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योगी जी के राज में सुरक्षित महिलायें पार्ट -1

Posted On: 25 Apr, 2017 में

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महिला सुरक्षा उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा प्रश्न रहा है | महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे थे लेकिन पुलिस अपराधी के खिलाफ एफआईआर लिखने अपराधी को पकड़ने से बचती थी कहीं वह सत्तारूढ़ दल से सम्बन्धित न हो ?योगी जी ने शपथ ग्रहण के साथ ही इस विषय को प्रमुखता दी उनकी नजर में प्रदेश की आधी आबादी महिलाओं की सुरक्षा प्रमुख थी उनका रुख को देख कर उत्तर प्रदेश पुलिस भी नींद से जागी |

स्कूल की छुट्टी होते ही लडकियाँ जैसे ही स्कूल के गेट से निकलती झुण्ड के झुण्ड किशोर इक्कठे हो जाते हैं यही नहीं हर उम्र के लोगों की आँखें सड़क पर लग जाती हैं लड़के और भी दुस्साहसी हैं वह उस झुण्ड के बीच से निकलने की कोशिश करते मौका मिलते ही लड़कियों को धक्का मारना फब्तियां कसना शायद उनके हिसाब से उनका  अधिकार हैं| लडकियों पर जुबानी हक जमाना आम बात हैं |कई लड़के ऐसा लगता है सीधे आईसीयू से उठ कर आ रहे हैं सूखे पेट और पीठ चिपकी हुई हुई शरीर का वजन ? संतुलन बनाना मुश्किल हैरानी होती है कभी-कभी मुहं से निकल जाता है पहले कुछ खा ले फिर लड़कियाँ छेड़ने का दुस्साहस करना |बेचारी लड़कियाँ अपने घर जा कर कह भी नहीं सकती उन्हें भी रहता है माता पिता पढ़ने भेजने से डरने लगेंगे पढ़ाई छूट जायेगी |

पब्लिक स्कूल के बाहर कई लडके और अधेड़ गाड़ी लेकर हार्न बजाते खड़े दिखाई देते हैं उनकी नजर कम उम्र की बच्चियों पर रहती है उन पर शर्म आती थी |माता पिता अधिकतर अपने बच्चों ख़ास कर लड़की को स्वयं लेने आते हैं किसी वजह से देर हो जाये लड़की की हालत खराब हो जाती है |कालेज जाने वाली, काम काजी महिलायें या बाजार में खरीददारी करने आई लड़कियाँ भी पीड़ित रहती थीं हिजाब में महिलाओं पर भी फब्तियां कसने से बाज नहीं आते फब्तियाँ भी ऐसी मोहतरमा कितनी बहार देख चुकी हो मजबूर महिला क्या करे| जोगी जी के आने के बाद पुलिस के एंटी रोमियो दस्ते महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूक हो गये हैं इस कदम से महिलायें बहुत खुश हैं योगी जी को धन्यवाद देती है महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानूनों की कमी नहीं है जरूरत हैं सरकार और पुलिस की इच्छा शक्ति की|

एक नया रोग नोजवानों में बढ़ रहा है इक तरफा प्यार किसी भी लड़की की चाहत में पागल हो जाना उसे पाने के किसी भी हद तक जाना लड़की के इंकार पर उसका पीछा करना करना धमकाना  दुश्मनी में उस पर एसिड डाल कर जीवन नष्ट कर देना , वहशियाना हरकत करना घर में घुस कर लड़की उसके परिवार पर हमला करना चाकुओं से गोद देना ऐसे सरफिरे  आशिक भय का ऐसा माहौल पैदा कर देते हैं लड़की की हालत खराब हो जाती है मौत मांगने लगती पढाई लिखाई घर से बाहर निकलना छूट जाता है पुलिस में शिकायत का भी कोई लाभ नहीं होता पुलिस भी केवल आश्वासन ही दे सकती है ऐसे आशिक की गतिविधियों पर कैसे रोक लगे ?माता पिता अपने आपको असमर्थ पाते हैं ?बेटी के जन्म को कोसने लगते हैं |बेटी सभी को प्यारी और दुलारी होती है लेकिन घर से बाहर जाती है  माता पिता परेशान रहते हैं उसे इतनी हिदायतें देते हैं लड़की की आत्म विश्वास ही खत्म हो जाता है | जब तक बेटी घर नहीं पहुंचती सांसे अटकी रहती है |

पुलिस की सख्ती और जागरूकता पर महिलायें उनके सगे संबंधी बहुत खुश और संतुष्ट हैं बेटी और अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं| सार्वजनिक स्थलों पर महिलायों को परेशान करने वाले गायब हैं काम के स्थानों से कई बार देर से छुटी मिलती है ओवर टाईम भी करना है भय नहीं रहा | स्कूल जाने आने वाली लडकियों का पीछा करने उन्हें घर तक पहुँचाने वाले अपनी पढ़ाई या काम धंधें में ध्यान लगाने लगे |सही प्रशासन का महत्व पूर्ण कार्य नागरिकों ख़ास कर महिलाओं की सुरक्षा दंड विधान की सख्ती हैं |

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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
April 26, 2017

आदरणीया शोभा भारद्वाज जी ! मंच पर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाने के लिए बहुत बहुत अभिनन्दन और हार्दिक बधाई ! आपने आज की उस समस्या पर चर्चा की है, जिसका सरोकार हर घर से है ! अच्छी बात है कि योगीजी महिला सुरक्षा की तरफ विशेष ध्यान दे रहे हैं ! शायद लेख के दुसरे भाग में इसी की चर्चा आप करेंगी ! आपकी इस बात से पूर्णतः सहमत हूँ कि “सही प्रशासन का महत्व पूर्ण कार्य नागरिकों ख़ास कर महिलाओं की सुरक्षा दंड विधान की सख्ती हैं !” सादर आभार !

Shobha के द्वारा
April 27, 2017

श्री आदरणीय सद्गुरु जी आजकल महिलाएं लडकियाँ अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हैं योगी जी ने सुरक्षा को मुख्य रूप से लिया दूसरे भाग में मेने जो देखा या जाना है लिखा है दिल्ली में कई बार ऐसा लगता है दुनिया कहाँ पहुंच गयी देर रात तक गाड़ियों में जवान घर लोटते हैं माँ उदास बैठी दिखाई देती है

drAKBhardwaj के द्वारा
May 1, 2017

 सही है महिलाएं पहले यूपी में सफर करने के लिए किसी बड़े को लेजाना चाहती थीं अब तो योगी राज में सुरक्षित हैं आराम से सफर करती हैं ऑ

अनिल भागी के द्वारा
May 1, 2017

 शोभा दी सही लेख योगी जी के राज में पुलिस भी सतर्क है महिलाएं आराम से घरों से निकलती हैं लडकियाँ छात्राएं कम्पीटीशन की तैयारी कर रहीं हैं स्वयम पढने जा रही हैं हम माता पिता यही चाहते थे

Shobha के द्वारा
May 2, 2017

श्री डॉ साहब जिस समाज में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं उसका उत्थान कैसे हो सकता है लेख पढने के लिए धन्यवाद

Shobha के द्वारा
May 2, 2017

श्री अनिल जी जब ऊपर से सख्ती होती है पुलिस अपनी ड्यूटी सही ढंग से बजाती है जब उन्हें खा जाता है क्राईम रेट नहीं बताना वह व्ही करती है लेख पढने के लिए धन्यवाद

drAKBhardwaj के द्वारा
May 8, 2017

महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाये गए कदम का लाभ दिखने लगा है महिलाये अपने को सुरक्षित महसूस करती हैं सही लिखा


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