Vichar Manthan

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Shobha


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योगी जी के राज में सुरक्षित महिलायें पार्ट -1

Posted On: 25 Apr, 2017  
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में

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सुरक्षा बलों की सहनशीलता

Posted On: 17 Apr, 2017  
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जंजीरें contest

Posted On: 1 Apr, 2017  
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ब्राह्मण समाज के अंदर आपसी ऊंच नीच क्यों ? contest

Posted On: 27 Mar, 2017  
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Social Issues में

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सीपी में सागर भर लाऊँ contest

Posted On: 26 Mar, 2017  
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इस्लाम जगत की महिलायें जागरण जंगशन

Posted On: 25 Mar, 2017  
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मौसीकी (गायन )पर फतवा, कैसी राजनीति ?

Posted On: 18 Mar, 2017  
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कानपुर के श्री सरताज को नमन

Posted On: 10 Mar, 2017  
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Junction Forum में

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

शोभा जी नमस्कार ! जब पाकिस्तान बना था, साफ़ किया गया था की हिन्दू मुसलमान एक साथ नहीं रह सकते,हिन्दुओं को हिन्दुस्तान और मुसलामानों को पाकिस्तान ! पकिस्तान ने तो करीब करीब सारे हिन्दुओं को निकाल बाहर किया किसी को सीमा पार करा के और हजारों की संख्या में लाश बना कर ! इधर हमारे देशमें संतों की जमात ने यहां के मुसलमानों को यहीं रोक दिया, नतीजा उनमें से कुछ घर का भेदी लंका ढावे की तर्ज पर पाकिस्तान को यहाँ की गुप्त सूचनाएं देते हैं जो आतंकवादियों का मार्ग दर्शन करते हैं ! हाँ यह भी सच्चाई है की अब आतंकवाद जिनको पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ तैयार किया था, उन्हीं की गले की हड्डी बन गयी है ! जनता से जुड़ने का आपका प्रयास सराहनीय है !

के द्वारा: harirawat harirawat

शोभा जी मैंने आपका लेख पढ़ा, आपने हर तथ्य को ऐसे उजागर किया जैसे आप हरघटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे हों ! हर जानकारी में सचाई है ! सबसे बड़ी गलती बंटवारा था, अगर बंटवारा होही गया था, तो पाकिस्तान से काट काट का शव गाडी से भारत भेजे जा रहे थे, इधर गांधीजी किसी भी मुसलमान को पाकिस्तान नहीं भेजना चाहते थे, "अहिंसा प्रमाणधर्मा" ! जब पाकिस्तान मुसलमानों के लिए और हिन्दुस्तान हिन्दुओं के लिए बंटवारा किया था तो सभी मुसलमान पाकिस्तान जाने चाहिए थे, काश्मीर में १९४८ में भारतीय फ़ौज जीत के कगार पर थी, लेकिन नेहरू जी ने जबरन बीच में ही सीज फायर करवा दिया, साथ ही सेना की संख्या भी कम करदी, यह कहकर की "हम शांति पसंद हैं, हमारकोई शत्रु नहीं है, पुराने हथियार जंक लगे बची हुई सेना के पास थे, चीन ने हिन्दुस्तान की इसी कमजोरी का लाभ उठाया और जो हुआ वह पूरे भारत को पता है !

के द्वारा: harirawat harirawat

क्या शठ के साथ शठ जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिये? यही कूटनीति है। शठं शाठ्यम समाचरेत, पुरानी कहावत है. मोदी जी की दूरदर्शिता और कूटनीति बहुत हद तक सही है पर पाकिस्तान चीन हमारे लिए सरदर्द बने हुए हैं. कोई भी देश युद्ध नहीं चाहता पर विकास के लिए वाह्य खतरा से मुक्ति भी चाहिए. आजकल जागरण जंक्शन पर लेख तो बहुत लिखे जा रहे हैं पर शायद पढ़े नहीं जा रहे. पढ़े भी जा रहे तो प्रतिक्रिया नहीं आ रही. आपके बेस्ट ब्लॉग पर भी शून्य प्रतिक्रिया है. मेरा भी पिछले आलेख बेस्ट ब्लॉग ऑफ़ थे वीक बना था पर पर प्रतिक्रिया न्यूनतम थी. पहले जयसा वातावरण नहीं रह. इसके क्या कारण हैं हमसबको मन करने की आवश्यकता है. अब तो जागरण जंक्शन आलेखों में सुधर भी कर अपना शीर्षक और वंचित चित्र भी इन्सर्ट करने लगा है. सादर आपको बेस्ट ब्लॉगर के सम्मान की बधाई और शुभकानाएं! मैं भी काम समय दे पाता हूँ. कोशिश करूंगा की ज्यादा समय दे पाऊं. यह प्रतिक्रिया उस ब्लॉग पर नहीं जा रही थी अब यहाँ प्रयास कर रहा हों.

