सिर से पावँ तक ढकी महिलायें ही काम करती हैं वही सुरक्षा व्यवस्था देखती हैं |कालेजों में पढ़ने वाली लड़कियों की काफी संख्या है लेकिन नौकरी का अधिकार ?वह भी चुनाव लड़ कर मंत्री भी बनना चाहती हैं आफिसों में काम करना चाहती हैं | बहु विवाह की प्रथा है सउदी अरब धनवानों का पूरा हरम है |

सिंगापुर और मलेशिया दोनों ब्रिटिश कलोनियाँ थी| मुस्लिम बाहुल्य वाला मलेशिया सिंगापुर से अलग है | विकसित राष्ट्रों की महिलाओं की तरह मलेशियन कामकाजी महिलाओं की कमी नहीं है वह सिंगापुर में नौकरी पाने  की इच्छुक रहती है क्योकि ली क्वान के नेतृत्व में सिंगापुर नें बहुत तरक्की की है | काम के समय फास्ट फूड की दुकानों और माल में  लम्बी बाहों वाली पोशाक जींस और हिजाब पहने उन्हें देखा जा सकता वह हर क्षेत्र में काम करती हैं विचारों से भी मार्डन हैं फिर भी उनके कई बच्चे होते हैं प्रसव के बाद चालीस दिन तक उनके स्वास्थ्य का पूरी तरह से ध्यान रखने के लिए ख़ास नैनी बुलाई जाती हैं हैरानी होती है नवजात कन्या शिशु को भी रुजरी पहना देते हैं |आजकल मलेशिया में शरिया अदालतों में दो महिला न्यायाधीश नियुक्त की गयी हैं|

शाह के ईरान में महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं था खूबसूरती और आधुनिक फैशन लाजबाब था | हिजाब का पालन करना महिलाओं की इच्छा पर निर्भर था मनचाहा वर पाने के लिए विज्ञापन भी आते थे प्रगति शील ईरान में सुविधाजनक हर क्षेत्र में वह नौकरी करती थी उन्हें ईरान के प्रिय खेल बालीबाल देखने का भी शौक था तलाक और बहुपत्नी का रिवाज है लेकिन ट्रिपल तलाक नही है |एक जैसे विचारों वाले जोड़े प्रेम से रहते थे हाँ गावों का हिसाब अलग था ग्रामीण औरत को दबा कर रखते थे | इस्लामिक सरकार आने के बाद शुरू में सब कुछ बदल गया लड़के लड़कियों की मित्रता और महिलाओं की आजादी पर रोक लग गयी बाजार में घूमते जोड़े के से विवाह प्रमाण पत्र मांगा जाता | जब तक शौहर शादी का प्रमाण पत्र ले कर उसकी हम साथी की जिन्दगी पहले ही खत्म | क्या क्या नहीं हुआ लम्बा प्रसंग हैं? लेकिन जैसे ही मुल्लाओं की ईरान पर पकड़ मजबूत हुआ धीरे धीरे हालात सुधरने लगे पुन: हिजाब के साथ ईरानी खानमें नौकरी और व्यवसाय करने लगी चादर के अंदर योरोपियन लिवास पहनती थीं कामकाजी लम्बा कोट सिर पर रूजरी (स्कार्फ ) बांधती थीं बालों का एक रंगा गुच्छा भी माथे पर नजर आने लगा उन्हें बालीबाल देखने की इजाजत भी मिल गयी| चुनावों में घर का मुखिया अपनी पत्नी और माँ का वोट वही दे आता था हैरानी हुई | ईरान की संसद में भी महिला प्रतिनिधि थीं | कानून इतना सख्त था महिला के साथ बेहुरमती करने पर सख्त सार्वजनिक दंड दिया जाता था इसलिए देर रात तक उन्हें घूमते देखा जा सकता है |आज आई टी इंडस्ट्री में काफी महिलायें काम कर रहीं हैं| गावों की महिलाओं को प्रोढ़ शिक्षा के अंतर्गत शिक्षा दी जा रही हैं |

