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कांग्रेसी ही कांग्रेस की जड़ों को काट रहे हैं

Posted On: 30 May, 2017 में

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कांग्रेस का आजादी से पूर्व और बाद का भी गौरव पूर्ण इतिहास रहा है जवाहर लाल नेहरू, लालबहादुर शास्त्री उनकी सादगी 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना का शौर्य और विजय,  श्रीमती इंदिरा गांधी ,नरसिंहघा राव उदारीकरण की दिशा में देश को ले गये और अर्थशास्त्री के रूप में डॉ मनमोहन सिंह ( प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के कार्य काल को घोटालों का काल कहा जाता है जबकि उनकी अपनी छवि ईमानदार की रही हैं ) प्रथम राष्ट्रपति स्वर्गीय राजेन्द्र बाबू आज के राष्ट्रपति पद को सुशोभित करने वाले प्रणव दा और भी अनेक महान विचारकों ने कांग्रेस को गौरवान्वित किया है | देश ने पाकिस्तान के खिलाफ 1965 और 1970 की जंग लड़ी| इंदिराजी को शीघ्र फैसला लेने, बंगला देश का निर्माण करने जिसकी टीस आज तक पाकिस्तान को याद है और पहला परमाणु विस्फोट जैसे सराहनीय कदम रहे हैं |आजाद भारत में कांग्रेस का चुनाव चिन्ह दो बैलों की जोड़ी था लेकिन कांग्रेस में फूट पड़ने के बाद गाय बछड़ा चिन्ह मिला था इन चुनाव चिन्हों पर मतदाताओं की मोहर लगने पर सत्ता पाई थी|

27 मई शनिवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता रिजिल मुकुल्टी और उनके सहयोगियों नें केरल के कन्नूर में गाय का बछड़ा खुले आम सार्वजनिक स्थान पर काट कर एक हाथ में कटा सिर ले कर अन्य कार्यकर्ताओं में मांस बांटा | इस कृत्य का आयोजक कांग्रेसी था लेकिन उसे बाम पंथियों का भी समर्थन हासिल था| वध स्थल पर भारत का झंडा लगाया गया |घृणित विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा पारित आर्डिनेंस के खिलाफ था जिसमें बड़े मवेशियों की खरीद फरोख्त के नियमों का निर्धारण किया है | केरल में कई क्षेत्रों में बीफ फेस्टिवल आयोजन किया| भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है | यह कैसा विरोध सभी चौंक गये यह सरे आम क्रूरता का  वीडियो भाजपा अध्यक्ष कुम्म्नम राजशेखर ने ट्विटर पर पोस्ट किया| किसका अपमान किया ?केंद्र सरकार का या हिन्दू जन मानस और संस्कृति का कैसी राजनीति ? राजनीति का स्तर कितना गिर गया है|

इस कृत्य को अंजाम देने वालों पर केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है यह पशु बली से सम्बंधित धारा है जिसमें साधारण सजा ,एक वर्ष की कैद या 5000 रुपया जुर्माना ,कभी – कभी दोनों हो सकते हैं |पहले कांग्रेस ने रिजिल मुकुल्टी को कांग्रसी मानने से इनकार कर दिया बाद में राहुल गाँधी के साथ उसका चित्र सोशल मीडिया पर देखा वह कांग्रेसी है, कांग्रेस की सीट पर चुनाव लड़ चुका है |कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने तुरंत ट्विटर पर विरोध जता कर इसे बर्बरतापूर्ण कृत्य बताया |कांग्रेस प्रवक्ताओं ने भी ऐसे किसी भी कृत्य का समर्थन करने से इंकार कर दिया लेकिन साथ ही कई कुतर्क दिये |