के द्वारा: jlsingh jlsingh

आतंकी जंगलों में भाग रहे हैं। जब सेना के साथ उनकी मुठभेड़ होती है, उनकी मदद के लिए पत्थरबाज भी मुश्किल से आ पाते हैं। भारत ने कश्मीर में पिछले कुछ हफ़्तों में जो कार्रवाई की है, वहां बहुत से चरमपंथियों को मार गिराया गया। हालात नियन्त्रण में हैं। इससे पाकिस्तान काफ़ी हद तक घबराया हुआ है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के भाषण का कोई अर्थ नहीं है। वहाँ अभी अंतरिम सरकार है। चुनाव द्वारा किसकी सरकार बनती है, देखना है, लेकिन पाकिस्तान का प्रलाप ऐसे ही चलेगा। सुषमा जी ने अच्छी नसीहत दी है पकिस्तान को ..अगर फिर भी न समझे तो अपनी गति को प्राप्त होगा. आदरणीया आपको ज़ी टीवी पर डिबेट में देखकर बहुत खुशी हुई. आपका अभिननंदन!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा:

इजरायल में येरूस्ल्म एक ऐसा शहर है जिसका इतिहास यहूदियों ,ईसाईयों और मुस्लिमों के विवाद का केंद्र है| यहाँ किंग डेविड के टेम्पल की एक दीवार है यहूदियों का विश्वास यहाँ पहली बार एक शिला की नीव रखी गयी थी यहाँ से दुनिया का निर्माण हुआ था और अब्राहम ने अपने बेटे इसाक की यहीं कुर्बानी दी थी यहूदियों के हिस्से में बस एक दीवार बची है यहाँ कभी एक पवित्र मन्दिर था किंग डेविड का टेंपल जिसे रोमन आक्रमण कारियों ने नष्ट कर दिया बची पश्चिमी दीवार उस टेम्पल की निशानी है यह दीवार होली आफ होलीज के सबसे करीब हैं | लाखो तीर्थ यात्री दीवार के पास खड़े होकर रोते और इबादत करते दिखाई देते हैं | इसाईयों का विश्वास है यहाँ ईसा को सूली पर चढ़ाया गया था इस स्थान को गोल गोथा भी कहते हैं यहाँ ईसा ने पुन: जन्म लेकर सरमन दिये थे |ईसाई समाज यहाँ के लिए बहुत संवेदन शील है| मुस्लिम समाज भी इस स्थान के लिए बहुत संवेदन शील है यहाँ डोम आफ रॉक और मस्जिद अक्सा है यह इस्लाम धर्म की तीसरी पवित्र मस्जिद है मुस्लिम समाज का विश्वास है यहाँ पैगम्बर मुहम्मद मक्का से आये थे अपने समकालीन अन्य धर्मों के पैगम्बरों से मिले थे यहाँ एक आधार शिला रखी गयी है मान्यता है यहीं से पैगम्बर मुहम्मद स्वर्ग जा कर वापिस आये थे| मुस्लिम समाज रमजान के हर जुमे को इकठ्ठे होकर नमाज पढ़ते हैं | आदरणीया डॉ. शोभा जी, आपके पास ज्ञान का सागर है. विश्व का इतिहास आपको कंठस्थ है. मोदी जी जहँ भी जाते हैं मीडिया में वहां के बारे में काफी जानकारी आ जाती है. फिर भी आपने बहुत कुछ अलग लिखा है जिसे मैंने यहाँ उद्धृत किया है. आज के इजरायल को देखें तो तकनीक के मामले में जापान से भी आगे लगते हैं. सामरिक सामन बनाने में, सुष्मन से स्वयंको रक्षा करने में उनके आगे कोई नहीं है. आप लिखती रहें. मैं समयानुसार आपके आलेखों को पढता रहूंगा. सादर!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

