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हमारी सेना देश का गौरव है उन पर टिप्पणी करना क्या अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता है

Posted On: 5 Jul, 2017 Junction Forum में

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भारतीय सेना विश्व की शक्तिशाली सेना में गिनी जाती है छब्बीस जनवरी के अवसर पर राजपथ पर तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति को अपने बैंड के साथ परेड करती सेना का सैल्यूट, हथियारों का प्रदर्शन अबकी बार इजराईल से खरीदे गये ड्रोन भी शामिल होंगे , बायुसेना के जाबांजों की रोमांचकारी उड़ाने, विकास की झांकियां जन समाज में जोश बढ़ाती है| सेना का हौसला सदैव बुलंद रहा है वह कई मोर्चों पर संघर्ष करती है |हमले की स्थिति में जबाबी हमला करती है |पाक सेना गोलाबारी की आड़ में जम्मू कश्मीर में निरंतर आतंकवादियों की खेप भेजती  रहती है| सीमावर्ती क्षेत्रों के बाशिंदे जानते हैं कभी भी गोलाबारी शुरू हो जाती है जिसकी जद में सिविलियन आ जाते हैं ,केवल आतंकी ही नहीं घुसते उनके साथ पाकिस्तानी सेना के बर्बर हाथ में बंधा कैमरा मौका पड़ने पर चाक़ू उस्तरों से लेस सैनिकों की बेहुरमती करने के लिए आतुर रहते हैं जिससे अपने देश के आतंकीजेहादियों का मौरल बढ़ा सकें |सेना पर समुद्र और थल को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है | सियाचिन ग्लेशियर यहाँ का ताप मान शून्य से कई डिग्री कम रहता है जेसलमेर में पचास डिग्री के लगभग सर्द और गर्म मौसम में भी सैनिक हर समय मुस्तैद रहते हैं |सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में सड़क निर्माण को लेकर चीन से तनाव ,चीन अपनी हरकतों से कभी बाज नहीं आता कभी भी सीमा का उलंघन करता रहता है|

जब बंगला देश नहीं बना था 1971 तक पूर्वी पाकिस्तान और भारत के बार्डर पर चौकसी रखनी पडती थी अब इस सीमा पर तस्करों से सावधान रहना हैं | लगातार हमारे जाँबाज सुरक्षा बल सीमा पर गश्त करते हैं , पाकिस्तान द्वारा भेजे आतंकवादियों से ही नहीं कश्मीर के भीतर छिपे आतंकियों से लड़ती है आतंकियों से झड़प के समय पत्थर बाज जिनमें अब पढ़ने वाली लडकियाँ भी शामिल की जा रही हैं ऐसी उग्र भीड़ को सम्भालना ,सैनिकों के मौरल का अनुमान लगाईये बच्चे और किशोर उन्हें घेर कर पत्थर मार रहे हैं यदि वह प्रतिकार करते हैं उनके खिलाफ राजनीतिक पार्टियाँ और बुद्धिजीवी नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं |देश के भीतर आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान तत्पर रहता है | अपने भीतर के नेता प्रलाप करने वाले अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर भारतीय संविधान का हवाला देकर जम कर बोलते हैं| आजकल सेना पर टिप्पणी करना या नेतागिरी चमकाने का साधन बन गया है |ऐसे ब्यान जो देश द्रोह की क्षेणी में आते हैं उन बेझिक ब्यानों पर मीडिया और चैनल बहस करा कर इसे टीआरपी बढाने का साधन मानते है राजनीति, नेतागिरी की चाह और मीडिया के कैमरों का मोह बढ़ता जा रहा है |