आजकल अचानक ऐसे नेताओं की बाढ़ आ गयी जो काम या विकास के स्थान पर हथकंडों की राजनीति अपनाने लगे हैं, उद्देश्य केवल सस्ती पब्लिसिटी है | कांग्रेस संकट काल से गुजर रही है कुशल नेतृत्व का अभाव है कांग्रेस की इमेज को खराब करने में इन छुट भैया नेताओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी यदि यही हाल रहा समाज का एक वर्ग संवेदन शील है कांग्रेस से अलग हट जाएगा |आज भी इतिहास से उदाहरण दिया जाता है बाबर ने भारत पर हमला किया वह समझ गया था यदि भारत पर लम्बे समय तक राज करना है यहाँ की आस्था का ध्यान रखना पड़ेगा अत: अपने बेटे बादशाह हुमायू को गोकुशी पर रोक लगाने की हिदायत दी थी |बहादुरशाह जफर अंतिम मुगल बादशाह ने आपसी सौहार्द बढ़ाने के लिए गाय के संरक्षण पर जोर देते थे | समाज के अल्प संख्यक वर्ग के लिए आम धारणा बना ली है गोवंश के वध का समर्थन करो वह साथ आ जायेंगे यदि प्रदर्शन मुस्लिम मतदाओं और क्रिश्चन समाज को अपने अपनी और आकृष्ट करने उन्हें अपने वोट बैंक के रूप में संगठित करने के लिए किया गया था आश्चर्य होता है | कैसी गलत सोच है ?कभी मुस्लिम समाज नें अपने को गाय वध के साथ जोड़ कर प्रदर्शन नहीं  किया | कई मौलाना व् मुस्लिम नेता खुले मन से गाय के बध को दंडनीय अपराध की संज्ञा देने के पक्ष में सख्त कानून बनाने की वकालत करते हैं|  वोट बैंक की कवायद में गाय कहाँ से आ गयी लोग जानते हैं गाय में हिन्दू समाज की आस्था है वह गाय को माता का सम्बोधन देते हैं माँ के दूध के बाद बच्चे के लिए गाय का दूध पौष्टिक और स्वास्थ्य वर्धक है बैल वर्षों से खेत जोतने के काम आते रहे हैं | पेट्रोल डीजल से चलने वाली गाड़ियाँ हैं फिर भी गाँवों में बैलगाड़ियों का चलन है |

आज की जेनरेशन का व्यवहार आश्चर्यजनक है आईआईटी जैसे संस्थान में बीफ पार्टी की राजनीति? जबकि यहाँ छात्र पढ़ने और अपने उज्ज्वल कैरियर के लिए आते हैं | अब एक ऐसा तबका है आगे बढ़ कर बीफ खाने की पैरवी कर रहा है इसलिए नहीं उन्हें गाय के मांस में स्वाद आता है बल्कि अपने आप को मार्डन, सैक्यूलर, प्रगतिवादी सोच वाला दर्शा सकें उन पर पाश्चात्य दर्शन इतना हावी हो चुका है अपने को बीफ का शौकीन कहना या ‘मैने बीफ खाया है’ फैशन बन गया है विवाद के लिए विवाद करना क्या उचित है ? क्या धर्म निरपेक्षता का अर्थ अपने धर्म के लिए जागरूक रहें बहुसंख्यक की भावनाओं के प्रति उदासीन ? बचपन में सबने दूध पीया है अब उन्हें दूध के नाम पर उलटी आती है हाँ बियर पीना आधुनिकता की निशानी मानते हैं| बहुत से प्रवासी भारतीय विदेशों में रहते हैं लेकिन गाय के मांस से परहेज करते हैं यहाँ तक होटल या रेस्टोरेंट में ख़ास कर मुर्गा या वेजिटेरियन दहीं के साथ चावल खाना पसंद करते हैं क्योकि वह जानते हैं विदेशों या खास कर इस्लामिक देशों में मांस ,बस मांस  है किसका? इससे मतलब नहीं हैं |