शोभा जी नमस्कार ! प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या जरूरत है, रामचंद्र भगवान् त्रेता युग के हिन्दुओं की आस्था हैं विश्वास हैं ! धार्मिक ग्रंथ रामायण के नायक हैं ! फिर बाबर तो एक लुटेरा के तौर पर १५२६ ईस्वी में आया था पानीपत के मैदान मेंउसने इब्राहिम लोदी को हराकर यहाँ के मंदिरों को तुड़वाकर मस्जिद बनवा दी और आज के हिन्दुओं में ही धर्मभ्रष्ठ लोगों ने उसे बाबर मस्जिद बना दिया ! मुसलमानों के लिए पाकिस्तान अलग देश बना दिया गया था और हिन्दुस्तान हिन्दुओं के लिए पार्टीशन हुआ था ! पाकिस्तान ने सारे मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनवा दी लेकिन भारत में भगवान् राम की नगरी अयोध्या में मुगलों द्वारा तोड़े गए राम मंदिर को फिर से नहीं बना पाए ! शोभा जी लेख के लिए साधुवाद ! यकीन ही नहीं पूरा भरोषा भी है की अयोध्या में फिर से जल्दी ही भव्य राम मंदिर बनेगा !

के द्वारा: harirawat harirawat

"पाकिस्तान की नापाक हरकतों के विरोध में भारत में बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला जाता है ! उसके बाद और भी बड़ी घटना होती है !" आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी, आपने बिलकुल सही कहा है ! हमारा आक्रोश कुछ ही दिनों में ठंडा हो जाता है ! हम लोगों के अंदर यही तो सबसे बड़ी कमी है ! सत्तासीन नेताओं में भी पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की कोई दृढ इच्छाशक्ति नहीं है ! बेशर्म विपक्षी नेता सरकार की कुछ न कर पाने की विवशता पर मन ही मन खुश होते है और न्यूज चैनलों पर अंडबंड बक केवल मुंहजबानी आक्रोश दिखाते हैं और अपने ही देश की सरकार की छीछालेदर करते हैं ! सादर आभार

के द्वारा:

ये तो जग जाहिर है की पाकिस्तान सदा से दैशत गर्द, बर्बर, आतंकवादियों का जन्म दाता रहा है, निर्दोषों को फंसाकर उन्हें फांसी पर चढ़ाता है, आतंकियों को सीमा पार कराकर निर्दोषों का कत्लेआम करवाता है ! कश्मीरियों को नजर नहीं आरहा है की पाकिस्तानी सैनिक पाक एक्यू पाइड काश्मीर में वहां की आम जनता के साथ कितनी दुर्दांतता और शैतानियत से पेश आते हैं फिर भी हमारे काश्मीर के नव जवान आतंकियों द्वारा गुमराह हुए लोग अपनी ही जान की हिपाजात करने वालों पर पत्थर मारते है ! पाकिस्तान के नारे लगाते हैं ! सैनिकों का सब्र जिस दिन जबाब देगा उस दिन आतंकियों के सरगना सहित सारे दैशतगर्द मिट्टी के नीचे दफ़न दिए जाएंगे ! शोभाजी विस्तृत सकारात्मक लेख के लिए साधुवाद !

के द्वारा: harirawat harirawat

के द्वारा: sinsera sinsera

श्री जवाहर जी आपके लेख का आशय समझ गयी लेकिन अब अधिकतर देशों में प्रजातंत्र है वोट से सत्ता मिलती है वह भी निश्चित वर्षों के लिए अमेरिका में तो चार ही वर्ष हैं महाभियोग से राजा हटाया जा सकता है भारत में संसद में प्रस्ताव पास कर सरकार अल्प मत में आ जाती है आप कहेंगे बहुमत हैं लेकिन देश के संविधान के अनुसार काम होता है सुप्रीम न्यायालय का अधिकार क्षेत्र है सत्ता मिल जाती है परन्तु एक दायरे में रहना पड़ता है रहा सवाल महिलाओं का आपने अबकी बार चुनाव रिजल्ट देखा इसके पीछे महिलाओं का ऐसा वर्ग है जिसे तीन शब्दों के बाद घर से निकाल दिया जाता है नकाब की ओट में जुबान ने कुछ नहीं कहा परन्तु उनकी उंगलिया बोलीं जिस दिन ओरतें अपना अधिकार समझ कर वोट बैंक बन गयीं सुरेन्द्र शर्मा जी की कविता उलटी पड़ जायेगी द्रोपदी दावं पर जरुर लगी थी परन्तु कोरव कुल खत्म हो गया भीष्म पितामह को अर्जुन के तीखे बानों ने मरने भी नहीं दिया था इतिहास हर बात का गवाह है |रावण की दिया बाती करने वाला अपना कोइ नहीं था श्री राम राम लला खुले में बैठे हैं आंधी बरसात गर्मी झेलते हैं जन्म स्थल पर भी मन्दिर नहीं बन सका सीता धरती में समा गयी लेकिन दुबारा अयोध्या नही गयीं