अकबरुद्दीन ओबेसी ने विधायिका अर्थात संसद पर ही जोर शोर से टिप्पणी कर दी जबकि उनके स्वर्गीय पिता सांसद रहे हैं अब उनके भाई सांसद हैं | आजम खान सपा के वोट बैंक का मुस्लिम चेहरा उत्तर प्रदेश के मंत्री अटपटे ब्यान देने के लिए प्रसिद्ध है काफी समय से निजाम बदल जाने के बाद परेशान थे लोग उन्हें भूल न जायें मीडिया की नजरों में आने के लिए उसने कहा महिला आतंकवादी सुरक्षा बल के प्राइवेट पार्ट्स काटकर साथ ले गए। उन्हें न हाथ से शिकायत न सिर से न पैर से नहीं थी। जिस्म के जिस हिस्से से उन्हें शिकायत थी, वे उसे काटकर ले गए। उनके अनुसार ऐसा संदेश दे गये यह जिस पर पूरे हिंदुस्तान को शर्मिदा होना चाहिए और सोचना चाहिए कि हम दुनिया को क्या मुंह दिखाएंगे? शर्मिंदा तो देश आजम खान और उनकी नेतागिरी के स्तर पर है आगे हजूर ने फरमाया सुरक्षा दलों के साथ जो हो रहा है इससे हिंदुस्तान की असल जिंदगी से पर्दा उठता है। पाकिस्तान के समाचार पत्रों में आजम खान ने खूब सुर्खियाँ बटोरी आजम खान का सौभाग्य है वह भारत में रहते हैं यदि विभाजन के बाद पाकिस्तान गये होते सेना पर ऐसी टिप्पणी करने की जुर्रत की होती उनका क्या हश्र होता? अखबार में खबर भी नहीं बनते | हालाकि सपा ने उनके ब्यान से किनारा कर लिया |इससे पहले भी उन्होंने करगिल में जवानों की शहादत को मजहब से तोला था तब भी उनका विरोध हुआ था |अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देशद्रोह |

जेएनयू प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में जय हिन्द या बंदे मातरम के जय घोष के स्थान पर देश के टुकड़े करने तक जंग जारी रखने और आजादी-आजादी के नारे लगाये जाते हैं आजाद भारत में किससे आजादी चाहिए| छात्र संघ के प्रेसिडेंट कन्हैया का हौसला इतना बढ़ गया महिला दिवस के अवसर पर सीमा पर जम्मू कश्मीर की सुरक्षा में लगे सैनिकों पर टिप्पणी करते हुये कहा तुम कितना कोशिश करो हम ह्यूमन राईट के वायलेशन पर बोलेंगे कश्मीर में सुरक्षा बल द्वारा महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं यहाँ तक वह सुरक्षा सेनाओं को रेपिस्ट बताने लगा | आक्षेप लगाना क्या यह भी अभिव्क्ति की स्वतन्त्रता में आता है? सस्ती लोकप्रियता कहाँ से कहाँ पहुंच गयी है | अब जब कन्हैया पर टीआरपी नहीं आ रही मीडिया से कन्हैया गायब हो गया | क्या हमारी सेना को इन नये छुट भैया नेता का सर्टिफिकेट चाहिए? विश्व में भारतीय सैनिक संयुक्त राष्ट्र की कमान में कई अफ्रीकी देशों में शांति रक्षा में लगे हुए हैं हमारी शान्ति सेना का सम्मान होता है उन पर कभी ऊँगली नहीं उठायी गयी सैनिक भी इससे ख़ुश रहते हैं क्योंकि उन्हें डॉलर में अच्छी तनख़्वाह मिलती है

पार्थ चटर्जी ने हमारे जरनल की तुलना जलियावाला बाग़ में गोली चलाने वाले जरनल डायर से कर दी जबकि वह इतिहास कार हैं विरोध हुआ लेकिन वह अपने वक्तव्य पर अड़े रहे उनका खुल कर समर्थन करने वालों में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी और त्रिन मूल कांग्रेस जैसे राजनीतिक दल भी आगे आये | माकपा नेता मोहम्मद सलीम सेनाध्यक्ष के विरोध में बोलते हुए तब निशाने पर आ गए जब उन्होंने कहा कि अगर भारतीय सेना प्रमुख मानव ढाल के इस्तेमाल को इनोवेटिव करार देते हैं, तो ‘उनकी क्षमता तथा भारतीय समाज की समझ और नए तरीके की उनकी परिभाषा पर सवाल उठता है अटपटा वक्तव्य शर्मनाक ब्यान, बंगाल में कम्यूनिस्ट हार चुके हैं अस्तित्व बचाने के लिए कैसी टिप्पणी ?