गाय काटना निंदनीय माना जाता है चोरी छिपे काटी जाती हैं इसलिए   माँस सस्ता बिकता है इसकी आड़ में मरनासन्न, सूखी बीमार गायें अवैध ढंग से काट कर चोरी छिपे गौ मांस बेचा जाता है गरीब तबका खरीद लेता है ऐसा गोश्त बिमारी का घर होता है| जलाकट्टू फेस्टिबल का विरोध करने वाले, पशुओं की रक्षा का दम भरने वाले सार्वजनिक स्थान पर बछड़ा काटने का विरोध करने नही आये हैरानी  है | बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी ने विषय को कम्यूनल रंग देने की कोशिश की उनके अनुसार रमजान के पवित्र माह चल रहे मुस्लिम को मांस न मिले इस लिए कानून लाया गया है मुस्लिम रमजान माह में सुबह दूध और दहीं का सेवन भी करते हैं | भारत की अधिकाँश जनता गाय को माता कहती है| पितरों के नाम पर  कनागत के दिनों में ब्राह्मणों को भोजन कराते हैं सबसे पहले गाय के लिए खीर पूरी निकाली जाती है | भोजन से पहले गऊ ग्रास रखने का आज भी प्रचलन हैं| मदर देरी में गाय के दूध की सेल बढती जा रही है |

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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
May 31, 2017

आदरणीया शोभा भारद्वाज जी ! सादर अभिनन्दन ! बहुत सुन्दर, सामयिक और सार्थक ब्लॉग आपने प्रस्तुत किया है ! इसके लिये हार्दिक बधाई ! गाय के सांस्कृतिक और भौतिक महत्व के हर पहलू की आपने चर्चा की है ! आपने सही कहा है कि कांग्रेस के नेता सस्ती पब्लिसिटी के लिये केरल मे पाप किये ! लेकिन इसका दुष्परिणाम आने वाले समय मे कांग्रेस देशभर मे भुगतेगी ! अच्छी प्रस्तुति हेतु सादर आभार !

rameshagarwal के द्वारा
June 1, 2017

जय श्री राम आदरणीय शोभा जी बहुत सुन्दर विवेकात्मक लेख लिखने के लिए बधाई .आज कल मुद्दा बहीं राजनीती हो गयी केवल मोदी हटाओ मुद्दा रह गया.केरला में कांग्रेस ने जो किया शर्मनाक है इससे बहुत नुक्सान हो गया.कुर्सी के लालच में कुछ भी करने को तैयार है.इसके पहले मणि शंकर ैय्यार और सलमान खुर्शीद पाकिस्तान के नवाब शरीफ से मोदीजी को हारने की मदद मांगते दिखाई दिखे थे इन सबके पीछे सोनिआ गाँधी का हाथ है.लेकिन जनता ऐसा सबक सिखाएगी नानी तक याद आ जाएगी.

Shobha के द्वारा
June 2, 2017

श्री आदरणीय सद्गुरु जी मुझे अफ़सोस है कांग्रेस जैसा दल आज अपने अस्तित्व को बचाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है आपको लेख पसंद आया अतिशय धन्यवाद

Shobha के द्वारा
June 2, 2017

श्री रमेश जी अब आपकी तबियत ठीक हो गयी बहुत ख़ुशी हुई कांग्रेस को न जाने क्या हुआ सस्ते हथकंडे अपना रही है सहारा भी बछड़े का लिया दुखद

Shobha के द्वारा
June 2, 2017

श्री डॉ कुमारेन्द्र जी अतिशय धन्यवाद

Anil के द्वारा
June 6, 2017

प्रिय दी हमारे घर में गाय पालने का चलन है गायका दूध बहुत गुणकारी होता है समझ ही नहीं आता खाने के लिए कई जानवर है गाय खाने की जिद क्यों है ?

Shobha के द्वारा
June 7, 2017

प्रिय अनिल जी आपके घर में गे पालने का चलन है आप गाय के दूध के महत्व को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं


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