के द्वारा: Shobha Shobha

प्रिय सरिता जी मैं जागरण की शुक्र गुजार हूँ हमें अपनी बात कहने का अवसर दिया मेरा अपना ख्याल है हमारी जीवन शैली से चिढ़ते थे कमिया निकाल कर दबाने के तरीके ढूंढते थे हम लोगों ने अपनी सन्तान ख़ास कर लडकियों को नई दिशा दी और सपोर्ट किया उन्होंने भी हमें सम्मान और गर्वित होने का मौका दिया बच्चे आज की जेनरेशन हैं मैं छोटे से छोटे बच्चों से खेलती हूँ अपने सुसराल का हर बच्चा मुझे सम्मान देता है इतना स्नेह देते है मैं उनकी हर परेशानी सुनती रही हूँ अम्मा जी चिढ कर कहतीं थीं सब इसके चमचे हैं लगभग हर बुद्धि जीवी महिला का एक ही संघर्ष है |मुझे अपना ब्राह्मण समाज पर लेख लिख कर संतोष मिला अब में विस्तार से लिखूंगी

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: yatindrapandey yatindrapandey

AADARNEEYA SHOBHA JEE saadar नमस्कार आपका यह blog बहुत ही sundar और poree घटना की जानकारी देता है.darasal यह वाक्य की युद्ध ने मार ...बहुत चरमक है युद्ध करता कौन है मानव और वे भूखंड पर ही रहते हैं चाहे वह paakistaan ho yaa bharat ... ."मेरे पिता को युद्ध ने मारा " किसी राष्ट्र विशेष का नाम लिए बिना यह कथन परिपक्व असरदार और स्वीकार्य था .जैसा कि नेपोलियन बोनापार्ट के कथन से झलकता है . "एडमिरल,चाहे तुम हारो या मैं हारूँ...इससे कुछ नहीं होगा ..ना तो ब्रिटैन और ना ही फ्रांस बल्कि अंतमें यह युद्ध ही होगा जो हंस रहा होगा ." मुझे कहीं पढ़ा हुआ एक सशक्त कथन याद आता है "युद्ध और शान्ति मस्तिष्क की उपज हैं ...हम सब मस्तिष्क को आदर्श विचारों से शाषित करें " http://yamunapathak.jagranjunction.com/2017/03/05/%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%A4%E0%A4%95/ saabhaar

के द्वारा: yamunapathak yamunapathak

आदरणीया डॉक्टर शोभा भारद्वाज जी ! सादर अभिनन्दन और हार्दिक बधाई ! अच्छा लिखा है आपने ! मुझे उन लोंगों की सोच और बुद्धि पर तरस आता है जो पूरे देशभर में चिल्ला रहे हैं कि गुरमेहर कौर को बोलने नहीं दिया जा रहा है ! अरे भाई किसने रोका है उन्हें ! जो कुछ भी उनको कहना था उन्होंने फ़ेसबुक पर कहा ! यहाँ तक कहा कि मैं भारतीय विद्यार्थी परिषद् से नहीं डरती ! कौन आपको कह रहा है कि आप AVBP से डरें? इस देश में बहुत से लोग रोज दावा करते हैं कि वो भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नहीं डरते और कुछ भी उन्हें उल्टा सीधा बोलते हैं ! पीएम मोदी जितने सहनशील तो ज्यादातर चुप रहने वाले भूतपूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी नहीं थे ! बोलने की ऐसी आजादी तो कांग्रेज राज में कभी नहीं थी ! सोशल मीडिया पर जो भी मन में आया वो सबकुछ कहके गुरमेहर कौर ने ये साबित कर दिया है कि वो किसी से नहीं डरती है ! पूरा प्रकरण मशहूर होने के लिए की गई ड्रामेबाजी के सिवा और कुछ नहीं है ! आश्चर्य होता है कि अपने बच्चों को कभी खुली छूट नहीं देने वाली नामी गिरामी हस्तियां अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता पर भाषण दे रही हैं ! पहले वो ये बताएं कि वो अपने बीबी-बच्चों को कितनी स्वतन्त्रता दिए हुए हैं? ये सब बड़े लोंगो का दोहरा व्यक्तित्व और दिखावटी पाखण्ड भर है ! सच ही कहा गया है कि हाथी के दांत खाने के और.. और दिखाने के और ! सादर आभार !