हमारे सेनाध्यक्ष ने मेजर गोगई के साहसिक फैसले की सराहना की थी उन्होंने पोलिंग स्टेशन पर घिरे सरकारी कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की रक्षा के लिए पत्थर बाजों के रिंग लीडर को जीप पर बिठा कर सबको सुरक्षित निकाल लाये जिस पर एक दिल्ली के पूर्व सांसद चुनाव हार चुके हैं संदीप दीक्षित ने अपने ब्यान में कहा पाकिस्तान जब अजीबोगरीब ब्यान देता है बुरा लगता है लेकिन हमारे थल सेनाध्यक्ष सड़क के गुंडे की तरह ब्यान क्यों देते हैं हमारा देश दुनिया के देशों में आदर्श देश है निर्दोषों की जान बचाने वाले की प्रशंसा की भी निंदा | श्री दीक्षित भूल गये वह थल सेनाध्यक्ष पर टिप्पणी कर रहे हैं | ब्यान की निंदा होने पर ब्यान वापिस ले लिया |

हमारी सेनाओं ने मयन्मार में घुस कर विद्रोहियों को मारा था| भारत द्वारा पकिस्तान के आतंकियों के कैम्पों पर सर्जिकल स्ट्राईक पर विश्व के किसी भी देश ने ऊँगली नहीं उठायी लेकिन हमारे देश के नेता, दिल्ली के मुख्यमंत्री जी ने तो नरेंद्र मोदी जी को सलाह दे दी वह जनता को फ्रूफ दिखा दें ऐसे वक्तव्य पर केजरीवाल की लोकप्रियता कम से कमतर होती गयी |कांग्रेस के संजय निरूपण को सब कुछ झूठ नजर आया| क्यों नहीं एक मत से संसद में कानून बना कर सेना पर की जाने वाली भद्दी टिप्पणियों को  देशद्रोह की श्रेणी में रख कर दंड का विधान हो |

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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
July 7, 2017

शोभा जी सामयिक व सटीक लेख लिखा है आपने । वाकई इधर कुछ समय से देश मे कुछ लोग सेना के लिए अनाप शनाप कहने लगेगी हैं जो बेहद दुखद है । सरकार को ऐसे लोगों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए ।

Shobha के द्वारा
July 8, 2017

श्री डॉ कुमारेन्द्र ही सादर धन्यवाद

Shobha के द्वारा
July 11, 2017

श्री बिष्ट जी लेख पढने के लिए अति धन्यवाद बहुत दुःख होता है जब सेना के लिए अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के अधिकार याद आते हैं

yamunapathak के द्वारा
July 11, 2017

आदरणीया शोभाजी सादर नमस्कार आज बहुत दिनों के बाद मेरा लैप टॉप ठीक हो कर आया .आपके इस ब्लॉग को पढ़ा .आपने हर बार की तरह बहुत ही बेबाकी से तथ्यों को रखा है जो मुझे सदा पसंद आता रहा है . आपका बहुत बहुत आभार

Anil bhagi के द्वारा
July 12, 2017

प्रिय शोभा दी मैं डोगरा सेंटर मेरठ मैं पढ़ता था स्कूल डोगरा रेजिमेंट मैं स्थित सदैव सेना का सम्मान मेरे दिल मैं रहा है हम बच्चे थे डोगरा रेजिमेंट १९७१ को लड़ाई में जाते देखा है हम बच्चे नारे लगा रहे थे रेजिमेंट के बच्चे हमारे साथ पढ़ते थे पता नहीं था किसके पापा वापिस आयेंगे वह भी नारे लगा रहे थे दुःख होता है आर्मी वालों पर कमेन्ट करने वाले हमारे नेता हैं


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