ईराक में स्वर्गीय राष्ट्रपति सद्दाम के समय महिलायें आजाद थी हिजाब इच्छा पर था महिलायें कामकाजी थीं सद्दाम जब भी पब्लिक में आते महिलाएं उन्हें घेर कर नारे लगाती थीं हर क्षेत्र में तरक्की थी अब तो ईराक की हालत खराब हैं आये दिन बम फटते हैं वहाँ के लोग अपने बीबी बच्चों को कैसे सुरक्षित रख पाते हैं सोच कर पीड़ा होती है| सस्ता तेल और अपना वर्चस्व दिखाने के लिए मुल्क बर्बाद कर दिया गया| बगदादी की इस्लामिक स्टेट की विचार धारा ‘खुरासान’ का ईराक भी एक हिस्सा है | यज्दी महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार और उन महिलाओं का बदला लेने के लिए जिन्हें ईराक से अगवा कर बेचा गया है, से त्रस्त ईराकी खुर्द महिलायें सेना के साथ बगदादी के लड़ाकों से लड़ रहीं है | बेहद खूबसूरत नाजुक खुर्दी महिलायें हाथ में मशीन गन लेकर आतंकियों पर हमला करने से पहले वीरता के गीत गाती हैं फिर मशीन गन से वार करती हैं, आतंकी उनको देख कर भागते है उन्हें भय है महिला के हाथों मरने से वह जन्नत से मरहूम रह जायेंगे |टर्की में महिलायें बड़ी संख्या में कामकाजी हैं वहाँ के लोग विदेशों में काम करने के इच्छुक हैं उनकी महिलायें भी विदेशों में कामकाजी हैं | वह योरोपियन लिवास पहनती है हिजाब मर्जी पर है लेकिन वहाँ भी इस्लामाजेशन का प्रभाव बढ़ रहा है | कतर टर्की पाकिस्तान की जांबाज और ईरान की खूबसूरत महिलाएं आर्म फ़ोर्स और पुलिस में भर्ती हैं |

भारत में शिक्षित मुस्लिम महिलायें अनेक क्षेत्रों में काम करती हैं लेकिन आम महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है उनकी शिक्षा के प्रति समाज उदासीन है | नमाज, रोजे रखना शरीयत के नियमों का पालन करते घर की दीवारें उनकी दुनिया है लेकिन पढ़ने के लिए वह छटपटाती ट्रिपल तलाक और बहुपत्नी का विरोध उनमें जग रहा है महिलाओं की स्थिति पर बहसें चल रही हैं |मौलाना हदीस की दुहाई दे कर इस्लाम में मदाखलत देने का विरोध कर रहे हैं वह पढ़ी लिखी उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाओं से आशा की जाती है वह हिजाब का पालन करें मौलानाओं को डिजाइनर बुर्कों पर भी एतराज है |जागरूक पिता अपनी बेटियों की शिक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं | महिलायें मोदी जी से आशा करती हैं वह उनके हितों पर ध्यान दें|

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11 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

mrssarojsingh के द्वारा
March 28, 2017

बहुत अच्छा लेख लिखा है आपने शोभा जी …. बधाई …

mrssarojsingh के द्वारा
March 28, 2017

बहुत अच्छा लेख लिखा है आपने ,शोभा जी बधाई

Shobha के द्वारा
March 28, 2017

प्रिय सरोज जी लेख पढने के लिए धन्यवाद

Shobha के द्वारा
March 28, 2017

आपने लेख पढ़ा आपको पसंद आया धन्यवाद

अनिल भागी के द्वारा
May 4, 2017

प्रिय शोभा दी हमें मुस्लिम समाज को पास से देखने का मौका मिला ज्यादातर मुस्लिम समाज अपनी बेटियों को पढाने का इच्छुक नहीं है उन्हें भय है बेटी को पढाने के बाद शोहर मिलना मुश्किल हो जाएगा कुछ लडकियों ने उच्च शिक्षा प्राप्त की उनके लायक  शादी के पैगाम नहीं आये

Anjana के द्वारा
May 6, 2017

प्रिय शोभा जी पर्दा करना अच्छी बात है लेकिन अपने आप को श्रेष्ठ सिद्ध क्र बताना वह अधिक पर्दानशीन हैं आपके लेख से नई बातें पता चलीं क्या दूसरी औरतें पर्दा नहीं करती लेकिन बहुत मेहनती हैं सम्मानित हैं

drAKBhardwaj के द्वारा
May 8, 2017

योरोपियन देशों और अमेरिका में अचानक मुस्लिम महिलाएं हिजाब द्वारा अपने को अलग दिखाने लगी स्कूलों का ड्रेस कोड होता वहां पर हिजाब लगा कर आना अपने को अलग दिखाने की कोशिश करना जबकि आतंकियों के कर्मों को सभी जानते हैं बढ़िया लेख

Shobha के द्वारा
May 8, 2017

सही लिखा है आपने ब्हावियो के प्रभाव से अचानक हिजाब का चलन बढने लगा लेख् पढने सार्थक प्रक्रिया के लिए धन्यवाद

Shobha के द्वारा
May 8, 2017

प्रिय अंजना जी बिलकुल सही लिखा है आपने लेख पढने और विचार लिखने के लिए धन्यवाद

Shobha के द्वारा
May 8, 2017

प्रिय अनिल जी महिलाओं को शिक्षित करने के बाद मौलानाओं का वर्चस्व खत्म हो जाएगा अत:सबसे अधिक शिक्षा के वही विरोधी हैं लेख पढने के लिए धन्यवाद

Shobha के द्वारा
May 8, 2017

सही है डाक्टर साहब वहाँ के लोग अब चिढने लगें हैं खास कर बुर्क्नी फन कर समुद्र या स्विमिंग पूल में नहाने से चिढने लगे हैं पहले हिजाब न करना अब अचानक हिजाब देख कर अजीब लगता है


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