के द्वारा:

श्री जवाहर जी मेने 28 अप्रेल 2016 में गुरु मैहर के सोशल मीडिया पर कही बात की हेडिंग ली है उस सन्दर्भ को लेकर भारत पकिस्तान के सम्बन्धों के इतिहास पर प्रकाश डाला है भारत किसी से लड़ाई नहीं चाहता हम पर लड़ाई थोपी जाती है भारत ने पाकिस्तान को कई बार नो वार पैक्ट भेजे शन्ति संदेश भेजे लेकिन पाकिस्तान ने कभी नहीं सुनी पंजाब यदि बचा है तो गुरु गोविन्द सिंह जी की वजह से गुरु मैहर तो अनगिनत बच्चों में से है जिनके पिता देश की रक्षा में लिए शहीद हुए थे आज हम चेन से उन्हीं की वजह से सोते हैं हैरानी होती है जब कालेज के स्टूडेंट वह भी इम्तहान पास हैं उन्हें बरगलाया जा रहा है उनका कैरियर अधर में लटक जाएगा जिन्दगी कैसे बिगडती है बहुत पास से देखा है कितना भी जवान बच्चों को समझाओ किसी के समझ में नहीं आता कोई भी राजनितिक सन्गठन हो स्टूडेंट्स के बीच में राजनीती चमकाने पहुंच जाते हैं और रही धमकियों की बात पूर्व सैनिकों ने बच्ची को सुरक्षा का वचन दिया है सिख कौम मामूली नहीं है | हर सिख की तरक्की का राज रहा है 'पहले मरण कबूल कर जीवन दी छड आस' उन्हें हमारी सहानुभूति की जरूरत नहीं है यह कोई मामूली बच्ची नहीं है आप देखना यह गीदड़ धमकियां हैं जो मेहर को दी जा रही हैं पंजाब मेरा ननिहाल है ऊँगली उठने से पहले ही काट देंगे सभी राजनितिक दल एक से हैं बस फायदा उठाना जानते हैं उन्हें किसी से कोई मतलब नहीं है शहीद की बच्ची तो बहाना है |

के द्वारा: Shobha Shobha

चिड़िया तों मैं बाज लड़ाऊँ,सवा लख से एक लड़ाऊँ, ताँ गोविन्दसिंह नाम कहाऊ” पर एक लड़की की तस्वीर से डर जाऊं ... देश द्रोही तगमा दे जाऊं!... आदरणीया आपने बहुत कुछ लिखा है. लिख भी रही हैं पर पूरा देश, मिलकर एक बच्ची की आवाज को दबाने में लग जाय और दोषियों को सजा न दिल पाए ... कन्हैया भी बेदाग निकल गया.. हीरो और नेता अलग से बन गया.. .. गुरमेहर क्या बनेगी नहीं मालूम. पर सभी तथा कथित देश भक्तों के अंदर खलबली क्यों मच गयी. केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार है. मनमाने फैसले ले रही है. फिर इतना हो हंगामा क्यों? सादर! आदरणीया शोभा जी, आप के अंदर बहुत प्रतिभा है आप जैसी विदुषी महिलाएं मिलकर उस लड़की को समझ सकती थीं. पर उसको मिली धमकी पर एक शब्द नहीं कह रहीं नहीं धमकी देनेवाला अभीतक पकड़ा गया... क्या कहूँ.. ज्यादा कुछ नहीं कहूँगा. पर आप विदुषी हैं तार्किक उत्तर देंगी यही उम्मीद करता हूँ. सादर

के द्वारा: jlsingh jlsingh

मिडिया खबर के एक लेख से " आशुतोष जब आईबीएन -७ के मुख्य संपादक थे तब उन्होंने पुख्ता जानकारी के आधार पर एक ३० मिनट का प्रोग्राम ऑन एयर किया था। इस प्रोग्राम की स्क्रिप्ट भलेही फ़िल्मी लगती हो किन्तु देश की राजनीति में हड़कंप मचाने वाली थी। प्रोग्राम का शीर्षक था ” तमिलनाडु में तख्ता पलट की कोशिश ? जी हां। तख्तापलट। तत्कालीन तमिलनाडु की मुख्यमंत्री स्वर्गीय जयललिता की ख़ास दोस्त शशिकला ने यह कोशिश उनके ख़ास रसोइयो के जरिये की थी। शशिकला ने उनके पुश्तेनी गाव से जयललिता के लिए ख़ास रसोइये मंगवाए थे। रसोइयो को खाने में स्लो – पोइजन कैसे देना है ? कब देना है ? कितनी मात्रा में देना है ? ताकि धीरे धीरे जयललिता का शरीर का एक एक हिस्सा काम करना बंद कर दे ? और उसके बाद तमिलनाडु का कैसा तख्तापलट करना है। इस पर आशुतोष ने एक बेहतर प्रोग्राम किया था। लेकिन जयललिता को जब उसे स्लो – पोइजन देखर मारने की कोशिश की जा रही है ऎसी आशंका आई तब जयललिता ने आनन् पानन शशिकला को बाहर का रास्ता दिखा दिया। तथा उनके द्वारा गाव से लाये गए कभी बावर्ची को हटा दिया गया था। आय से अधिक संपत्ति मामले में जब शशिकला को ४ वर्ष की जेल हुई है। तब आशुतोष ने किया हुआ यह खुलासा याद आया है।

के द्वारा: Shobha Shobha

शोभा जी आजकल की राजनीति और बजट पर विपक्ष विशेष कर राहुल गांधी (जिसको यह भी याद नहीं रहता की आज उसने नास्ता में क्या खाया था तो भला उसे कैसे याद रहेगा की उसने मनमोहनसिंह की सरकार द्वारा पास किया अध्यादेश संसद में फाड़ा था), ममता बनर्जी, लालू (इनके किये दुष्कर्मों की पुस्तक अगर संसद में बाँची जाएगी, ये मुंह छिपाने के लायक भी नहीं रहेंगे) ये ही वो लोग हैं जो अपना काला दाग मिटाने के लिए संसद में अशोभनीय व्यवहार कर रहे हैं ! लेख के लिए धन्यवाद ! उनके कुकर्मों की लिष्ट मैंने जेब में रखी है, जनता से ली गयी है जानकारी खबर पक्की है, जनता भ्रष्ट नेताओं से सयानी है, गंगा कितने पापियों की गन्दगी को समेटती है फिर भी शुद्ध उसका पानी है ! मोदीजी ने विपक्षियों की नींद उड़ा दी है, देश को ऐसे ही नेता की जरूरत है, भ्रष्टाचार मिटाने के लिए उन्होंने नॉट बंदी की है ! हरेन्द्र

के द्वारा: harirawat harirawat

आदरणीया शोभा जी, आपके आलेख परिपूर्ण है और समग्रता का भाव लिए हुए पर आज के सन्दर्भ में महात्मा गाँधी पर कुछ कट्टर पंथियों द्वारा लगातार प्रहार किया जा रहा है. मरे हुए को भी बार-बार मारने की कोशिश की जा रही है. कुछ लोगों ने कहा- गाँधी को मारना आसान है पर गाँधी बनना मुश्किल पर क्या करें - मीन मेख निकलने के हम आदि हो चुके हैं. हम दुसरे के काम या विचार में मीन मेख अवश्य निकालते हैं पर अपनी आलोचना को बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं. देखा जाय कब भारत हिन्दू राष्ट्र बनता है और पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाये की वह सिर न उठा पाए! संयोग से मोदी जी और ट्रम्प की नीति से आगे का रास्ता साफ़ हो! गाँधी को नोटों से हटा सकें ! गाँधी वाद का नाम भी न रहे!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

इस्लामिक विचारक अक्सर तर्क देते हैं हिन्दुओं में तलाक शुदा स्त्रियाँ अधिक हैं वह भूल जाते हैं मुस्लिम औरत के लिए तलाक लेना कितना मुश्किल है इसे ख़ुलअ कहते हैं अगर औरत को लगता है कि वो शादीशुदा जिंदगी की जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर सकती है या मर्द के साथ उसका निबाह नहीं हो सकता है तो वो अलग होने के लिए औरत को मैहर वापस देनी होगी. और उसके बदले मर्द उसे तलाक दे देगा. यहां भी एक पेंच है अगर मर्द राजी नहीं हुआ तो ‘खुलअ’ नहीं हो पाएगा. तो फ़स्ख़-ए-निकाह औरत को इस्लामी अदालत या मुस्लिम काज़ी की मदद लेनी होगी. इस तरीके में औरत को काजी के सामने निकाह तोड़ने की मुनासिब वजहें साबित करने होगी. जैसे मर्द नामर्द है, खाना खर्चा नहीं देता. बुरा बर्ताव करता है, शौहर लापता है, पागल हो गया है आदि… काज़ी मामले की जांच पड़ताल करेगा. अगर काज़ी को लगता है कि वजहें सही हैं तो वो खुद ही औरत का निकाह काजी खत्म करेगा | अन्य समाज में स्त्री पुरुष दोनों को कोर्ट का दरवाजा खटकाने और अपने हक की लड़ाई लड़ने का अधिकार है कई बार शर्तों के साथ महिला कोर्ट के संरक्ष्ण में फिर से अपने पति के घर लौट सकती है |

के द्वारा: Shobha Shobha

श्री जवाहर जी मैं बुद्धि जीवी वर्ग को बताना चाहती थी किस तरह केवल टीआरपी बढाने के लिए ऐसे लोगों को चैनल वाले अपने उनके किसी भी कथन को लेकर बहस के लिए बुलाते हैं जबकि नेशनल अखबार कभी इन लोगों को भाव नहीं देते जिनमें दैनिक जागरण भी है जिसे हिंदी भाषी बहुत शौक से पढ़ते हैं अंजना ओम कश्यप एंकर थीं आज तक में बहस के दौरान हिन्दू मुस्लिम समाज एकत्रित कर ओबेसी और सम्पत महापात्रा की बहस कराई क्या यह शख्स देश जो भारत को मेरा देश अपना देश नहीं समझता उसे राष्ट्रीय नेता बनाने की कोशिश चैनल करते रहते हैं जबकि मुस्लिम समाज भी इन दो ओबेसीभाईयों को अपना नेता नहीं मानता |लेख पढने के लिए धन्यवाद

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: Rinki Raut Rinki Raut

शोभाजी नमस्कार, विपक्ष द्वारा संसद में हंगामा करना, हर बात का तिल का पहाड़ बनाना, केवल जनता के विकास कार्यों को रोकना मात्र है, कारण मोदी जी का तेज रफ़्तार से चलता हुआ विकास रथ है, काले धनपतियों की काली कमाई मिट्टी में मिलाने का आक्रोश है ! इन विपक्षियों को तो गूंगा, बहरा और अंधा प्रधान मंत्री चाहिए, जो सरकारी खाजाने पर पड़ने वाले डाके को देखकर आँख, कान और मुंह बंद कर दे ! लेकिन मोदीजी तो विकास पुरुष है उन्हें अपने देश की चिंता है, वे संयम सच्चे ईमानदार, गुणवान, सदाचारी संत वफादार, जन सेवक हैं, वे काला धनपतियों के काले कारनामों से पर्दा हटा रहे हैं और विपक्ष उसे ढकने का अथक प्रयासद कर रहा जनता के पैसों को बर्वाद करके ! विस्तृत और स्पष्ट लेख के लिए बधाई !

के द्वारा: harirawat harirawat

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

के द्वारा: achyutamkeshvam achyutamkeshvam

शोभाजी नमस्कार ! जेएनयू में प्रधान मंत्री का पुतला फूंकना, पाकिस्तान के जैकारा का नारा लगाना, ये उन कांग्रेसी और वामपंथी शक्तियों का काम है जिन्होंने अपने शासनकाल में देश को पीछे धकेला, भ्रष्टाचार रिश्वत खोरी फैलाया, जनता के पैसों को विकास की जगह अपने परिवार, नाते-रिश्तेदारों का विकास करवाने में खर्च किया! कालाधन का विस्तार किया, विदेशी बैंकों में तो जमा करवाया ही साथ ही अपने डब्बल ब्याड के अंदर भी सुरक्षित समझ कर रखा, गरीबों को और गरीब बनाया ! अब इनके ये रास्ते बंद होगये हैं ! सोने चांदी ड्रैग की तस्करी पर रोक लग गयी, ऊपर की इनकम बंद होगयी,नशिडी को नशा न मिले वह तिलमिलाने लगता है, वैसे ही इनकी हालात है ! इनमें कुछ वे गद्दार भी हैं जो देश की सुरक्षा की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान-चीन को पहुंचाते थे और भारी भरकम इनकम बदले में लेते थे, अब सारे रास्ते बंद होगये ! इन कमीनों को विश्व विद्यालय से ही निष्कासित कर जेल में बंद कर देना चाहिए !

के द्वारा: harirawat harirawat

शोभाजी नमस्कार ! ये सारे घटनाचक्र ये दिखाते है की कांग्रेसी मोदी की दिनों दिन बढ़ती हुई लोक प्रियता से इतना घबरा गए हैं की इन्हें कुछ सूझ ही नहीं रहा है की क्या करें, जिसे हमने अपने लंबे शासन के दिनों में सोचा भी नहीं था वह मोदी जी प्रत्यक्ष करके दिखा रहे हैं जनता में उनके विकास के कार्यों की प्रशंसा हो रही है, पाकिस्तान के अंदर जाकर सर्जिकल स्ट्राइक सैनिकों से कराकर एक नया इतिहास रच दिया, अरे आतंकी सरगनाओं की कमर ही तोड़ के रखदी ! ये कमीने जो प्रूफ मांग रहे हैं ये सारे दैशतगर्दी में जी रहे हैं, बड़े बड़े घोटाले किये हैं उसके बोझ तले दब रहे हैं, मरता क्या न करता, घोटाला के बोझ के तले पड़े हैं मोदी जी को जिम्मेदार बता रहे हैं ! अब इनके पास क्या रह गया बकवास करने के, ताकी कम से कम मीडिया में तो जीवित रहें !

के द्वारा: harirawat harirawat

शोभाजी नमस्कार ! मोदीजी के प्रधान मंत्री बनने पर सबसे बड़ी चोट सोनिया और राहुल को लगी ! वे तो अभी तक इस भरोसे से जी रहे थे की भारत में केंद्र के शासक केवल नेहरू गांधी के वंशज ही हैं ! अरे भाई, सबसे पहले राहुल से पूछो की दादा तो फिरोजखान फिर तुम गांधी कैसे होगये ? दूसरे और डरने वाली बात जो सोनिया और राहुल को हर वक्त परेशान कर रही है इस परिवार का बोफर्स, रक्षा संबंधी खरीद फरोख्त में घोटाला, नॅशनल हैराल्ड में करोड़ों का घोटाला, ! क्या ये लोग ईमानदार, विकास पुरुष को अपशब्द कह कर उनके देश के प्रति किये गए सुधारों पर नकारात्मक टिप्पणी करके,वे इन अफराधों से मुक्त हो जाएंगे ! मोदी जी का पुतला जाने की वकालात करने वाले ये सारे देश के गद्दार हैं और इन्हें क़ानून के दायरे में शक्त से शक्त सजा मिलनी चाहे ! विस्तरी लेख के लिए साधुवाद ! शोभा जी मैं कुछ ही दिन पहले स्वदेश आया हूँ !

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जय श्री राम शोभा जी मोदीजी की बढती लोकप्रियता से कांग्रेस इतनी घबराई की इस नीच हरकत पर उतर आई.न्सुई कांग्रेस का संगठन है बिना सोनिया राहुल के ये हरकत नहीं हो सकती ऊपर से कांग्रेस के नेता इसे सही साबित कर रहे.देश के विरोधी राजनेता कुर्सी के लिए देश बेच सकते है.प्रधान मंत्री देश का होता है न की दल का !मोदीजी ने पकिस्तान को अलगथलग कर बहुत बड़ी कूटनीतिक सफलता प्राप्त की और सर्जीलाल स्ट्राइक कर उसकी बोलती बंद कर दी.जे एन यू देश द्रोही कार्यवाही के लिए ज्यादा प्रसिद्द है और अदालते बहुत जल्दी जमानत दे देती है.ऐसी हरकते अमेरिका पच्छिमी देशो में नहीं होती इनके खिलफ राष्ट्र द्रोह का मुकदमा चलना चाइये.सुन्दर लेख के लिए आभार.

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जय श्री राम शोभा जी सुन्दर विवरण के लिए बधाई.जब खर दूषण त्रिशरा मारे गए और सूचना सूपनखा ने रावण को दी तो उसने विचार किया खर दूषण मोई सम बलवंता तिन्ही को मारे  बिन भगवंता,तब रावन ने सोचा के होहई भजन न तामस  देहा इससे अच्छा भगवान् के हाथ मर  कर मुक्ति पाऊ इसीलिये वह युद्ध बंद नहीं कर रहा था जबकि मंदोदरी,कुम्भकरण,हनुमानजी,अंगद जी माल्यवंत  आदि ने बहुत  समझाया ,उसकी सोच यदि साधारण मनुष्य तो जीत  लेंगे और भगवान् हुए तो मुक्ति मिल  जायेगी.भगवान् राम को जीतने में बहुत मेहनत  और बहुत योजनाये बनानी पडी.मरते वक़्त उसने लक्ष्मण जी को जो उपदेश दिए वे बहुत ही व्यावारिक थे.१.अच्छे  काम  को फ़ौरन करे बुरे को ताल दे फिर कहता हमने सीताजी का अपहरण कर लिया लेकिन स्वर्ग तक सीडी बनवाना और समुद्रजल को मीठा बनाने का काम ताल गया.रामायण जितनी पढी जाए उतनी ज्ञान बढ़ता खास कर कथावाचको द्वारा.आपकी सुन्दर लेखन कला के लिए शब्द नहीं.

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